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महिलाओं की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता
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ज्ञानपुर। महिलाओं का उत्पीड़न किसी भी दशा में बर्दाश्त नही किया जाएगा। महिला सुरक्षा और संरक्षण सरकार की प्राथमिकता है। उत्पीड़न के मामलों में पुलिस त्वरित कार्रवाई करे, अन्यथा संबंधित अधिकारियों पर सख्ती की जाएगी।
यह बातें बुधवार को राजकीय गेस्ट हाउस में महिला आयोग की उपाध्यक्ष अंजु चौधरी ने कही। उन्होंने कहा कि पीड़ित महिला के आने पर उसकी समस्या को गंभीरतापूर्वक सुना जाए और कानून के दायरे में हर संभव मदद की जाए। कहा कि अधिकतर महिलाएं पति, सास-ससुर और ननद से पीड़ित हैं। उनके परिवार के सदस्यों को परिवार परामर्श केंद्र बुला कर काउंसलिंग की जाए। यदि समस्या फिर भी नही सुलझती है तो उचित धारा में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करें। जनसुनवाई में कुल 17 मामले प्राप्त हुए, जिनमें सात का मौके पर निस्तारण किया गया। जन सुनवाई में पीड़ित महिलाओं ने अपनी समस्या रखी, जिसे सुनकर आयोग की उपाध्यक्ष ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सहायता के लिए 1090 और 181 जैसे टोल फ्री नंबर है। यूपी 100 पर फोन कर मदद ली जा सकती है। महिलाओं के भरण पोषण के लिए प्रोबेशन कार्यालय से सुविधाएं मिलती हैं। सरकार ने कन्या सुमंगला योजना लागू की है, जो 23 अगस्त से शुरू हो गई है। इसमें बच्ची के जन्म लेने से स्नातक तक कुल 15 हजार की सहायता मिलेगी। उन्होंने जनसुनवाई के बाद जिला जेल में महिला बंदी गृह और महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय ज्ञानपुर का निरीक्षण किया। चिकित्सा परिसर में साफ-सफाई और पानी की उपलब्ध के लिए सीएमएस को निर्देश दिया। इसके बाद वह महिला स्वधार गृह गोपीगंज का निरीक्षण किया। मौके पर सीओ औराई यादवेंद्र कुमार, महिला थानाध्यक्ष, प्रोबेशन अधिकारी, समाज कल्याण अधिकारी आदि रहीं।
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यह बातें बुधवार को राजकीय गेस्ट हाउस में महिला आयोग की उपाध्यक्ष अंजु चौधरी ने कही। उन्होंने कहा कि पीड़ित महिला के आने पर उसकी समस्या को गंभीरतापूर्वक सुना जाए और कानून के दायरे में हर संभव मदद की जाए। कहा कि अधिकतर महिलाएं पति, सास-ससुर और ननद से पीड़ित हैं। उनके परिवार के सदस्यों को परिवार परामर्श केंद्र बुला कर काउंसलिंग की जाए। यदि समस्या फिर भी नही सुलझती है तो उचित धारा में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करें। जनसुनवाई में कुल 17 मामले प्राप्त हुए, जिनमें सात का मौके पर निस्तारण किया गया। जन सुनवाई में पीड़ित महिलाओं ने अपनी समस्या रखी, जिसे सुनकर आयोग की उपाध्यक्ष ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सहायता के लिए 1090 और 181 जैसे टोल फ्री नंबर है। यूपी 100 पर फोन कर मदद ली जा सकती है। महिलाओं के भरण पोषण के लिए प्रोबेशन कार्यालय से सुविधाएं मिलती हैं। सरकार ने कन्या सुमंगला योजना लागू की है, जो 23 अगस्त से शुरू हो गई है। इसमें बच्ची के जन्म लेने से स्नातक तक कुल 15 हजार की सहायता मिलेगी। उन्होंने जनसुनवाई के बाद जिला जेल में महिला बंदी गृह और महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय ज्ञानपुर का निरीक्षण किया। चिकित्सा परिसर में साफ-सफाई और पानी की उपलब्ध के लिए सीएमएस को निर्देश दिया। इसके बाद वह महिला स्वधार गृह गोपीगंज का निरीक्षण किया। मौके पर सीओ औराई यादवेंद्र कुमार, महिला थानाध्यक्ष, प्रोबेशन अधिकारी, समाज कल्याण अधिकारी आदि रहीं।
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