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Bhadohi News: नगरों में दुरूस्त व्यवस्था, ग्रामीण इलाकों में अलाव का इंतजार
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ज्ञानपुर। जिले में ठंड के बचाव को लेकर पुख्ता इंतजाम का दावा किया जा रहा है लेकिन ग्रामीण इलाकों में अब भी अलाव नहीं जल रहे हैं। सर्द हवाओं के बीच लोग खुद लकड़ी का इंतजाम कर अलाव जला रहे हैं। नगरीय क्षेत्रों में प्रशासन ने रैनबसेरों का भी प्रबंध किया है और अलाव भी जल रहे हैं।
नगरीय क्षेत्रों में तो व्यवस्थाएं काफी अच्छी मिली लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में अब भी अलाव के पुख्ता इंतजाम नहीं दिखने को मिले। जिला प्रशासन जिले में 179 जगहों पर अलाव जलाने की दावा कर रहा है। आठ रैनबसेरों में 160 लोगों के रहने का इंतजाम है। पड़ताल में नगर के क्षेत्रों में प्रमुख जगहों पर अलाव जलते मिले। रैनबसेरों में भी पर्याप्त सुविधाएं देखने को मिलीं। रैनबसेरों में रुकने के पर्याप्त इंतजाम थे लेकिन वहां शरण लेने वाली संख्या कम थी। भदोही, ज्ञानपुर, सुरियावां, नई बाजार, घोसिया, गोपीगंज में रैन बसेराें में बिस्तर, कंबल के अलावा पानी इत्यादि की व्यवस्थाएं दुरुस्त मिली।
गोपीगंज नगर में कुछ जगहों पर अलाव जलता मिला लेकिन कई ऐसी भीड़भाड़ वाले इलाकों में अलाव नहीं दिखे। रेलवे स्टेशन मिर्जापुर रोड, तिलेश्वरनाथ धाम में अलाव नहीं जल रहे थे। शेल्टर होम ज्ञानपुर में 40 बेड है। वहां व्यवस्थाएं दुरूस्त है। ईओ राजेंद्र दूबे ने बताया कि महिला पुरुष के लिए अलग-अलग कमरे में बिस्तर लगाए गए हैं। इसकी निगरानी की जाती है। भदोही में नगर पालिका ने रेलवे स्टेशन पर रैनबसेरा बनाया है, जो महिला-पुरुषों के लिए पांच-पांच लोगों की क्षमता है। ईओ रविशंकर शुक्ला ने बताया कि इसके अलावा रैन बसेरा के बाहर प्रतिदिन शाम को अलावा जलाया जाता है। जिसका रेलयात्री भी लाभ उठा रहे हैं।
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नईबाजार नगर पंचायत के ईओ सुजीत कुमार ने बताया कि पंचायत कार्यालय में ही रैन बसेरा बनवाया गया है। इस वर्ष बोर्ड में पक्का रैन बसेरा का निर्माण कराए जाने की संस्तुति हुई है। निर्माण भी शुरू हो गया है। घोसिया नगर पंचायत का रैन बसेरा जल निगम परिसर में बनाया गया है, जो मुख्य रोड से काफी दूर होने से वहां लोगों की कम ही पहुंच हो पाती है।
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नगरीय क्षेत्रों में तो व्यवस्थाएं काफी अच्छी मिली लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में अब भी अलाव के पुख्ता इंतजाम नहीं दिखने को मिले। जिला प्रशासन जिले में 179 जगहों पर अलाव जलाने की दावा कर रहा है। आठ रैनबसेरों में 160 लोगों के रहने का इंतजाम है। पड़ताल में नगर के क्षेत्रों में प्रमुख जगहों पर अलाव जलते मिले। रैनबसेरों में भी पर्याप्त सुविधाएं देखने को मिलीं। रैनबसेरों में रुकने के पर्याप्त इंतजाम थे लेकिन वहां शरण लेने वाली संख्या कम थी। भदोही, ज्ञानपुर, सुरियावां, नई बाजार, घोसिया, गोपीगंज में रैन बसेराें में बिस्तर, कंबल के अलावा पानी इत्यादि की व्यवस्थाएं दुरुस्त मिली।
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गोपीगंज नगर में कुछ जगहों पर अलाव जलता मिला लेकिन कई ऐसी भीड़भाड़ वाले इलाकों में अलाव नहीं दिखे। रेलवे स्टेशन मिर्जापुर रोड, तिलेश्वरनाथ धाम में अलाव नहीं जल रहे थे। शेल्टर होम ज्ञानपुर में 40 बेड है। वहां व्यवस्थाएं दुरूस्त है। ईओ राजेंद्र दूबे ने बताया कि महिला पुरुष के लिए अलग-अलग कमरे में बिस्तर लगाए गए हैं। इसकी निगरानी की जाती है। भदोही में नगर पालिका ने रेलवे स्टेशन पर रैनबसेरा बनाया है, जो महिला-पुरुषों के लिए पांच-पांच लोगों की क्षमता है। ईओ रविशंकर शुक्ला ने बताया कि इसके अलावा रैन बसेरा के बाहर प्रतिदिन शाम को अलावा जलाया जाता है। जिसका रेलयात्री भी लाभ उठा रहे हैं।
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नईबाजार नगर पंचायत के ईओ सुजीत कुमार ने बताया कि पंचायत कार्यालय में ही रैन बसेरा बनवाया गया है। इस वर्ष बोर्ड में पक्का रैन बसेरा का निर्माण कराए जाने की संस्तुति हुई है। निर्माण भी शुरू हो गया है। घोसिया नगर पंचायत का रैन बसेरा जल निगम परिसर में बनाया गया है, जो मुख्य रोड से काफी दूर होने से वहां लोगों की कम ही पहुंच हो पाती है।