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बाबुल के शव को साक्षी मान डोली में बैठी बेटी
करहां (मऊ)/संवाददाता
Updated Thu, 30 May 2013 07:28 PM IST
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शादी के दिन पिता की मौत होने पर बेटी ने बाबुल के शव को विवाह की वेदी के निकट रखकर विवाह रचाया। लड़की वालों ने इसके लिए वर पक्ष के लोगों को राजी कर लिया।
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मामला उत्तरप्रदेश के रानीपुर थाना क्षेत्र का है। शादी की रस्में पूरी होने के बाद नवदंपति ने पिता को श्रद्धांजलि अर्पित कर आर्शीवाद लिया।
विवाह संपन्न होने के बाद एक तरफ बेटी की डोली उठी तो दूसरी तरफ अंतिम संस्कार के लिए पिता की अर्थी को श्मशान घाट ले जाया गया।
याकुबपुर गांव के अमरनाथ सिंह की बेटी पूनम सिंह की शादी सुतरहीं गांव के सोनू से 29 मई को वनदेवी मंदिर में होनी तय थी। दुर्भाग्य से इसी दिन पूनम के पिता की हालत बिगड़ी और मौत हो गई।
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ऐसे में घर में शादी की खुशी का माहौल मातम में बदल गया। अब मामला शादी होने या न होने के बीच आ अटका। पिता की अंतिम इच्छा थी कि बेटी की शादी उनके सामने हो।
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वर पक्ष के लोगों को बेटी के पिता की मौत की सूचना दे दी गई, साथ ही बाबुल की आखिरी इच्छा से भी वाकिफ करा दिया गया। होने वाली दुल्हन के पिता की मौत सुनकर लड़के पक्ष के लोग भी याकुबपुर आ आए।
दोनों पक्षों ने काफी विचार के बाद पूनम के पिता की अंतिम इच्छा पूरी करने के लिए शादी उसी दिन करने का निर्णय लिया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच वर-वधू की शादी संपन्न कराई गई।
एक तरफ मंडप में बेटी दुल्हन बनी बैठी थी, दूसरी तरफ उसी मंडप के बाहर सजी अर्थी में पिता का शव पड़ा था। यह दृश्य जिसने भी देखा, उसकी आंखों से आंसुओं की धार निकल पड़ी।
पूनम-सोनू की शादी क्षेत्र में चर्चा का विषय होने के साथ ही लोग वर पक्ष के सहयोगात्मक रवैये की भी जीभर कर प्रशंसा कर रहे हैं।