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Bhadohi News: अस्पताल के वार्डों में लगाया गया नोटिस, बिचौलियों से सावधान...
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ज्ञानपुर। जिला अस्पताल में दलाल, बिचौलियों की मनमानी के चलते मरीजों की सांसत बढ़ गई है। चाह कर भी मरीज विशेषज्ञ चिकित्सक को दिखाने में असमर्थ हैं। बिचौलियों के कार्य प्रणाली पर अंकुश लगाने के लिए अस्पताल प्रशासन ने कमर कस ली है।
सोमवार को अस्पताल में ओपीडी, इमरजेंसी, लेबर कक्ष, लैब, एक्स-रे कक्ष तक नोटिस चस्पा किया। जिस पर लिखा गया है कि यहां दलाल, बिचौलियों का प्रवेश वर्जित है।
जिला अस्पताल में अक्सर बिचौलियों को लेकर शिकायत मिलती रहती है। मरीज अस्पताल में पहुंचे नहीं कि बिचौलिए उनके पीछे लग जाते हैं। जिले का सबसे बड़ा और प्रमुख अस्पताल है। हर दिन यहां 800 से 900 की ओपीडी और 50 के करीब इमरजेंसी होती है। अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों और तीमारदारों को बिचौलिए गुमराह करते हैं। दरअसल जिला अस्पताल में एक रैकेट चलता है। जिसमें सेंध लगाना अस्पताल प्रशासन के लिए एक चुनौती बन गया है। मरीज पर्ची काउंटर पर पर्चा कटवाने पहुंचते हैं। यहीं से बिचौलिए की मुख्य भूमिका होती है। वे मरीज को चिकित्सक का कमरा नंबर और मेडिकल स्टोर पर छूट में दवाएं दिलाने का आफर देते हैं। चिकित्सक अगर मरीज को खून जांच, एक्सरे लिख दिए तो उन्हें निजी सेंटरों पर छूट का ऑफर देकर ले जाते हैं। इन लोगों की अधिकतर शिकार उम्रदराज महिलाएं होती है।
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दलाल मरीजों को जन औषधि केंद्र से नहीं, बल्कि बाहर के मेडिकल स्टोर से दवा खरीदने की नसीहत देते हैं। अब इन्हीं सब पर नकेल कसने को अस्पताल के हर वार्ड और कमरे में दलाल और बिचौलियों से सावधान रहने का नोटिस चस्पा किया गया है। अब देखना है कि विभाग का यह प्रयास कितना कारगार होता है।
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सोमवार को अस्पताल में ओपीडी, इमरजेंसी, लेबर कक्ष, लैब, एक्स-रे कक्ष तक नोटिस चस्पा किया। जिस पर लिखा गया है कि यहां दलाल, बिचौलियों का प्रवेश वर्जित है।
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जिला अस्पताल में अक्सर बिचौलियों को लेकर शिकायत मिलती रहती है। मरीज अस्पताल में पहुंचे नहीं कि बिचौलिए उनके पीछे लग जाते हैं। जिले का सबसे बड़ा और प्रमुख अस्पताल है। हर दिन यहां 800 से 900 की ओपीडी और 50 के करीब इमरजेंसी होती है। अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों और तीमारदारों को बिचौलिए गुमराह करते हैं। दरअसल जिला अस्पताल में एक रैकेट चलता है। जिसमें सेंध लगाना अस्पताल प्रशासन के लिए एक चुनौती बन गया है। मरीज पर्ची काउंटर पर पर्चा कटवाने पहुंचते हैं। यहीं से बिचौलिए की मुख्य भूमिका होती है। वे मरीज को चिकित्सक का कमरा नंबर और मेडिकल स्टोर पर छूट में दवाएं दिलाने का आफर देते हैं। चिकित्सक अगर मरीज को खून जांच, एक्सरे लिख दिए तो उन्हें निजी सेंटरों पर छूट का ऑफर देकर ले जाते हैं। इन लोगों की अधिकतर शिकार उम्रदराज महिलाएं होती है।
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दलाल मरीजों को जन औषधि केंद्र से नहीं, बल्कि बाहर के मेडिकल स्टोर से दवा खरीदने की नसीहत देते हैं। अब इन्हीं सब पर नकेल कसने को अस्पताल के हर वार्ड और कमरे में दलाल और बिचौलियों से सावधान रहने का नोटिस चस्पा किया गया है। अब देखना है कि विभाग का यह प्रयास कितना कारगार होता है।