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Bhadohi News: आग बुझाने के लिए पड़ोसी प्रयागराज-मिर्जापुर से मांगते हैं दमकल गाड़ी
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गर्मी शुरू होते ही जिले में आग लगने की घटनाएं बढ़ गई हैं। जिले में एक सप्ताह के अंदर 12 से अधिक स्थानों पर आगलगने की घटनाएं हुई हैं। इसमें से 90 फीसदी घटनाएं खेतों में हुई हैं। अग्निशमन विभाग के पास आग बुझाने के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं है। 20 लाख की आबादी पर तीन बड़े और दो छोटे अग्निशमन वाहन हैं। जिले में आग लगने की बड़ी की घटना होने पर विभागीय अधिकारी पड़ोसी मिर्जापुर और प्रयागराज जिले से दमकल गाड़ी मंगाते हैं। विभाग के सामने सबसे अधिक चुनौती करीब 40 किमी दूर कोनिया क्षेत्र में आग बुझाने में होती है।
जिले में रोज तापमान बढ़ रहा है। खेतों में गेहूं की फसल तैयार हैं। फसलों में रोज ही आग लग रही है। वहीं घरों में बिजली की खपत बढ़ गई है। लोड बढ़ने के कारण शॉर्ट सर्किट के मामले भी सामने आ रहे हैं। जिले में दो अग्निशमन केंद्र हैं। इसमें एक मूंसीलाटपुर और दूसरा औराई में है। जिले में तीन 4500 लीटर क्षमता के दो, 2500 लीटर क्षमता के दो के साथ एक 400 लीटर क्षमता वाली दमकल गाड़ी है। इसके अलावा टोइंग व्हीकल जीप एक, दो कैंफर बोलेरो, तीन पोर्टेबल पंप के साथ एक बुलेट है। इसके अलावा दो की जगह एक इंस्पेक्टर और सब फायर इंस्पेक्टर के पद खाली हैं। लीड फायरमैन की संख्या करीब 10 के आसपास है। 40 फायरमैन हैं। ऐसे में करीब 20 लाख की आबादी और 70 से 75 किमी की परिधि वाले जिले में आग लगने की घटनाओं पर नियंत्रण पाना बड़ी चुनौती है। जिले में भदोही, औराई, ज्ञानपुर, सुरियावां और गोपीगंज में सैकड़ों गगनचुंबी इमारते हैं। इन इमारतों में आग लग जाए तो आग बुझाने के लिए विभाग के पास इंतजाम नहीं है। अग्निमशन विभाग के पास न हाइड्रेालिक न ही वाटर बाउजर वाहन है।
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वहिदानगर में दो साल से अटका अग्निशमन केंद्र
जिले के वहिदानगर में दो साल से अग्निशमन केंद्र बनाने का मामला अटका हुआ है। जमीन विवाद के चलते दो साल से अग्निशमन केंद्र अधर में है। इसके चलते कोइरौना क्षेत्र में आग की घटनाओं को रोकने और अग्निशमन के लिए एक 4500 लीटर वाहन कोईरौना थाने में रखा गया है। जहां एक ड्राइवर, चार फायरमैन और एक लीड फायरमैन तैनात हैं।
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वर्जन
खेतों में लगने वाली आग के करीब 30 से 35 फीसदी मामले में लोगों की लापरवाही होती है। अक्सर सामने आता है कि बीड़ी-सिगरेट पीकर फेंकने पर फसल में आग लगी है। सतर्कता बेहद जरूरी है। कोनिया क्षेत्र में आग पर काबू पाना एक बड़ी चुनौती है। हालांकि इसके लिए कोईरौना थाने में एक बड़ी फायरसर्विस की गाड़ी खड़ी कर दी गई है। फिलहाल संसाधन पर्याप्त हैं। आने वाले चुनौती से निपटने के लिए विभाग सक्षम है। - ओमप्रकाश माथुर, प्रभारी अग्निशमन अधिकारी, भदोही।
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जिले में रोज तापमान बढ़ रहा है। खेतों में गेहूं की फसल तैयार हैं। फसलों में रोज ही आग लग रही है। वहीं घरों में बिजली की खपत बढ़ गई है। लोड बढ़ने के कारण शॉर्ट सर्किट के मामले भी सामने आ रहे हैं। जिले में दो अग्निशमन केंद्र हैं। इसमें एक मूंसीलाटपुर और दूसरा औराई में है। जिले में तीन 4500 लीटर क्षमता के दो, 2500 लीटर क्षमता के दो के साथ एक 400 लीटर क्षमता वाली दमकल गाड़ी है। इसके अलावा टोइंग व्हीकल जीप एक, दो कैंफर बोलेरो, तीन पोर्टेबल पंप के साथ एक बुलेट है। इसके अलावा दो की जगह एक इंस्पेक्टर और सब फायर इंस्पेक्टर के पद खाली हैं। लीड फायरमैन की संख्या करीब 10 के आसपास है। 40 फायरमैन हैं। ऐसे में करीब 20 लाख की आबादी और 70 से 75 किमी की परिधि वाले जिले में आग लगने की घटनाओं पर नियंत्रण पाना बड़ी चुनौती है। जिले में भदोही, औराई, ज्ञानपुर, सुरियावां और गोपीगंज में सैकड़ों गगनचुंबी इमारते हैं। इन इमारतों में आग लग जाए तो आग बुझाने के लिए विभाग के पास इंतजाम नहीं है। अग्निमशन विभाग के पास न हाइड्रेालिक न ही वाटर बाउजर वाहन है।
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वहिदानगर में दो साल से अटका अग्निशमन केंद्र
जिले के वहिदानगर में दो साल से अग्निशमन केंद्र बनाने का मामला अटका हुआ है। जमीन विवाद के चलते दो साल से अग्निशमन केंद्र अधर में है। इसके चलते कोइरौना क्षेत्र में आग की घटनाओं को रोकने और अग्निशमन के लिए एक 4500 लीटर वाहन कोईरौना थाने में रखा गया है। जहां एक ड्राइवर, चार फायरमैन और एक लीड फायरमैन तैनात हैं।
वर्जन
खेतों में लगने वाली आग के करीब 30 से 35 फीसदी मामले में लोगों की लापरवाही होती है। अक्सर सामने आता है कि बीड़ी-सिगरेट पीकर फेंकने पर फसल में आग लगी है। सतर्कता बेहद जरूरी है। कोनिया क्षेत्र में आग पर काबू पाना एक बड़ी चुनौती है। हालांकि इसके लिए कोईरौना थाने में एक बड़ी फायरसर्विस की गाड़ी खड़ी कर दी गई है। फिलहाल संसाधन पर्याप्त हैं। आने वाले चुनौती से निपटने के लिए विभाग सक्षम है। - ओमप्रकाश माथुर, प्रभारी अग्निशमन अधिकारी, भदोही।