{"_id":"68827bda4abfa36c6803f141","slug":"transport-department-sent-notice-to-494-schools-bhadohi-news-c-191-1-svns1015-129376-2025-07-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhadohi News: परिवहन विभाग ने 494 स्कूलों को भेजा नोटिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhadohi News: परिवहन विभाग ने 494 स्कूलों को भेजा नोटिस
विज्ञापन
ज्ञानपुर। बच्चों की सुरक्षा के लिए निजी विद्यालयों पर सख्ती शुरू हो गई है। मानक पूरा न करने पर प्रधानाचार्य और प्रबंधकों की जिम्मेदारी तय होगी। परिवहन आयुक्त का पत्र आने पर उप संभागीय परिवहन अधिकारी ने 494 स्कूलों को नोटिस भेजकर स्कूल में परिवहन सुरक्षा समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं।
जिले में कुल 725 निजी विद्यालय संचालित हैं। इसमें करीब 494 विद्यालय ऐसे हैं जो स्कूल वाहनों का प्रयोग करते हैं। बच्चों की सुरक्षा के लिए निजी विद्यालयों के स्कूल वाहनों के कुछ मानक निर्धारित हैं। इसके अनुसार स्कूल उन वाहनों का संचालन कर सकता है। स्कूल वाहन के चालक कुशल प्रशिक्षित होने चाहिए। वाहन का रंग पीले होना चाहिए। इसके अलावा बसों में प्राथमिक उपचार, अग्नि सुरक्षा के इंतजाम के साथ-साथ वाहन के दोनों तरफ जालीनुमा गार्ड होना चाहिए। जिले के कई स्कूलों में मानकों की अनदेखी के मामले सामने आते रहते हैं। एक जुलाई से 15 जुलाई तक शासन के निर्देश पर स्कूल वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया गया। इसमें कई विद्यालयों के वाहनों में कमियां मिलीं। प्रदेश स्तर पर मिली कमियों को देखते हुए परिवहन आयुक्त ने पत्र जारी कर व्यवस्था में सुधार करने के निर्देश दिए हैं। पत्र में कहा कि अगर विद्यालय के स्कूल वाहन से बच्चों की सुरक्षा में कोई दिक्कत होगी तो प्रधानाचार्य और प्रबंधक पर विधिक कार्रवाई की जाएगी। स्कूलों में विद्यालय परिवहन सुरक्षा समिति का गठन करें। हर महीने बैठक कर समिति की समीक्षा की जाए।
परिवहन आयुक्त का पत्र आने पर 494 स्कूलों को नोटिस जारी किया गया है। स्कूलों के प्रबंधक और प्रधानाचार्य से परिवहन के मानकों को पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए हैं। लापरवाही बरतने पर संबंधित पर कार्रवाई तय होगी।- राम सिंह, एआरटीओ।
विज्ञापन
स्कूली वाहनों में क्या-क्या जरुरी
- वैध परमिट।
- वाहनों की उम्र के अनुसार फिटनेस प्रमाणपत्र।
- बीमा प्रमाणपत्र।
- प्रदूषण प्रमाणपत्र।
- ड्राइवर का विधि मान्य ड्राइविंग लाइसेंस।
- लाकेशन ट्रैकिंग सिस्टम।
- सीसीटीवी कैमरा।
- अग्निशमन यंत्र।
- प्राथमिक उपचार किट।
- आपातकालीन द्वार एवं खिड़की।
- प्रत्येक सीट पर सीटबेल्ट की व्यवस्था।
विज्ञापन
जिले में कुल 725 निजी विद्यालय संचालित हैं। इसमें करीब 494 विद्यालय ऐसे हैं जो स्कूल वाहनों का प्रयोग करते हैं। बच्चों की सुरक्षा के लिए निजी विद्यालयों के स्कूल वाहनों के कुछ मानक निर्धारित हैं। इसके अनुसार स्कूल उन वाहनों का संचालन कर सकता है। स्कूल वाहन के चालक कुशल प्रशिक्षित होने चाहिए। वाहन का रंग पीले होना चाहिए। इसके अलावा बसों में प्राथमिक उपचार, अग्नि सुरक्षा के इंतजाम के साथ-साथ वाहन के दोनों तरफ जालीनुमा गार्ड होना चाहिए। जिले के कई स्कूलों में मानकों की अनदेखी के मामले सामने आते रहते हैं। एक जुलाई से 15 जुलाई तक शासन के निर्देश पर स्कूल वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया गया। इसमें कई विद्यालयों के वाहनों में कमियां मिलीं। प्रदेश स्तर पर मिली कमियों को देखते हुए परिवहन आयुक्त ने पत्र जारी कर व्यवस्था में सुधार करने के निर्देश दिए हैं। पत्र में कहा कि अगर विद्यालय के स्कूल वाहन से बच्चों की सुरक्षा में कोई दिक्कत होगी तो प्रधानाचार्य और प्रबंधक पर विधिक कार्रवाई की जाएगी। स्कूलों में विद्यालय परिवहन सुरक्षा समिति का गठन करें। हर महीने बैठक कर समिति की समीक्षा की जाए।
विज्ञापन
परिवहन आयुक्त का पत्र आने पर 494 स्कूलों को नोटिस जारी किया गया है। स्कूलों के प्रबंधक और प्रधानाचार्य से परिवहन के मानकों को पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए हैं। लापरवाही बरतने पर संबंधित पर कार्रवाई तय होगी।- राम सिंह, एआरटीओ।
विज्ञापन
स्कूली वाहनों में क्या-क्या जरुरी
- वैध परमिट।
- वाहनों की उम्र के अनुसार फिटनेस प्रमाणपत्र।
- बीमा प्रमाणपत्र।
- प्रदूषण प्रमाणपत्र।
- ड्राइवर का विधि मान्य ड्राइविंग लाइसेंस।
- लाकेशन ट्रैकिंग सिस्टम।
- सीसीटीवी कैमरा।
- अग्निशमन यंत्र।
- प्राथमिक उपचार किट।
- आपातकालीन द्वार एवं खिड़की।
- प्रत्येक सीट पर सीटबेल्ट की व्यवस्था।