{"_id":"68433a28f28d8fcab0069364","slug":"wheat-procurement-halted-at-1750-bhadohi-news-c-191-1-svns1015-127107-2025-06-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhadohi News: 17.50 फीसदी पर ठिठकी गेहूं की खरीद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhadohi News: 17.50 फीसदी पर ठिठकी गेहूं की खरीद
विज्ञापन
ज्ञानपुर। क्रय केंद्र प्रभारियों की उदासीनता कहें या फिर बाजार में अधिक कीमत मिलने से गेहूं खरीद की रफ्तार ठिठक गई है। खरीद के लिए अब चंद दिन शेष हैं। ऐसे में लक्ष्य पूरा करना मुश्किल दिख रहा है। अभी तक मात्र 17.50 फीसदी ही खरीद हो सकी है। क्रय केंद्रों पर सन्नाटा पसरा है। ऐसे में 15 जून तक 20 फीसदी तक पहुंचना मुश्किल दिख रहा है। साल 2024 में लक्ष्य ढाई गुना अधिक होने पर भी पांच हजार मिट्रिक टन के करीब खरीद हुई थी।
रबी और खरीफ सीजन में सरकार गेहूं और धान किसानों से खरीदती है। अबकी बार 17 मार्च से जिले में गेहूं खरीद के लिए 36 क्रय केंद्र खोले गए, हालांकि खरीद की शुरूआत अप्रैल के पहले सप्ताह में शुरू हो सकी। मई में खरीद में तेजी आई, हालांकि जून के पहले सप्ताह तक खरीद ठिठक गई है। छह जून तक 18 हजार 500 मिट्रिक टन के सापेक्ष 3237 मिट्रिक टन की खरीद हो सकी है। जंगीगंज, गोपीगंज, औराई के विपणन केंद्रों को छोड़ दिया जाए तो अन्य केंद्रों पर खरीद की स्थिति ठीक नहीं है। अब तक हुई खरीद पर नजर डाली जाए तो विपणन विभाग के छह केंद्रों को मिले लक्ष्य के मुकाबले 50 फीसदी खरीद हुई जबकि अन्य केंद्रों की हालत ठीक नहीं रही। इसके लिए एजेंसियों को नोटिस जारी किया गया है, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हो सका है। गेहूं खरीद कम होने के पीछे कुछ क्रय केंद्र प्रभारियों की उदासीनता भी है। खरीद की सुस्त रफ्तार का मुख्य कारण बाजार में गेहूं की अधिक कीमत होना भी है। व्यापारियों ने किसानों से संपर्क करके खलिहान और घर से ही खरीद कर लिया है। जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी देवेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि केंद्रों पर पहुंचने वाले किसानों को गेहूं खरीद के लिए सभी सुविधाएं दी गई। खरीद बढ़ाने के लिए मोबाइल क्रय केंद्रों का प्रयोग किया गया। तमाम कवायद के बाद भी 17.50 फीसदी खरीद हो सकी है।
विज्ञापन
रबी और खरीफ सीजन में सरकार गेहूं और धान किसानों से खरीदती है। अबकी बार 17 मार्च से जिले में गेहूं खरीद के लिए 36 क्रय केंद्र खोले गए, हालांकि खरीद की शुरूआत अप्रैल के पहले सप्ताह में शुरू हो सकी। मई में खरीद में तेजी आई, हालांकि जून के पहले सप्ताह तक खरीद ठिठक गई है। छह जून तक 18 हजार 500 मिट्रिक टन के सापेक्ष 3237 मिट्रिक टन की खरीद हो सकी है। जंगीगंज, गोपीगंज, औराई के विपणन केंद्रों को छोड़ दिया जाए तो अन्य केंद्रों पर खरीद की स्थिति ठीक नहीं है। अब तक हुई खरीद पर नजर डाली जाए तो विपणन विभाग के छह केंद्रों को मिले लक्ष्य के मुकाबले 50 फीसदी खरीद हुई जबकि अन्य केंद्रों की हालत ठीक नहीं रही। इसके लिए एजेंसियों को नोटिस जारी किया गया है, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हो सका है। गेहूं खरीद कम होने के पीछे कुछ क्रय केंद्र प्रभारियों की उदासीनता भी है। खरीद की सुस्त रफ्तार का मुख्य कारण बाजार में गेहूं की अधिक कीमत होना भी है। व्यापारियों ने किसानों से संपर्क करके खलिहान और घर से ही खरीद कर लिया है। जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी देवेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि केंद्रों पर पहुंचने वाले किसानों को गेहूं खरीद के लिए सभी सुविधाएं दी गई। खरीद बढ़ाने के लिए मोबाइल क्रय केंद्रों का प्रयोग किया गया। तमाम कवायद के बाद भी 17.50 फीसदी खरीद हो सकी है।
विज्ञापन