फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bhadohi News ›   Treatment of TB disease with Bipal M regimen, patients will be cured in six months instead of two and a half years

Bhadohi News: बीपाल एम रेजिमेन से टीबी रोग का उपचार, ढाई साल की जगह छह माह ठीक होंगे मरीज

Tue, 17 Jun 2025 12:00 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 17 Jun 2025 12:00 AM IST
विज्ञापन
Treatment of TB disease with Bipal M regimen, patients will be cured in six months instead of two and a half years
विकास मिश्रा ज्ञानपुर। जिले में क्षय रोग पर काबू पाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने रेजिमन से मरीजों के उपचार की व्यवस्था शुरू की है। जिले में बीपाल एम रेजिमेन से चार मरीजों का उपचार चल रहा है। पहले एमडीआर यानि जटिल टीबी मरीजों का उपचार नौ से 27 महीने तक चलता था, लेकिन अब बीपाल एम रेजिमेन से महज छह महीने में मरीज को बीमारी से मुक्ति मिल जाएगी। जिले में 1,346 टीबी मरीजों का उपचार चल रहा है। इसमें से 51 टीबी के जटिल मरीज हैं। हाल ही में टीबी मुक्त अभियान में प्रदेश सरकार द्वारा जारी रैंकिंग में जिले को प्रदेश में पहला स्थान मिला था। जिले के 546 से 245 गांव टीबी मुक्त हो चुके हैं।
विज्ञापन



इन मरीजों को बीपाल की दवा
- मरीज की उम्र 14 साल से अधिक हो।
- मरीज डीआरटीबी की दवा एक माह से कम ली हो।
- पुरुष मरीज की क्यूटीसी (ईसीजी) 450 और महिला की क्यूटीसी 470 से अधिक न हो।
- गर्भवती न हो, बच्चे को दूध पिलाने वाली मां न हो, यदि गर्भवती है तो एमटीपी के लिए सहमति जरूरी है।

इस स्थिति में जरूरत पड़ने पर बंद होगी रेजिमन
फॉओअप मरीज का उपचार के दौरान 2, 3, 4, 5 और 6वें महीने के सैंपल समय से जांच के लिए भेजा जाएगा। इसके अलावा बीपाल रेजिमेन शुरू करने से पहले मरीज का बेसलाइड सीडीएसटी सैंपल भेजा जाता है। यदि बेसलाइन सैंपल में किसी दवा से रजिस्टेंसन आता है, तो बीपाल रेजिमेन बंद करनी होगी। चौथे माह के बाद कोई फॉलोअप सैंपल पॉजीटिव होने की दशा में या किसी दवा से ग्रेड 3 व 4 के साइड इफैक्ट होने की दशा में बीपाल रेजिमेन बंद किया जाएगा।
विज्ञापन




बीपाल एम रेजिमेन से पहली बार टीबी मरीजों का उपचार शुरू हुआ है। यह दवा बाजार में नहीं मिलती है। इसका चार कांबिनेशन है। इसमें से तीन दवा सरकारी अस्पताल में और एक दवा बाहर मिलती है। - डॉ. विवेक श्रीवास्तव, जिला क्षय रोग अधिकारी, भदोही।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article