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आंगनबाड़ी केंद्रों पर घी के साथ मिलेगा सरसों का तेल
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ज्ञानपुर। आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत लाभार्थियों को इस माह ड्राई राशन, घी के साथ सरसों का तेल भी मिलेगा। खाद्य सामग्री और तेल का आवंटन स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से किया जाएगा। जल्द ही आंगनबाड़ी केंद्रों से इसका वितरण भी शुरू हो जाएगा।
बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के तहत जिले में 1483 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं, जिनमें दो लाख 17 हजार लाभार्थी पंजीकृत हैं। पंजीकृत लाभार्थियों में बच्चे, किशोरियां, गर्भवती और धात्री महिलाएं शामिल हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की ओर से पंजीकृत लाभार्थियों को स्वास्थ्य सुरक्षा से संबंधित जानकारी दी जाती है। जबकि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के माध्यम से इनमें ड्राई राशन के साथ देशी घी, दूध का वितरण किया जाता था। शासन की ओर से इसमें अप्रैल से बदलाव किया गया। नए मीनू के अनुसार लाभार्थियों को चना दाल के साथ ही सोयाबीन तेल दिया गया। अब सोयाबीन तेल के स्थान पर सरसों का तेल मिलेगा।
इस संबंध में जिला कार्यक्रम अधिकारी राजीव सिंह ने बताया कि इसके लिए सभी सीडीपीओ को निर्देश जारी कर दिया गया है। लाभार्थियों में वितरित किए जाने वाले राशन की मानीटरिंग की जाएगी। यदि कहीं गड़बड़ी मिली तो संबंधित सीडीपीओ जिम्मेदार होंगी।
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डीपीओ ने बताया कि पहले अतिकुपोषित बच्चों को ढाई किग्रा गेहूं, डेढ़ किग्रा चावल, 900 ग्राम घी, 500 ग्राम दाल मिलता था। लेकिन जून से डेढ़ किग्रा गेहूं, डेढ़ किग्रा चावल, 455 ग्राम सरसों का तेल संग दाल मिलेगा। इसी तरह छह माह से तीन वर्ष के बच्चों को पहले डेढ़ किग्रा गेहूं, एक किग्रा चावल, 450 ग्राम घी और 750 ग्राम दाल दिया जाएगा। गर्भवती महिलाओं को दो किग्रा गेहूं, एक किग्रा चावल, 450 ग्राम घी, 750 ग्राम दाल और 455 ग्राम तेल मिलेगा। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से जिले में संचालित 1483 आंगनबाड़ी केंद्रों पर दो लाख 17 हजार बच्चे पंजीकृत हैं। तीन माह पूर्व कराए गए सर्वे में छह हजार अति कुपोषित और 13 हजार कुपोषित बच्चे मिले थे। प्राथमिकता के तौर पर ऐसे बच्चों को पोषण आहार पहुंचाना होगा।
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बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के तहत जिले में 1483 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं, जिनमें दो लाख 17 हजार लाभार्थी पंजीकृत हैं। पंजीकृत लाभार्थियों में बच्चे, किशोरियां, गर्भवती और धात्री महिलाएं शामिल हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की ओर से पंजीकृत लाभार्थियों को स्वास्थ्य सुरक्षा से संबंधित जानकारी दी जाती है। जबकि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के माध्यम से इनमें ड्राई राशन के साथ देशी घी, दूध का वितरण किया जाता था। शासन की ओर से इसमें अप्रैल से बदलाव किया गया। नए मीनू के अनुसार लाभार्थियों को चना दाल के साथ ही सोयाबीन तेल दिया गया। अब सोयाबीन तेल के स्थान पर सरसों का तेल मिलेगा।
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इस संबंध में जिला कार्यक्रम अधिकारी राजीव सिंह ने बताया कि इसके लिए सभी सीडीपीओ को निर्देश जारी कर दिया गया है। लाभार्थियों में वितरित किए जाने वाले राशन की मानीटरिंग की जाएगी। यदि कहीं गड़बड़ी मिली तो संबंधित सीडीपीओ जिम्मेदार होंगी।
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डीपीओ ने बताया कि पहले अतिकुपोषित बच्चों को ढाई किग्रा गेहूं, डेढ़ किग्रा चावल, 900 ग्राम घी, 500 ग्राम दाल मिलता था। लेकिन जून से डेढ़ किग्रा गेहूं, डेढ़ किग्रा चावल, 455 ग्राम सरसों का तेल संग दाल मिलेगा। इसी तरह छह माह से तीन वर्ष के बच्चों को पहले डेढ़ किग्रा गेहूं, एक किग्रा चावल, 450 ग्राम घी और 750 ग्राम दाल दिया जाएगा। गर्भवती महिलाओं को दो किग्रा गेहूं, एक किग्रा चावल, 450 ग्राम घी, 750 ग्राम दाल और 455 ग्राम तेल मिलेगा। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से जिले में संचालित 1483 आंगनबाड़ी केंद्रों पर दो लाख 17 हजार बच्चे पंजीकृत हैं। तीन माह पूर्व कराए गए सर्वे में छह हजार अति कुपोषित और 13 हजार कुपोषित बच्चे मिले थे। प्राथमिकता के तौर पर ऐसे बच्चों को पोषण आहार पहुंचाना होगा।