फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bhadohi News ›   Projects worth Rs 25 crore stuck in corruption will start

Bhadohi News: भ्रष्टाचार में लटकी 25 करोड़ की परियोजनाएं होंगी शुरू

Sun, 31 Dec 2023 12:20 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 31 Dec 2023 12:20 AM IST
विज्ञापन
Projects worth Rs 25 crore stuck in corruption will start
ज्ञानपुर। भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के चलते स्वास्थ्य, शिक्षा और न्याय विभाग की डेढ़ दशक से लटकी 25 करोड़ की परियोजनाओं के अंजाम तक पहुंचने के आसार बढ़ गए हैं। शासन ने कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम को जनवरी से काम शुरू कराने के निर्देश दिए हैं। निर्माण में आने वाले खर्च को कार्यदायी संस्था ही वहन करेगी।
विज्ञापन

जनपद सृजन को करीब 28 साल हो गए। स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, सड़क, पेयजल आदि की करोड़ों की परियोजनाएं शुरू हुईं। इनमें से कुछ परियोजनाएं धांधली की शिकायत की जांच के चलते रुक गईं। अभोली में साल 2009 में स्वीकृत सीएचसी में भी कार्यदायी संस्था पांच करोड़ में आधा पैसा लेकर गायब हो गई और काम रुक गया। सीएचसी का अधूरे भवन बदहाल हो चुका हैं। इसी तरह उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भदोही में नौ करोड़ के राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज एवं छह करोड़ के छात्रावास, न्यायालय परिसर में 18 कोर्ट भवन का काम भी एसआईटी जांच में फंस गई थी। इनको पूरा करने की अनुमति मिल गई है। 100 शैय्या अस्पताल ऐसी ही परियोजना में शामिल था लेकिन इसको शुरू करने का कोई आदेश नहीं हुआ है। चार बड़ी परियोजनाओं को पूर्ण करने की शासन की हरी झंडी से उम्मीद बंधी है कि इसे भी अनुमति मिल जाएगी।
विज्ञापन

छह महीने पहले जिला प्रशासन अधूरे परियोजनाओं को पूर्ण करने के लिए शासन को पत्र लिखा था। शासन ने पत्र को संज्ञान में लिया और प्रशासन को लंबित परियोजनाओं को पूर्ण करने का निर्देश दिया। अपर जिला अर्थ संख्या अधिकारी पंकज शर्मा ने बताया कि शासन ने चारों परियोजनाएं पूर्ण करने के लिए कार्यदायी संस्था को निर्देश दिया है। इसमें खर्च आदि को लेकर अभी बजट तय नहीं हो पाया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

------------------
इनसेट
परियोजना प्रबंधक नपे, ठेकेदार बचे
ज्ञानपुर। 100 शैय्या अस्पताल, कोर्ट रूम के निर्माण में हुए घोटाले में राजकीय निर्माण निगम के परियोजना प्रबंधक समेत कई अफसरों को जेल जाना पड़ा था। तत्कालीन डीएम अमृत त्रिपाठी की ओर से कराई गई जांच में नौ करोड़ की वित्तीय अनियमितता सामने आई थी हालांकि प्रशासन की ओर से कार्यदायी संस्थाओं के ठेकेदारों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। सभी ठेकेदार सत्ता के जनप्रतिनिधियों संग सांठगांठ बनाकर कार्रवाई को दबाए हुए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed