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पंजीकरण 20 हजार, रोजगार मिला सिर्फ 450
bhadohi hindi news
Updated Fri, 24 Jun 2016 01:43 AM IST
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साल भर में पांच रोजगार मेला लगाने के बाद भी जिले में रोजगार मुहैया कराने का आंकड़ा सुधर नहीं पा रहा है। सेवायोजन कार्यालय में पंजीकृत बेरोजगार युवकों की फेहरिस्त लंबी होती जा रही है, लेकिन उसके मुकाबले रोजगार मिलने की गति बेहद धीमी है। जिले में 38 हजार से अधिक युवक बेरोजगारों की श्रेणी में दर्ज हैं, लेकिन रोजगार मिलने का औसत आंकड़ा महज 400 से 450 के आसपास सिमटा हुआ है। पिछले एक साल में लगभग 20 हजार युवाओं का पंजीयन हुआ, लेकिन केवल 450 लोगों को ही रोजगार मिल सका। आलम यह है कि अपना अस्तित्व बनाए रखने के लिए विभाग रोजगार मेले के जरिए बेरोजगारों को रोजगार देने में लगा है।
पिछले एक साल में सेवायोजन विभाग ने साढ़े चार सौ बेरोजगारों को रोजगार दिया है। सेवायोजन विभाग में मौजूदा समय में कुल 38 हजार 699 विभिन्न श्रेणी के बेरोजगार पंजीकृत हैं। इसमें पिछले एक साल में 19939 बेरोजगारों ने सेवायोजन विभाग में अपना पंजीयन कराया है। औसतन विभाग में हर साल दस हजार से अधिक बेरोजगार विभाग कार्यालय में अपना पंजीयन कराते हैं। बताया गया कि पंजीकृत बेरोजगारों को सरकारी नौकरियों में चयन की प्राथमिकता न होने से पंजीकरण की अहमियत घटी है। लेकिन, शासन के निर्देश पर रोजगार मेला लगाकर निजी क्षेत्र की मान्यता प्राप्त और पंजीकृत कंपनियों के माध्यम से मेला लगाकर रोजगार दिया जा रहा है। हालांकि निजी कंपनियों की अपेक्षा सेवायोजन विभाग से मिलने वाला रोजगार अलग हैं। मेले से भी रोजगार पाने के लिए विभाग में पंजीयन होना अनिवार्य है, बिना इसके कोई भी बेरोजगार रोजगार मेले में हिस्सा नहीं ले सकता है। जबकि निजी क्षेत्र में पंजीयन का महत्व न होकर मौके पर पहुंचकर रोजगार पाया जा सकता है। हालांकि इसके बावजूद विभाग में पंजीकृत हो रहे बेरोजगारों के मुकाबले उन्हें रोजगार नहीं मिल पाता है। सेवायोजन अधिकारी एके प्रजापति ने बताया कि पूर्व की तरह बेरोजगारों को रोजगार नहीं मिलता, लेकिन निजी क्षेत्र की कंपनियों से वार्ता करके विभाग की ओर से हर साल पांच रोजगार मेला लगाकर बेरोजगारों का चयन किया जाता है।
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पिछले एक साल में सेवायोजन विभाग ने साढ़े चार सौ बेरोजगारों को रोजगार दिया है। सेवायोजन विभाग में मौजूदा समय में कुल 38 हजार 699 विभिन्न श्रेणी के बेरोजगार पंजीकृत हैं। इसमें पिछले एक साल में 19939 बेरोजगारों ने सेवायोजन विभाग में अपना पंजीयन कराया है। औसतन विभाग में हर साल दस हजार से अधिक बेरोजगार विभाग कार्यालय में अपना पंजीयन कराते हैं। बताया गया कि पंजीकृत बेरोजगारों को सरकारी नौकरियों में चयन की प्राथमिकता न होने से पंजीकरण की अहमियत घटी है। लेकिन, शासन के निर्देश पर रोजगार मेला लगाकर निजी क्षेत्र की मान्यता प्राप्त और पंजीकृत कंपनियों के माध्यम से मेला लगाकर रोजगार दिया जा रहा है। हालांकि निजी कंपनियों की अपेक्षा सेवायोजन विभाग से मिलने वाला रोजगार अलग हैं। मेले से भी रोजगार पाने के लिए विभाग में पंजीयन होना अनिवार्य है, बिना इसके कोई भी बेरोजगार रोजगार मेले में हिस्सा नहीं ले सकता है। जबकि निजी क्षेत्र में पंजीयन का महत्व न होकर मौके पर पहुंचकर रोजगार पाया जा सकता है। हालांकि इसके बावजूद विभाग में पंजीकृत हो रहे बेरोजगारों के मुकाबले उन्हें रोजगार नहीं मिल पाता है। सेवायोजन अधिकारी एके प्रजापति ने बताया कि पूर्व की तरह बेरोजगारों को रोजगार नहीं मिलता, लेकिन निजी क्षेत्र की कंपनियों से वार्ता करके विभाग की ओर से हर साल पांच रोजगार मेला लगाकर बेरोजगारों का चयन किया जाता है।
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