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किसान सम्मन दिवस का हुआ आयोजन संशोंधित
Updated Sun, 24 Dec 2017 12:14 AM IST
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बिजनौर। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. चौधरी चरण सिंह की जयंती पर किसान सम्मान दिवस का आयोजन हुआ। किसान मेला लगा। विभिन्न विभागों द्वारा स्टाल लगाकर अपने उत्पादों का प्रदर्शन किया गया है। इस मौके पर सांसद यशवंत सिंह व डीएम जगतराज ने विभिन्न क्षेत्र में सराहनीय प्रदर्शन के लिए जिला व ब्लाक स्तर के 94 किसानों को सम्मनित किया। किसानों को कृषि व मृदा स्वास्थ्य कार्ड बांटे। मुख्य अतिथि सांसद यशवंत सिंह ने कहा कि चौधरी चरण सिंह ने किसानों के अस्तित्व की रक्षा की थी। पश्चिमी उत्तरप्रदेश चौधरी साहब की राजनीतिक नर्सरी है। जमींदारी उन्मूलन व चकबंदी पूर्व प्रधानमंत्री की देन है। अध्यक्षता कर रहे डीएम जगतराज ने किसानों को जागरूक बनने का आह्वान किया है।
पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की 116 वी जयंती किसान सम्मान दिवस के रूप में मनाई गई है। इस मौके पर नुमाइश मैदान में किसान मेले का आयोजन हुआ। मेले में दो दर्जन से अधिक सरकारी विभागों व निजी कंपनियों ने स्टाल लगाकर अपने उत्पादों व शासन की योजनाओं का प्रदर्शन किया। सबसे बड़ा गन्ना विभाग का स्टाल था। गन्ने की नई प्रजातियों का प्रदर्शन किया। सांसद यशवंत सिंह, डीएम जगतराज व एसपी प्रभाकर चौधरी ने स्टाल का निरीक्षण किया। कार्यक्रम आयोजक उपनिदेशक कृषि भूपेंद्र चौधरी ने किसान सम्मान दिवस के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के व्यक्तित्व व कृतित्व पर प्रकाश डाला। सांसद यशवंत सिंह ने कहा कि किसान समाज की रीढ़ है। सहकारिता का विरोध करके उन्होंने किसानों का वजूद बचाया। हरित व श्वेत क्रांति के जनक चौधरी चरण सिंह किसानों के साथ रोटी-बेटी का रिश्ता मानते थे। जिला गन्ना उत्पादन में अग्रणी हो गया है। इसका श्रेेय किसानों को जाता है। किसानों से खेती में वैज्ञानिक तकनीक अपनाने की अपील की गई है। डीएम जगतराज चौधरी साहब को सिद्धांतवादी नेता बताया। डीएम ने कहा कि समाज में अच्छे लोगों की कमी नहीं है। किसान के विकास से देश का विकास है। किसान जागरूक बनें, तभी उनका शोषण बंद होगा। डीएम ने प्रदेश सरकार द्वारा किसानों के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी विस्तार से दी। एसपी प्रभाकर चौधरी ने किसानों से कहा कि वे अपने बच्चों को शिक्षित बनाएं। विजयपाल सिंह, राजेंद्र सिंह, रामअवतार सिंह जिला पंचायत सदस्य मोनिका सिंह आदि ने विचार रखे। संचालन योगेंद्र पाल योगी ने किया। जिला कृषि अधिकारी अवधेश मिश्र, सीवीओ भूपेंद्र सिंह, नगीना कृषि शोध संस्थान के वैज्ञानिक मौजूद रहे।
94 किसान सम्मानित
बिजनौर। किसान मेले में जिले के किसानों को सम्मानित किया गया है। इनमें जिला स्तर सम्मान पाने वाले 32 किसान तथा ब्लाक स्तर का सम्मान पाने वाले 62 किसान है। जिलास्तर पर प्रथम रहने वाले किसान को सात हजार रुपये तथा द्वितीय स्थान पाने वाले किसान को पांच हजार रुपये दिए गए हैं, जो किसानों के खाते में भेजी जाएगी। ब्लॉक स्तर पर दो हजार रुपये मिलेंगे। समारोह में सम्मानित होने वाले किसानों को प्रशस्ति पत्र दिया गया है। सम्मान पाने वाले किसानों में सबसे ज्यादा संख्या गन्ना उत्पादन में रिकार्ड बनाने वाले किसानों की है।
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किसानों ने बिजली कर बढ़ी दर वापस लेने की मांग की
बिजनौर। किसान मेेले में जिस समय सांसद यशवंत सिंह अपनी सरकार की उपलब्धि गिना रहे थे तो किसानों ने बिजली की बढ़ी दर वापस लेने की हाथ उठाकर मांग करनी शुरू कर दी। किसानों का कहना था कि गांवों में मीटर नहीं लगने चाहिए। इस पर सांसद ने कहा कि लोग 24 घंटे बिजली देने की मांग करते हैं। बिजली ज्यादा आएगी तो बिल भी ज्यादा आएगा। सांसद ने कहा कि वह भी गांवों में किसानों के यहां मीटर लगने के पक्ष में नहीं है।
किसानों को योजनाओं की जानकारी नहीं निकली
बिजनौर। किसान मेले में आए किसानों को शासन की योजनाओं के बारे में ज्ञान शून्य निकला। डीएम ने पंडाल में मौजूद किसानों से पूछा कि क्या उन्हें ग्राम पंचायत विकास आदि योजनाओं की जानकारी है तो किसी किसान ने हाथ नहीं उठाया। किसानों का आरोप है कि कोई अधिकारी उन्हें शासन की योजनाओं के बारे में नहीं बताता है। योजनाओं का केवल अधिकारियों को पता है। ज्यादातर योजना कागजों में चल रही है। इसके बाद डीएम ने बिंदुवार शासन की योजनाओं की जानकारी दी।
अपराध नियंत्रण के लिए गांवों में होगी बैठक
बिजनौर। किसान मेले में एस पी प्रभाकर चौधरी पूरी तरह शायराना अंदाज में नजर आए। एसपी ने अपने भाषण की शुरुआत व समापन शायरी से की। एसपी ने कहा कि अपराध नियंत्रण के लिए गांव-गांव बैठक होंगी। साइबर क्राइम कंट्रोल को प्रभावी बनाएंगे।
अव्यवस्था रही
बिजनौर। किसान मेले में करीब 1500 किसान मौजूद रहे। किसानों के बैठने के लिए पंडाल में बैठने की व्यवस्था कम भी। काफी किसान पूरे कार्यक्रम में खडे़ रहे। किसान शोर मचाकर कह रहे थे कि उनके बैठने की व्यवस्था की जाए, लेकिन उनकी बात किसी ने नहीं सुनी।
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पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की 116 वी जयंती किसान सम्मान दिवस के रूप में मनाई गई है। इस मौके पर नुमाइश मैदान में किसान मेले का आयोजन हुआ। मेले में दो दर्जन से अधिक सरकारी विभागों व निजी कंपनियों ने स्टाल लगाकर अपने उत्पादों व शासन की योजनाओं का प्रदर्शन किया। सबसे बड़ा गन्ना विभाग का स्टाल था। गन्ने की नई प्रजातियों का प्रदर्शन किया। सांसद यशवंत सिंह, डीएम जगतराज व एसपी प्रभाकर चौधरी ने स्टाल का निरीक्षण किया। कार्यक्रम आयोजक उपनिदेशक कृषि भूपेंद्र चौधरी ने किसान सम्मान दिवस के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के व्यक्तित्व व कृतित्व पर प्रकाश डाला। सांसद यशवंत सिंह ने कहा कि किसान समाज की रीढ़ है। सहकारिता का विरोध करके उन्होंने किसानों का वजूद बचाया। हरित व श्वेत क्रांति के जनक चौधरी चरण सिंह किसानों के साथ रोटी-बेटी का रिश्ता मानते थे। जिला गन्ना उत्पादन में अग्रणी हो गया है। इसका श्रेेय किसानों को जाता है। किसानों से खेती में वैज्ञानिक तकनीक अपनाने की अपील की गई है। डीएम जगतराज चौधरी साहब को सिद्धांतवादी नेता बताया। डीएम ने कहा कि समाज में अच्छे लोगों की कमी नहीं है। किसान के विकास से देश का विकास है। किसान जागरूक बनें, तभी उनका शोषण बंद होगा। डीएम ने प्रदेश सरकार द्वारा किसानों के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी विस्तार से दी। एसपी प्रभाकर चौधरी ने किसानों से कहा कि वे अपने बच्चों को शिक्षित बनाएं। विजयपाल सिंह, राजेंद्र सिंह, रामअवतार सिंह जिला पंचायत सदस्य मोनिका सिंह आदि ने विचार रखे। संचालन योगेंद्र पाल योगी ने किया। जिला कृषि अधिकारी अवधेश मिश्र, सीवीओ भूपेंद्र सिंह, नगीना कृषि शोध संस्थान के वैज्ञानिक मौजूद रहे।
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94 किसान सम्मानित
बिजनौर। किसान मेले में जिले के किसानों को सम्मानित किया गया है। इनमें जिला स्तर सम्मान पाने वाले 32 किसान तथा ब्लाक स्तर का सम्मान पाने वाले 62 किसान है। जिलास्तर पर प्रथम रहने वाले किसान को सात हजार रुपये तथा द्वितीय स्थान पाने वाले किसान को पांच हजार रुपये दिए गए हैं, जो किसानों के खाते में भेजी जाएगी। ब्लॉक स्तर पर दो हजार रुपये मिलेंगे। समारोह में सम्मानित होने वाले किसानों को प्रशस्ति पत्र दिया गया है। सम्मान पाने वाले किसानों में सबसे ज्यादा संख्या गन्ना उत्पादन में रिकार्ड बनाने वाले किसानों की है।
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किसानों ने बिजली कर बढ़ी दर वापस लेने की मांग की
बिजनौर। किसान मेेले में जिस समय सांसद यशवंत सिंह अपनी सरकार की उपलब्धि गिना रहे थे तो किसानों ने बिजली की बढ़ी दर वापस लेने की हाथ उठाकर मांग करनी शुरू कर दी। किसानों का कहना था कि गांवों में मीटर नहीं लगने चाहिए। इस पर सांसद ने कहा कि लोग 24 घंटे बिजली देने की मांग करते हैं। बिजली ज्यादा आएगी तो बिल भी ज्यादा आएगा। सांसद ने कहा कि वह भी गांवों में किसानों के यहां मीटर लगने के पक्ष में नहीं है।
किसानों को योजनाओं की जानकारी नहीं निकली
बिजनौर। किसान मेले में आए किसानों को शासन की योजनाओं के बारे में ज्ञान शून्य निकला। डीएम ने पंडाल में मौजूद किसानों से पूछा कि क्या उन्हें ग्राम पंचायत विकास आदि योजनाओं की जानकारी है तो किसी किसान ने हाथ नहीं उठाया। किसानों का आरोप है कि कोई अधिकारी उन्हें शासन की योजनाओं के बारे में नहीं बताता है। योजनाओं का केवल अधिकारियों को पता है। ज्यादातर योजना कागजों में चल रही है। इसके बाद डीएम ने बिंदुवार शासन की योजनाओं की जानकारी दी।
अपराध नियंत्रण के लिए गांवों में होगी बैठक
बिजनौर। किसान मेले में एस पी प्रभाकर चौधरी पूरी तरह शायराना अंदाज में नजर आए। एसपी ने अपने भाषण की शुरुआत व समापन शायरी से की। एसपी ने कहा कि अपराध नियंत्रण के लिए गांव-गांव बैठक होंगी। साइबर क्राइम कंट्रोल को प्रभावी बनाएंगे।
अव्यवस्था रही
बिजनौर। किसान मेले में करीब 1500 किसान मौजूद रहे। किसानों के बैठने के लिए पंडाल में बैठने की व्यवस्था कम भी। काफी किसान पूरे कार्यक्रम में खडे़ रहे। किसान शोर मचाकर कह रहे थे कि उनके बैठने की व्यवस्था की जाए, लेकिन उनकी बात किसी ने नहीं सुनी।