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Bhadohi News: पंडालों में विराजे विघ्नहर्ता, दर्शन को लगी भक्तों की कतार
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जिले में गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर विघ्नहर्ता गणपति महाराजा पंडाल में विराजमान हो गए। शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों तक गणिपति बप्पा मोरया के बीच भगवान गणेश की प्रतिभाएं पंडालों में स्थापित की गई। इस दौरान दोनों पहर गणेश जी की विधिवत आरती उतारी गई। गणपति पंडालों को रंग-बिरंगी लाइटें और फूलों से सजाया गया।
जनपद में अलग-अलग स्थानों पर गणपति बप्पा विराजमान हुए। मुख्यालय से लेकर ग्रामीण अंचलों तक हर कोई भक्ति में सराबोर रहे। बाल श्री सिद्धि विनायक गणेश पूजनोत्सव समिति खमरियां, गणेश उत्सव मंडल कौलापुर और गणपति पूजनोत्सव समिति ज्ञानपुर, सिद्ध विनायक एकता ग्रुप जगापुर ढेलवरियां, ज्ञानपुर पुरानी बाजार में जायसवाल परिवार के अलावा गोपीगंज के नगरीय व ग्रामीण इलाकों में गणेशोत्सव की धूम रही। गणेश मंदिर के साथ विभिन्न स्थानों पर सजाए गए पूजन पंडालों में मूर्ति स्थापित कर पूजन आरंभ किया गया। लोगाें ने विघ्नहर्ता से सुख समृद्धि की कामना की। खमरियां के बाल श्री सिद्धिविनायक गणेश पूजनोत्सव समिति द्वारा पिछले 14 वर्षों से निरंतर बाप्पा को गणेशजी की प्रतिमा स्थापित की जाती है। यहां पर रामचरित मानस पाठ का आयोजन किया जाता है। समिति के हरिकेश सिंह, शिवांश जायसवाल, रोहित गुप्ता मौजूद रहे। गणपति पूजनोत्सव समिति की ओर से 23 सितंबर को झांकी निकाली जाएगी। समिति के रमेश पासी, राजू रावत, राजू पांडेय, अनूप गुप्ता, नन्हे लाल यादव, गाविंदा पाल मौजूद रहे। आचार्य शरद पांडेय के अनुसार सनातन धर्म में भाद्रपद कृष्ण चतुर्थी अर्थात गणेश चतुर्थी का अपना एक विशेष स्थान है। शास्त्र के अनुसार इस व्रत को उसी चतुर्थी में करना चाहिए, जो चंद्रमा के उदय में व्याप्त हो, क्योंकि संकष्टी चतुर्थी की व्रत कथा में भाद्रपद की चौथ की चंद्रमा उदय होने पर विघ्न विनाशक प्रथम आराध्य गणेश जी के साथ चंद्र पूजन और अर्घ देने का विधान है। चंद्रोदय व्यापिनी चतुर्थी व्रत की पूजा का विधान है। गणपति 19 से 28 सितंबर लोगों के बीच रहेंगे। इसके बाद अनंत चतुर्दशी को विसर्जित किया जाएगा।
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जनपद में अलग-अलग स्थानों पर गणपति बप्पा विराजमान हुए। मुख्यालय से लेकर ग्रामीण अंचलों तक हर कोई भक्ति में सराबोर रहे। बाल श्री सिद्धि विनायक गणेश पूजनोत्सव समिति खमरियां, गणेश उत्सव मंडल कौलापुर और गणपति पूजनोत्सव समिति ज्ञानपुर, सिद्ध विनायक एकता ग्रुप जगापुर ढेलवरियां, ज्ञानपुर पुरानी बाजार में जायसवाल परिवार के अलावा गोपीगंज के नगरीय व ग्रामीण इलाकों में गणेशोत्सव की धूम रही। गणेश मंदिर के साथ विभिन्न स्थानों पर सजाए गए पूजन पंडालों में मूर्ति स्थापित कर पूजन आरंभ किया गया। लोगाें ने विघ्नहर्ता से सुख समृद्धि की कामना की। खमरियां के बाल श्री सिद्धिविनायक गणेश पूजनोत्सव समिति द्वारा पिछले 14 वर्षों से निरंतर बाप्पा को गणेशजी की प्रतिमा स्थापित की जाती है। यहां पर रामचरित मानस पाठ का आयोजन किया जाता है। समिति के हरिकेश सिंह, शिवांश जायसवाल, रोहित गुप्ता मौजूद रहे। गणपति पूजनोत्सव समिति की ओर से 23 सितंबर को झांकी निकाली जाएगी। समिति के रमेश पासी, राजू रावत, राजू पांडेय, अनूप गुप्ता, नन्हे लाल यादव, गाविंदा पाल मौजूद रहे। आचार्य शरद पांडेय के अनुसार सनातन धर्म में भाद्रपद कृष्ण चतुर्थी अर्थात गणेश चतुर्थी का अपना एक विशेष स्थान है। शास्त्र के अनुसार इस व्रत को उसी चतुर्थी में करना चाहिए, जो चंद्रमा के उदय में व्याप्त हो, क्योंकि संकष्टी चतुर्थी की व्रत कथा में भाद्रपद की चौथ की चंद्रमा उदय होने पर विघ्न विनाशक प्रथम आराध्य गणेश जी के साथ चंद्र पूजन और अर्घ देने का विधान है। चंद्रोदय व्यापिनी चतुर्थी व्रत की पूजा का विधान है। गणपति 19 से 28 सितंबर लोगों के बीच रहेंगे। इसके बाद अनंत चतुर्दशी को विसर्जित किया जाएगा।
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