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Bhadohi News: निकलने का अलग रास्ता, फायर एनओसी न होने पर 10 को नोटिस
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भदोही में एक कोचिंग संस्थान में जांच करते फायरकर्मी। स्रोत सूचना विभाग
ज्ञानपुर। लखनऊ अग्निकांड की घटना के बाद अग्निशमन और शिक्षा विभाग की टीम ने बुधवार को जिले भर में अभियान चलाया। टीम ने करीब 60 कोचिंग संस्थान, होटल व प्रतिष्ठानों की जांच की। जिसमें छह होटल में निकलने का रास्ता व जरूरी सुविधा न होने और चार कोचिंग संस्थाओं के पास फायर एनओसी न होने पर नोटिस जारी किया गया। टीम ने सुरक्षा मानकों, अग्निशमन व्यवस्थाओं, जरूरी अभिलेखों की जांच की।
जिला विद्यालय निरीक्षक अंशुमान ने सात कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया। इस दौरान विद्यार्थियों की सुरक्षा, बैठने की व्यवस्था, प्रवेश एवं निकास मार्ग, पंजीकरण की स्थिति को देखा। जांच में योर सक्सेस कोचिंग गोपीगंज और साई इंस्टीट्यूट छतमी का पंजीकरण समाप्त हो गया था। दोनों के खिलाफ चेतावनी नोटिस जारी किया गया।
इसके अलावा अग्निशमन की टीम ने खमरिया के दशमी की बारी और भदोही के हरियावां में स्थित कृष्णा लाइब्रेरी में फायर एनओसी न होने पर नोटिस दिया। चेताया गया कि अगर जल्द प्रक्रिया पूरी नहीं कराई गई तो कोचिंग संस्थान को सील किया जाएगा। उप मुख्य कार्यपालक अधिकारी बीडा ने 20 से अधिक दुकानों, अस्पतालों, विद्यालयों, कालीन प्रतिष्ठानों एवं अन्य व्यावसायिक इकाइयों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सुरक्षा मानकों, स्वच्छता व्यवस्था, अभिलेखों के संधारण की जांच की गई। मुख्य अग्निशमन अधिकारी ओपी माथुर ने 30 प्रतिष्ठानों, होटलों, दुकानों एवं अन्य संस्थानों का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता एवं कार्यशीलता, आपातकालीन निकास मार्ग, विद्युत सुरक्षा व्यवस्था की हकीकत देखी। जांच में होटल ग्लोरी, होटल सिराज, होटल एचबीवी, मेघदूत और वी मार्ट भदोही संस्थानों में अग्नि सुरक्षा संबंधी कमियां पाए जाने पर संबंधित संचालकों को नोटिस जारी की गई। इसके अलावा यहां निकास के द्वार भी नहीं दिखे। टीमों ने संस्थानों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
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जिलाधिकारी ने चेताया, सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य
जिलाधिकारी शैलेश कुमार ने कहा कि सभी सार्वजनिक एवं निजी संस्थानों में सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य है। विद्यार्थियों, कर्मचारियों एवं आमजन की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी संस्थान संचालकों को अपने परिसरों में अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता, आपातकालीन निकास व्यवस्था, विद्युत सुरक्षा को बेहतर रखें।
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जिला विद्यालय निरीक्षक अंशुमान ने सात कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया। इस दौरान विद्यार्थियों की सुरक्षा, बैठने की व्यवस्था, प्रवेश एवं निकास मार्ग, पंजीकरण की स्थिति को देखा। जांच में योर सक्सेस कोचिंग गोपीगंज और साई इंस्टीट्यूट छतमी का पंजीकरण समाप्त हो गया था। दोनों के खिलाफ चेतावनी नोटिस जारी किया गया।
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इसके अलावा अग्निशमन की टीम ने खमरिया के दशमी की बारी और भदोही के हरियावां में स्थित कृष्णा लाइब्रेरी में फायर एनओसी न होने पर नोटिस दिया। चेताया गया कि अगर जल्द प्रक्रिया पूरी नहीं कराई गई तो कोचिंग संस्थान को सील किया जाएगा। उप मुख्य कार्यपालक अधिकारी बीडा ने 20 से अधिक दुकानों, अस्पतालों, विद्यालयों, कालीन प्रतिष्ठानों एवं अन्य व्यावसायिक इकाइयों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सुरक्षा मानकों, स्वच्छता व्यवस्था, अभिलेखों के संधारण की जांच की गई। मुख्य अग्निशमन अधिकारी ओपी माथुर ने 30 प्रतिष्ठानों, होटलों, दुकानों एवं अन्य संस्थानों का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता एवं कार्यशीलता, आपातकालीन निकास मार्ग, विद्युत सुरक्षा व्यवस्था की हकीकत देखी। जांच में होटल ग्लोरी, होटल सिराज, होटल एचबीवी, मेघदूत और वी मार्ट भदोही संस्थानों में अग्नि सुरक्षा संबंधी कमियां पाए जाने पर संबंधित संचालकों को नोटिस जारी की गई। इसके अलावा यहां निकास के द्वार भी नहीं दिखे। टीमों ने संस्थानों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
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जिलाधिकारी ने चेताया, सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य
जिलाधिकारी शैलेश कुमार ने कहा कि सभी सार्वजनिक एवं निजी संस्थानों में सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य है। विद्यार्थियों, कर्मचारियों एवं आमजन की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी संस्थान संचालकों को अपने परिसरों में अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता, आपातकालीन निकास व्यवस्था, विद्युत सुरक्षा को बेहतर रखें।