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रेल संरक्षा में कमी मिलने पर रुकेगा वेतन:रामाश्रय
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रेल संरक्षा में कमी मिलने पर कर्मचारियों से लेकर अधिकारियों तक का वेतन रोका जाएगा। उक्त हिदायत शनिवार को सुबह लगभग 11 बजे विशेष सैलून से जंगीगंज स्टेशन पहुंचे डीआरएम वाराणसी रामाश्रय पांडेय ने रेल कर्मचारियों को दी।
डीआरएम ने सबसे पहले माधोसिंह स्टेशन पर लगभग आधे घंटे तक सुरक्षा, संरक्षा, स्वच्छता, रैक प्वाइंट, आवासीय कालोनी, टिकट काउंटर, खाली पड़ी रेलवे की जमीन का निरीक्षण किया। इसके बाद ज्ञानपुर रोड स्टेशन पर लगभग 45 मिनट रुककर वेटिंग रुम, जीआरपी पोस्ट, दोहरीकरण योजना में बने नये भवन, प्लेटफार्म, यात्री सुविधाओं की ओर रुख किया। यात्री सुविधा में कमी मिलने पर मंडलीय अधिकारियों से सवाल-जवाब कर कार्यप्रणाली में सुधार लाने की चेतावनी दी।
जंगीगंज स्टेशन पर टीम के साथ डीआरएम सीधे स्टेशन अधीक्षक कक्ष में पहुंचे। जहां उन्होंने पहले संरक्षा से संबंधित रजिस्टर को उठाकर देखा। रजिस्टर में संरक्षा के लिए 15-15 दिन में होने वाले निरीक्षण का कालम पूरा नहीं मिला और स्टेशन अधीक्षक पीसी राम को सख्त लहजे में समझाकर जिम्मेदारियों में खानापूर्ति से बचने की नसीहत दी। उसके बाद वह दो वर्ष से जंग खा रहे पैदल पुल का निर्माण अधूरा मिलने, प्लेटफार्म नंबर एक पर पेयजल संसाधनों के ठप पड़ने, स्टेशन भवन की रंगाई-पुताई, ईएसएम कक्ष, शौचालय को देखा। दोहरीकरण के समय स्टेशन तक पहुंचने वाली सड़कों की खराबी के शिकायत को गंभीरता से लेकर सड़क तक पहुंचे और कार्यदाई संस्था को रेलवे परिसर से पूर्वी और पश्चिमी फाटकों को जोड़ने वाली सड़कों के निर्माण का निर्देश दिया। डीआरएम ने कहा कि माधोसिंह-हंडिया सेक्शन में दोहरीकरण के तीसरे चरण का कार्य अंतिम चरण में है जो फरवरी के अंत में पूरा होते ही संरक्षा आयुक्त पूर्वी जोन से हरी झंडी मिलने पर ट्रेनों का आवागमन भी नये ट्रैक से शुरु हो जाएगा। पुल, पेयजल, सड़क के मामले में उन्होंने संबंधितों से रिपोर्ट मांग ली है। निरीक्षण से पूर्व स्टेशनों पर तैनात कर्मचारी चौकन्ने रहे। डीआरएम के साथ जनसंपर्क अधिकारी अशोक कुमार, एडीआरएम प्रशासन राहुल श्रीवास्तव, संजीव शर्मा, अनुज वर्मा, त्रयंबक तिवारी, आशुतोष शुक्ला, बालेंद्र पाल आदि रहे।
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डीआरएम ने सबसे पहले माधोसिंह स्टेशन पर लगभग आधे घंटे तक सुरक्षा, संरक्षा, स्वच्छता, रैक प्वाइंट, आवासीय कालोनी, टिकट काउंटर, खाली पड़ी रेलवे की जमीन का निरीक्षण किया। इसके बाद ज्ञानपुर रोड स्टेशन पर लगभग 45 मिनट रुककर वेटिंग रुम, जीआरपी पोस्ट, दोहरीकरण योजना में बने नये भवन, प्लेटफार्म, यात्री सुविधाओं की ओर रुख किया। यात्री सुविधा में कमी मिलने पर मंडलीय अधिकारियों से सवाल-जवाब कर कार्यप्रणाली में सुधार लाने की चेतावनी दी।
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जंगीगंज स्टेशन पर टीम के साथ डीआरएम सीधे स्टेशन अधीक्षक कक्ष में पहुंचे। जहां उन्होंने पहले संरक्षा से संबंधित रजिस्टर को उठाकर देखा। रजिस्टर में संरक्षा के लिए 15-15 दिन में होने वाले निरीक्षण का कालम पूरा नहीं मिला और स्टेशन अधीक्षक पीसी राम को सख्त लहजे में समझाकर जिम्मेदारियों में खानापूर्ति से बचने की नसीहत दी। उसके बाद वह दो वर्ष से जंग खा रहे पैदल पुल का निर्माण अधूरा मिलने, प्लेटफार्म नंबर एक पर पेयजल संसाधनों के ठप पड़ने, स्टेशन भवन की रंगाई-पुताई, ईएसएम कक्ष, शौचालय को देखा। दोहरीकरण के समय स्टेशन तक पहुंचने वाली सड़कों की खराबी के शिकायत को गंभीरता से लेकर सड़क तक पहुंचे और कार्यदाई संस्था को रेलवे परिसर से पूर्वी और पश्चिमी फाटकों को जोड़ने वाली सड़कों के निर्माण का निर्देश दिया। डीआरएम ने कहा कि माधोसिंह-हंडिया सेक्शन में दोहरीकरण के तीसरे चरण का कार्य अंतिम चरण में है जो फरवरी के अंत में पूरा होते ही संरक्षा आयुक्त पूर्वी जोन से हरी झंडी मिलने पर ट्रेनों का आवागमन भी नये ट्रैक से शुरु हो जाएगा। पुल, पेयजल, सड़क के मामले में उन्होंने संबंधितों से रिपोर्ट मांग ली है। निरीक्षण से पूर्व स्टेशनों पर तैनात कर्मचारी चौकन्ने रहे। डीआरएम के साथ जनसंपर्क अधिकारी अशोक कुमार, एडीआरएम प्रशासन राहुल श्रीवास्तव, संजीव शर्मा, अनुज वर्मा, त्रयंबक तिवारी, आशुतोष शुक्ला, बालेंद्र पाल आदि रहे।
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