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जिपं अध्यक्ष चुनाव: सपा का ढहा किला, टूटा वर्चस्व
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ज्ञानपुर। जिला पंचायत अध्यक्ष सीट के लिए सपा प्रत्याशी श्याम कुमारी के नामांकन न करने से सपा के दो दशक का वर्चस्वत शनिवार को टूट गया। इस दौरान ज्ञानपुर विधायक विजय मिश्र की अनुपस्थिति भी लोगों के चर्चा का विषय बनी रही। परोक्ष-अपरोक्ष रूप से ज्ञानपुर विधायक विजय मिश्र के इर्द-गिर्द ही रहने वाली जिला पंचायत अध्यक्ष का पद पहली बार हाथ से निकल गई। सपा प्रत्याशी के नामांकन न करने से अब लड़ाई भाजपा बनाम भाजपा होती दिख रही है।
1994 में जनपद सृजन के बाद 1995 में जिला पंचायत का गठन हुआ। वर्ष 2010 से 2012 में बसपा की श्यामला सरोज को छोड़ दिया जाए तो 23 साल तक अध्यक्ष की कुर्सी पर कब्जा रहा। जिसमें ज्ञानपुर विधायक विजय मिश्र के करीबी ही अध्यक्ष बनते रहे। वर्ष 2000 में ज्ञानपुर विधायक विजय मिश्र, 2002 में रामलली मिश्र, 2005 में रामलली मिश्र, 2012 में रीना सोनकर, 2015 में काजल यादव अध्यक्ष बनीं। सपा प्रत्याशी के नामांकन न करने से भाजपा की चिट भी मेरी पट भी मेरी वाली स्थिति हो गई है। विधायक के भाई की जीत हुई तब भी भाजपा और अधिकृत प्रत्याशी जीते तब भी भाजपा ही होगी। सपा जिलाध्यक्ष विकास यादव का 10 सदस्यों का दावा भी फेल हो गया। सपा प्रत्याशी श्याम कुमारी के प्रतिनिधि कुंवर प्रमोद चंद्र मौर्य ने कहा कि उनका भतीजा बहू का नामांकन कराने के लिए कलेक्ट्रेट के लिए निकला। उसके बाद कहां चला गया पता नहीं। इसकी शिकायत पुलिस से करेंगे। सपा जिलाध्यक्ष विकास यादव ने फिल्मी अंदाज में कहा कि मुझे अपनों ने लूटा गैरों में कहां दम था। कहा कि पार्टी प्रत्याशी ने क्यों पर्चा नहीं भरा इसकी जांच कराई जाएगी। जो भी पार्टी के खिलाफ गए हैं उनके खिलाफ शीर्ष नेतृत्व से शिकायत की जाएगी।
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1994 में जनपद सृजन के बाद 1995 में जिला पंचायत का गठन हुआ। वर्ष 2010 से 2012 में बसपा की श्यामला सरोज को छोड़ दिया जाए तो 23 साल तक अध्यक्ष की कुर्सी पर कब्जा रहा। जिसमें ज्ञानपुर विधायक विजय मिश्र के करीबी ही अध्यक्ष बनते रहे। वर्ष 2000 में ज्ञानपुर विधायक विजय मिश्र, 2002 में रामलली मिश्र, 2005 में रामलली मिश्र, 2012 में रीना सोनकर, 2015 में काजल यादव अध्यक्ष बनीं। सपा प्रत्याशी के नामांकन न करने से भाजपा की चिट भी मेरी पट भी मेरी वाली स्थिति हो गई है। विधायक के भाई की जीत हुई तब भी भाजपा और अधिकृत प्रत्याशी जीते तब भी भाजपा ही होगी। सपा जिलाध्यक्ष विकास यादव का 10 सदस्यों का दावा भी फेल हो गया। सपा प्रत्याशी श्याम कुमारी के प्रतिनिधि कुंवर प्रमोद चंद्र मौर्य ने कहा कि उनका भतीजा बहू का नामांकन कराने के लिए कलेक्ट्रेट के लिए निकला। उसके बाद कहां चला गया पता नहीं। इसकी शिकायत पुलिस से करेंगे। सपा जिलाध्यक्ष विकास यादव ने फिल्मी अंदाज में कहा कि मुझे अपनों ने लूटा गैरों में कहां दम था। कहा कि पार्टी प्रत्याशी ने क्यों पर्चा नहीं भरा इसकी जांच कराई जाएगी। जो भी पार्टी के खिलाफ गए हैं उनके खिलाफ शीर्ष नेतृत्व से शिकायत की जाएगी।
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