{"_id":"584082114f1c1b3413de531a","slug":"mast-parliament-can-not-beat-me-in-wrestling-mast","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोई सांसद कुश्ती में मुझे नहीं हरा सकता: मस्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोई सांसद कुश्ती में मुझे नहीं हरा सकता: मस्त
bhadohi hindi news
Updated Fri, 02 Dec 2016 01:33 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
ज्ञानपुर। नोटबंदी के मसले पर पिछले कई दिनों से हंगामा झेल रही संसद में विपक्षी सांसदों को कुश्ती के लिए ललकार कर एक बार फिर चर्चा में आए भदोही सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने कहा कि संसद जनसरोकार से जुड़े मुद्दों पर बहस करने के लिए है, न कि हंगामा करने के लिए। लोकसभा में खेल के मसले पर चर्चा के दौरान विपक्षी सांसदों के हंगामे पर मैंने कहा था कि मैं कुश्ती का खिलाड़ी रहा हूं। विपक्ष के लोग हंगामा बंद नहीं किए तो उन्हें कुश्ती से सबक सिखा सकता हूं। आज भी इतना तो है ही कि दुनिया का कोई सांसद मुझे कुश्ती में नहीं हरा सकता।
अमर उजाला से बातचीत में सांसद वीरेंद्र सिंह ने कहा कि जनता के आदेश पर देशभर से पांच सौ से अधिक सांसद चुनकर लोकसभा में आते हैं, लेकिन कुछ लोगों ने मिलकर संसद के अधिकारों का अपहरण कर लिया है। बे सिर-पैर की बातों को लेकर हंगामा किया जा रहा है। जनता की समस्याएं भुला दी गईं हैं। विपक्ष को नसीहत देते हुए सिंह ने कहा कि बहस करिए। सरकार अपनी बात रख रही है, आप भी तार्किक ढंग से चर्चा कीजिए। समस्याओं का निदान होना चाहिए। लेकिन, ऐसा नहीं है। हर रोज मुद्दे बदले जा रहे हैं। पूरा मकसद केवल संसद को नहीं चलने देने का है। संसद की कार्यवाही में आए दिन खलल पड़ने से तकलीफ होती है। सांसद ने कहा कि लोकसभा में बृहस्पतिवार को खेल के मसले पर चर्चा हो रही थी। मैं खुद कुश्ती का एक खिलाड़ी रहा हूं। हंगामा होने लगा तो मैंने कहा कि दुनिया का कोई सांसद मुझे कुश्ती में नहीं हरा सकता। विपक्ष के लोगों को हंगामा बंद कर देना चाहिए, नहीं तो मैँ उन्हें कुश्ती से सिखा दूंगा। उल्लेखनीय है कि गत अगस्त में सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त अमेरिका यात्रा के दौरान अपनी पगड़ी को लेकर चर्चा में आए थे। जब अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों ने सुरक्षा के लिहाज से पगड़ी उतार कर आने के लिए कहा तो उन्होंने पगड़ी को भारतीय किसानों की शान बताकर उसे उतारने से मना करते हुए अमेरिका जाने से इनकार कर दिया था। वीरेंद्र सिंह को अमेरिका के विश्वविद्यालयों में कृषि के विषयों पर भाषण देना था।
अमर उजाला से बातचीत में सांसद वीरेंद्र सिंह ने कहा कि जनता के आदेश पर देशभर से पांच सौ से अधिक सांसद चुनकर लोकसभा में आते हैं, लेकिन कुछ लोगों ने मिलकर संसद के अधिकारों का अपहरण कर लिया है। बे सिर-पैर की बातों को लेकर हंगामा किया जा रहा है। जनता की समस्याएं भुला दी गईं हैं। विपक्ष को नसीहत देते हुए सिंह ने कहा कि बहस करिए। सरकार अपनी बात रख रही है, आप भी तार्किक ढंग से चर्चा कीजिए। समस्याओं का निदान होना चाहिए। लेकिन, ऐसा नहीं है। हर रोज मुद्दे बदले जा रहे हैं। पूरा मकसद केवल संसद को नहीं चलने देने का है। संसद की कार्यवाही में आए दिन खलल पड़ने से तकलीफ होती है। सांसद ने कहा कि लोकसभा में बृहस्पतिवार को खेल के मसले पर चर्चा हो रही थी। मैं खुद कुश्ती का एक खिलाड़ी रहा हूं। हंगामा होने लगा तो मैंने कहा कि दुनिया का कोई सांसद मुझे कुश्ती में नहीं हरा सकता। विपक्ष के लोगों को हंगामा बंद कर देना चाहिए, नहीं तो मैँ उन्हें कुश्ती से सिखा दूंगा। उल्लेखनीय है कि गत अगस्त में सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त अमेरिका यात्रा के दौरान अपनी पगड़ी को लेकर चर्चा में आए थे। जब अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों ने सुरक्षा के लिहाज से पगड़ी उतार कर आने के लिए कहा तो उन्होंने पगड़ी को भारतीय किसानों की शान बताकर उसे उतारने से मना करते हुए अमेरिका जाने से इनकार कर दिया था। वीरेंद्र सिंह को अमेरिका के विश्वविद्यालयों में कृषि के विषयों पर भाषण देना था।
विज्ञापन