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Bhadohi News: 10 करोड़ की साइबर ठगी गिरोह में शामिल दो किशोर पकड़े गए

Thu, 16 Jul 2026 12:37 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 16 Jul 2026 12:37 AM IST
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Two teenagers apprehended for involvement in a 10 crore cyber fraud gang
ज्ञानपुर। जिले की पुलिस ने साइबर ठगी के एक बड़े गिरोह के दो किशोर सदस्यों को पकड़ा है। दोनों किशोरों की उम्र 15 व 17 साल है। दोनों सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर लोगों के बैंक डिटेल व अन्य कागज के साथ लिंक मोबाइल नंबर लेते थे। उसके बाद पेट्रोल पंप के स्वाइप मशीन से ठगी के पैसे निकाल लिए थे। इस गिरोह के तीन सदस्यों को पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने बताया कि बालीपुर, ज्ञानपुर निवासी अमन कुमार बिंद ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्हें लोन की आवश्यकता थी। अंशुल मिश्रा और उसके साथियों ने उनके तथा उनकी बहन के खाते खुलवाए। उन्होंने पासबुक, एटीएम कार्ड और लिंक मोबाइल नंबर का सिम ले लिया। बताया कि जब उन्होंने अपने दस्तावेज वापस मांगे तो उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई।
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शिकायत के बाद साइबर टीम ने दो किशोरों को पकड़ा गया। जांच में पता चला कि दोनों का संबंध साइबर ठगी के एक बड़े गिरोह से है। दोनों ने बताया कि वे लोगों को सरकारी योजनाओं और लोन का लालच देते थे। वे उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाकर एटीएम कार्ड, पासबुक और लिंक मोबाइल नंबर का सिम ले लेते थे। इन विवरणों को राजस्थान, दिल्ली, झारखंड और लखनऊ जैसे शहरों में कूरियर या व्यक्तिगत रूप से भेजते थे। ये वॉट्सऐप, टेलीग्राम और इंस्टाग्राम के जरिये आपस में जुड़े रहते थे।
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पेट्रोल पंप की स्वाइप मशीन से निकालते थे रुपये
दोनों ने बताया कि वे ठगी के रुपये को लखनऊ के मोहनलालगंज स्थित शशि फिलिंग स्टेशन पेट्रोल पंप पर ठिकाने लगाते थे। गिरोह का सदस्य कपिल रावत इसी पेट्रोल पंप पर काम करता था। वे एटीएम से पैसे निकालने के बजाय पंप की स्वाइप मशीन (पीओएस) का उपयोग करते थे। फर्जी लेनदेन के जरिये ठगी के पैसों को नकदी में बदला जाता था। दोनों ने पिछले एक साल में पेट्रोल पंप और एटीएम से लगभग 10 लाख रुपये निकाले थे।
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नौवीं और 10वीं के थे छात्र
साइबर ठगी में धराए दोनों किशोर नौवीं और 10वीं के छात्र थे। दोनों पढ़ाई के साथ जरूरतमंद लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर गिरोह के अन्य सदस्यों से मिलाते थे। 15 वर्षीय किशोर 9वीं और 17 वर्षीय 10वीं का छात्र था। इस मामले में अंशुल मिश्रा निवासी कांवल, मोहम्मद शोएब निवासी यादवपुर महासी सबलापुर बहराइच और कपिल रावत निवासी धरमंगत खेड़ा थाना मोहनलालगंज लखनऊ को पुलिस पहले गिरफ्तार कर चुकी है।


साइबर ठगी के बड़े मामले की जांच में दोनों किशोरों का नाम सामने आया था। दोनों एजेंट की भूमिका निभाते थे और लोगों का खाता खुलवाते थे। आवश्यक जांच के बाद दोनों को बाल सुधार गृह भेजा जाएगा। - अभिनव त्यागी, पुलिस अधीक्षक।
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