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Bhadohi News: फ्लाईओवर से अब नहीं गिरेगा पानी, पाइप कराया ठीक
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गोपीगंज फ्लाईओवर में पाईप लगाते कर्मचारी। संवाद
गोपीगंज। नगर की कई साल से चली आ रही समस्या का मंगलवार को समाधान शुरू हो गया। वाराणसी-प्रयागराज हाईवे के फ्लाईओवर से आधा दर्जन से अधिक जगहों पर बारिश की झरने की तरह गिरने वाले पानी को रोकने के लिए एनएचएआई की टीम ने मंगलवार को काम शुरू कर दिया। सुबह से शाम तक एनएचएआई के लोग जगह-जगह पाइपों को दुरूस्त करने में जुटे रहे। ताकि बारिश के बाद फ्लाईओवर के नीचे पानी न गिरे।
वाराणसी-प्रयागराज हाईवे हंडिया-राजातालाब खंड के 82 किमी के दायरे का जिम्मा हाईवे की कार्यदायी संस्था देखती है। हाईवे के रखरखाव व आने वाले समस्याओं के निस्तारण की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था की ही होती है। गोपीगंज फ्लाईओवर इस हाईवे के सबसे बड़े फ्लाईओवर में से एक है। इस हाईवे की लंबाई करीब ढाई किमी है। फ्लाईओवर में दर्जनों जगहों पर क्षतिग्रस्त हो चुके पाइप के कारण बारिश के दौरान झरने की तरह पानी गिरता है। इन दिनों कांवड़ यात्रा चल रही है। जिसके कारण फ्लाईओवर के नीचे बारिश में शरण लेने वाले कांवड़ियों व शिविर लगाने वाले सेवादारों को फ्लाईओवर से गिर रहे पानी से काफी परेशानी उठानी होती है।
इसके अलावा स्थानीय व्यापारियों को भी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। डीएम शैलेश कुमार ने मामले में सख्ती दिखाते हुए कार्यदायी संस्था एनएचएआई को समस्या को तत्काल दुरूस्त कराने का निर्देश दिया। डीएम के निर्देश के बाद मंगलवार की सुबह से ही फ्लाईओवर की पाइपों को बदलने और दुरूस्त किए जाने का काम शुरू कर दिया गया। पाइप बदल दिए जाने के बाद कई सालों से चली आ रही समस्या का समाधान हो सकेगा। कार्यदायी संस्था के सीनियर अधिकारी राजपुरोहित ने बताया कि फ्लाईओवर की सभी पाइपों को दुरूस्त किया जा रहा है। जो पाइप अधिक क्षतिग्रस्त है, उसे बदला भी जाएगा। ताकि पानी पाइप के सहारे सीधे नाले में चला जाए।
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वाराणसी-प्रयागराज हाईवे हंडिया-राजातालाब खंड के 82 किमी के दायरे का जिम्मा हाईवे की कार्यदायी संस्था देखती है। हाईवे के रखरखाव व आने वाले समस्याओं के निस्तारण की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था की ही होती है। गोपीगंज फ्लाईओवर इस हाईवे के सबसे बड़े फ्लाईओवर में से एक है। इस हाईवे की लंबाई करीब ढाई किमी है। फ्लाईओवर में दर्जनों जगहों पर क्षतिग्रस्त हो चुके पाइप के कारण बारिश के दौरान झरने की तरह पानी गिरता है। इन दिनों कांवड़ यात्रा चल रही है। जिसके कारण फ्लाईओवर के नीचे बारिश में शरण लेने वाले कांवड़ियों व शिविर लगाने वाले सेवादारों को फ्लाईओवर से गिर रहे पानी से काफी परेशानी उठानी होती है।
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इसके अलावा स्थानीय व्यापारियों को भी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। डीएम शैलेश कुमार ने मामले में सख्ती दिखाते हुए कार्यदायी संस्था एनएचएआई को समस्या को तत्काल दुरूस्त कराने का निर्देश दिया। डीएम के निर्देश के बाद मंगलवार की सुबह से ही फ्लाईओवर की पाइपों को बदलने और दुरूस्त किए जाने का काम शुरू कर दिया गया। पाइप बदल दिए जाने के बाद कई सालों से चली आ रही समस्या का समाधान हो सकेगा। कार्यदायी संस्था के सीनियर अधिकारी राजपुरोहित ने बताया कि फ्लाईओवर की सभी पाइपों को दुरूस्त किया जा रहा है। जो पाइप अधिक क्षतिग्रस्त है, उसे बदला भी जाएगा। ताकि पानी पाइप के सहारे सीधे नाले में चला जाए।
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