{"_id":"5fb7efac8ebc3e9ba43c13ab","slug":"migrant-passengers-are-not-getting-kovid-investigation-concern-increased-bhadohi-news-vns559186153","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रवासी यात्रियों की नहीं हो रही कोविड जांच, चिंता बढ़ी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रवासी यात्रियों की नहीं हो रही कोविड जांच, चिंता बढ़ी
विज्ञापन
ज्ञानपुर। पूर्वोत्तर और उत्तर मध्य रेलवे के विभिन्न स्टेशनों पर ठहराव लेकर वाराणसी की ओर बढ़ने वाली ट्रेनों के साथ डर और आशंकाओं का भी आगमन हो रहा है, मगर जिम्मेदार विभाग बेखबर हैं। त्योहारी सीजन में दिल्ली, एनसीआर से आने वाली ट्रेनों से उतरने वाले यात्रियों की संख्या जिले में बढ़ रही है, लेकिन किसी की कोविड जांच नहीं हो रही। स्टेशनों पर जांच की कोई व्यवस्था नहीं है। इससे महामारी के दोबारा पांव पसारने की आशंका बढ़ गई है।
ट्रेनों से उतरते ही वाहनों की बुकिंग कर वह बेधड़क घर पहुंच जाते हैं। इसका नजारा शुक्रवार को नईदिल्ली से मंडुआडीह जा रही डाउन मंडुआडीह एक्सप्रेस के ज्ञानपुर रोड रेलवे स्टेशन पहुंचने पर दिखा। स्टेशन पर उतरे लगभग दो सौ यात्री अपने-अपने गांवों की ओर बिना जांच कराए आगे बढ़े। चिंता की बात यह है कि महामारी के दौर में चार माह तक ज्ञानपुर रोड रेलवे स्टेशन रहा हो या माधोसिंह, भदोही, सुरियावां, जंघई, सरायकंसराय, परसीपुर और सुरियावां। कोरोना स्पेशल ट्रेनों के आते-जाते समय स्वास्थ्य विभाग, संबंधित तहसील प्रशासन, सिविल थाना, कोतवाली, चौकी, जीआरपी, आरपीएफ, मंडलीय रेलवे के नोडल अधिकारी-कर्मचारी क्रमवार यात्रियों की जांच कराकर ही आगे बढ़ने दे रहे थे। अनलॉक में जैसे-जैसे यात्रियों की भीड़ अपने-अपने रोजी-रोटी वाले नगरों-महानगरों को जाने की चिंता हुई, बिचौलियों से आर्थिक शोषण का शिकार होकर स्पेशल ट्रेनों से यात्रा जांच कराने के बाद ही शुरू किया। रूटीन पर आईं ट्रेनों का फेरा बढ़ने पर जांच टीम भी महामारी से चिंतामुक्त होकर मुंबई, नई दिल्ली, कानपुर, सिकंदराबाद, नोएड, सूरत, गुजरात, उधना आदि प्रदेशों से लौटने यात्रियों को खुली छूट दे दी गई। लोगों का कहना है कि यह खतरनाक हो सकता है। एनसीआर से जिले में एक सप्ताह के अंदर 600 लोगों का आवागमन हुआ है, लेकिन जांच किसी की नहीं कराई गई।
पूर्वोत्तर रेलवे के पीआरओ वाराणसी अशोक कुमार ने कहा कि यात्रा का आरंभ करते समय रेलवे प्रशासन महामारी की गाइडलाइन का पालन कराकर ही ट्रेनों में बैठने दिया जा रहा है। उतरने वाले स्टेशनों पर जिला प्रशासन की जिम्मेदारी होती है कि वह जांच कराए।
विज्ञापन
विज्ञापन
ट्रेनों से उतरते ही वाहनों की बुकिंग कर वह बेधड़क घर पहुंच जाते हैं। इसका नजारा शुक्रवार को नईदिल्ली से मंडुआडीह जा रही डाउन मंडुआडीह एक्सप्रेस के ज्ञानपुर रोड रेलवे स्टेशन पहुंचने पर दिखा। स्टेशन पर उतरे लगभग दो सौ यात्री अपने-अपने गांवों की ओर बिना जांच कराए आगे बढ़े। चिंता की बात यह है कि महामारी के दौर में चार माह तक ज्ञानपुर रोड रेलवे स्टेशन रहा हो या माधोसिंह, भदोही, सुरियावां, जंघई, सरायकंसराय, परसीपुर और सुरियावां। कोरोना स्पेशल ट्रेनों के आते-जाते समय स्वास्थ्य विभाग, संबंधित तहसील प्रशासन, सिविल थाना, कोतवाली, चौकी, जीआरपी, आरपीएफ, मंडलीय रेलवे के नोडल अधिकारी-कर्मचारी क्रमवार यात्रियों की जांच कराकर ही आगे बढ़ने दे रहे थे। अनलॉक में जैसे-जैसे यात्रियों की भीड़ अपने-अपने रोजी-रोटी वाले नगरों-महानगरों को जाने की चिंता हुई, बिचौलियों से आर्थिक शोषण का शिकार होकर स्पेशल ट्रेनों से यात्रा जांच कराने के बाद ही शुरू किया। रूटीन पर आईं ट्रेनों का फेरा बढ़ने पर जांच टीम भी महामारी से चिंतामुक्त होकर मुंबई, नई दिल्ली, कानपुर, सिकंदराबाद, नोएड, सूरत, गुजरात, उधना आदि प्रदेशों से लौटने यात्रियों को खुली छूट दे दी गई। लोगों का कहना है कि यह खतरनाक हो सकता है। एनसीआर से जिले में एक सप्ताह के अंदर 600 लोगों का आवागमन हुआ है, लेकिन जांच किसी की नहीं कराई गई।
विज्ञापन
पूर्वोत्तर रेलवे के पीआरओ वाराणसी अशोक कुमार ने कहा कि यात्रा का आरंभ करते समय रेलवे प्रशासन महामारी की गाइडलाइन का पालन कराकर ही ट्रेनों में बैठने दिया जा रहा है। उतरने वाले स्टेशनों पर जिला प्रशासन की जिम्मेदारी होती है कि वह जांच कराए।
विज्ञापन