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चिकित्सकों ने काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया
Updated Tue, 02 Oct 2018 12:06 AM IST
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चिकित्सकों ने काली पट्टी बांध किया विरोध
रेहड़। सरकारी चिकित्सकों ने अपनी मांगों को लेकर काली पट्टी बांधकर सांकेतिक विरोध करते मरीजों का उपचार किया। चिकित्सकों ने चेताया यदि मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन होगा।
सोमवार को चिकित्सकों ने काली पट्टी बांधकर सांकेतिक विरोध करते हुए मरीजों का परीक्षण किया। पीएचसी प्रभारी डा. रजनीश ने बताया की प्रदेश संगठन के आह्वान पर काली पट्टी बांधकर काम किया है। उनका आरोप है कि स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति का विकल्प रखना, दूसरे राज्यों की तरह एनपीए 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 35 प्रतिशत करना, प्रति पोस्टमार्टम सौ रुपये के स्थान पर दो हजार व ड्यूटी के आठ घंटे निर्धारित करना आदि मांग लंबे समय से लांबित पड़ी हैं। सरकार सुध नहीं ले रही है। चेताया यदि सरकार ने उनकी मांग को गंभीरता पूर्वक लेकर निदान नहीं किया तो प्रदेश व्यापी आंदोलन होगा। जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। विरोध में पीएचसी प्रभारी डा. रजनीश कुमार, चिकित्सक राजकुमार सिंह, महिला चिकित्सक ममता कर्णवाल शामिल रहीं।
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रेहड़। सरकारी चिकित्सकों ने अपनी मांगों को लेकर काली पट्टी बांधकर सांकेतिक विरोध करते मरीजों का उपचार किया। चिकित्सकों ने चेताया यदि मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन होगा।
सोमवार को चिकित्सकों ने काली पट्टी बांधकर सांकेतिक विरोध करते हुए मरीजों का परीक्षण किया। पीएचसी प्रभारी डा. रजनीश ने बताया की प्रदेश संगठन के आह्वान पर काली पट्टी बांधकर काम किया है। उनका आरोप है कि स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति का विकल्प रखना, दूसरे राज्यों की तरह एनपीए 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 35 प्रतिशत करना, प्रति पोस्टमार्टम सौ रुपये के स्थान पर दो हजार व ड्यूटी के आठ घंटे निर्धारित करना आदि मांग लंबे समय से लांबित पड़ी हैं। सरकार सुध नहीं ले रही है। चेताया यदि सरकार ने उनकी मांग को गंभीरता पूर्वक लेकर निदान नहीं किया तो प्रदेश व्यापी आंदोलन होगा। जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। विरोध में पीएचसी प्रभारी डा. रजनीश कुमार, चिकित्सक राजकुमार सिंह, महिला चिकित्सक ममता कर्णवाल शामिल रहीं।
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