ज्ञानपुर। डीएम शैलेश कुमार ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक की। इसमें जिले के तीनों जिला स्तरीय अस्पतालों को ई- अस्पताल प्रणाली से जोड़ने पर बल दिया गया। कहा कि पहले चरण में इन अस्पतालों में सुविधा की जाए। उसके बाद सभी सीएचसी को भी इसमें शामिल करें। जिससे मरीजों को बेहतर सुविधा मिल सके। लखनऊ से आए तकनीकी एक्सपर्ट ने पायलट प्रोजेक्ट के रूप में महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय को ई-हॉस्पिटल में क्रियान्वित करने के लिए 25 कंप्यूटर, प्रिंटर्स, बार कोड स्कैनर की व्यवस्थाएं की जरूरत होगी। रजिस्ट्रेशन काउंटर पर चार कम्प्यूटर, एमसीएस के सभी 15 डॉक्टरों को एक-एक कम्प्यूटर के साथ ही फार्मेसी, लैब, डिस्पेंसरी आदि पटल पर कम्प्यूटर की आवश्यकता होगी। डीएम ने तकनीकी एक्सपर्ट को एमसीएस के साथ ही एमबीएस, 100 शैय्या संयुक्त चिकित्सालय सहित सभी सीएचसी को ई हास्टिपल में कन्वर्ट करने का प्रारूप तैयार करने का नि र्देश दिया। डीएम ने बताया कि ई-हॉस्पिटल प्रणाली एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है। जो अस्पतालों में मरीजों के रिकॉर्ड, उपचार और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं को ऑनलाइन प्रबंधित करने में मदद करता है। इसके कई लाभ हैं। ई हॉस्पिटल प्रणाली से मरीजों के रिकॉर्ड डिजिटल रूप में संग्रहीत किए जा सकेंगे, जिससे उन्हें आसानी से एक्सेस और प्रबंधित किया जा सकेगा। इससे स्वास्थ्य सेवाओं की दक्षता में वृद्धि होगी, क्योंकि मरीजों के रिकॉर्ड और उपचार की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध होगी। यूनीसेफ के विभिन्न बिंदुओ की समीक्षा के दौरान एएनएम की भर्ती सहित सप्ताहिक समीक्षा पर बल दिया गया। यूनीसेफ और जिला स्वास्थ्य समिति के डाटा में आ रहे अंतरों पर डीएम ने समन्वय बनाकर विजिट करने पर बल दिया।