{"_id":"583353e04f1c1bb204b3ab70","slug":"ten-thousand-pension","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रधानों ने मांगा 30 हजार मानदेय, दस हजार पेंशन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रधानों ने मांगा 30 हजार मानदेय, दस हजार पेंशन
अमर उजाला ब्यूरो , भदोही
Updated Tue, 22 Nov 2016 01:37 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केंद्र की मोदी सरकार पर कालाधन को लेकर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाकर जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से सोमवार को जिलाध्यक्ष डॉ.नीलम मिश्र के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन किया गया। दुर्गागंज त्रिमुहानी पर जुटे जिले भर के कांग्रेसियों ने केंद्र सरकार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आरोप लगाया कि कालेधन के मामले में दोहरा मापदंड अपनाकर मोदी भाजपा और अपने समर्थक उद्योगपतियों को लाभ पहुंचा रहे हैं। जबकि देश की आम जनता को परेशान करके इसे देशभक्ति से जोड़कर झूठा प्रचार कर रहे हैं।
जिलाध्यक्ष डॉ.नीलम मिश्रा ने कहा कि मोदी सरकार नोटबंदी के मामले में जनविरोधी कार्य किया है, इससे देश के किसान, मजदूर, महिला, गरीब और वंचित लोगों की हर तरह से परेशानी बढ़ गई है। उद्योगपतियों का 14 हजार करोड़ माफ करना मोदी का कालाधन छुपाने की रणनीति है। बैंक कर्ज लेकर लापरवाह हुए उद्योगपतियों को एनपीए में डाल देना दोहरा मापदंड है। देश के अंदर गरीबों, किसानों, मजलूमों के खून पसीने की कमाई का पैसा निकलवाकर गर्त में भेज रहे हैं। ढाई साल के सत्ता में मोदी विदेश से एक रुपया भी नहीं ला सके हैं। इस मौके पर डॉ.सगीर हसन खां, राजेंद्र दुबे, माबूद खां,उमापति मिश्र, सत्येंद्र तिवारी, रामश्रृंगार, संतोष बघेल, वसीम अंसारी, आनं द उपाध्याय, जान मोहम्मद, प्रेम बिहारी उपाध्याय, जगदीश, शारदा सरोज, गुलजारी, इरफान, परवेज, निजाम, फूलचंद, प्रदीप रावत, अखिलेश, अरविंद आदि रहे।
विज्ञापन
जिलाध्यक्ष डॉ.नीलम मिश्रा ने कहा कि मोदी सरकार नोटबंदी के मामले में जनविरोधी कार्य किया है, इससे देश के किसान, मजदूर, महिला, गरीब और वंचित लोगों की हर तरह से परेशानी बढ़ गई है। उद्योगपतियों का 14 हजार करोड़ माफ करना मोदी का कालाधन छुपाने की रणनीति है। बैंक कर्ज लेकर लापरवाह हुए उद्योगपतियों को एनपीए में डाल देना दोहरा मापदंड है। देश के अंदर गरीबों, किसानों, मजलूमों के खून पसीने की कमाई का पैसा निकलवाकर गर्त में भेज रहे हैं। ढाई साल के सत्ता में मोदी विदेश से एक रुपया भी नहीं ला सके हैं। इस मौके पर डॉ.सगीर हसन खां, राजेंद्र दुबे, माबूद खां,उमापति मिश्र, सत्येंद्र तिवारी, रामश्रृंगार, संतोष बघेल, वसीम अंसारी, आनं द उपाध्याय, जान मोहम्मद, प्रेम बिहारी उपाध्याय, जगदीश, शारदा सरोज, गुलजारी, इरफान, परवेज, निजाम, फूलचंद, प्रदीप रावत, अखिलेश, अरविंद आदि रहे।
विज्ञापन