फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bhadohi News ›   In 18 hours, the water level of Ganga increased by 1.75 meters, barrels were tied at the cremation ground

Bhadohi News: 18 घंटे में पौने दो मीटर बढ़ा गंगा का पानी, श्मशान घाट पर बांधे गए पीपे

Sun, 14 Jul 2024 01:37 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 14 Jul 2024 01:37 AM IST
विज्ञापन
In 18 hours, the water level of Ganga increased by 1.75 meters, barrels were tied at the cremation ground
सीतामढ़ी। तीन ओर से गंगा से घिरे कोनिया क्षेत्र के लोगों की धड़कनें बढ़ने लगी हैं। बीते 18 घंटे में गंगा का जलस्तर पौने दो मीटर तक बढ़ गया है। गंगा का पानी करीब 20 फीट घाटों की तरफ बढ़ा है। जिससे स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है। हालांकि अभी गंगा चेतावनी बिंदु के काफी पीछे हैं, लेकिन जिस तरह से 18 घंटों में दो मीटर गंगा का जलस्तर बढ़ा है। उससे छेछुआ, भुर्रा जैसे बाढ़ से प्रभावित होने वाले इलाकों की चिंताएं बढ़ गई है।
विज्ञापन

नहर विभाग के अनुसार गंगा दो सेमी प्रति घंटा की रफ्तार से बढ़ रही हैं। शनिवार सुबह आठ बजे तक जलस्तर 64.65 मीटर दर्ज किया गया। अभी भी गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु से करीब 16 मीटर नीचे है। शुक्रवार शाम 6 बजे से जलस्तर में अप्रत्याशित बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। धार्मिक स्थली सीतामढ़ी के समतल गंगा तट की ओर लगभग 20 फीट पानी बढ़ गया है। वहीं जलस्तर में भी लगभग पौने दो मीटर से अधिक की भारी वृद्धि देखने को मिली।
विज्ञापन

जलस्तर बढ़ने के बाद सीतामढ़ी गंगा में फंसे सभी पीपा को सुरक्षित स्थान पर किया गया है। लोक निर्माण विभाग के लोग रात से ही पीपा को बांधने के काम में लग रहे। कर्मी संजय कुमार ने बताया कि अब सभी पीपा को श्मशान घाट के बगल सुरक्षित स्थान पर बांध दिया गया है। दूसरी तरफ सीतामढ़ी स्नान घाट पर गंगा का जलस्तर करारी तक पहुंच गया है। स्नान घाट पर गंगा में बैरिकेडिंग की गई है। साथ ही घाट पर पुलिस बलों की तैनाती है। गंगा घाट पर जल पुलिस की भी पैनी नजर है।
विज्ञापन
विज्ञापन

बाढ़ के लिए 24 चौकियां स्थापित
जिले में बाढ़ के संभावित प्रभाव को देखते हुए जिला प्रशासन ने तैयारी कर ली है। जिले के गंगा तटवर्ती इलाकों में बाढ़ से बचाव को लेकर 24 चौकियां स्थापित की गई हैं। बाढ़ चौकियों पर एक लेखपाल, सिंचाई, स्वास्थ्य, पशुपालन, पुलिस समेत अन्य विभागों की तैनाती होगी। इसके अलावा चौकी पर एक छोटी नाव के साथ सुरक्षा अन्य के इंतजाम होंगे। जिसके माध्यम से बाढ़ से प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाया जा सके।
हरिहरपुर गांव का अस्तित्व ही समाप्त
छेछुआ, भुर्रा, मवैया थानसिंह, इटहरा और रामपुर, जहांगीराबाद जैसे इलाके गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद हर साल प्रभावित होते हैं। ऐसे में इन गांवों पर प्रशासन की विशेष नजर है। पिछले दो दशक में गंगा में आई बाढ़ के कारण हरिहरपुर गांव का अस्तित्व ही समाप्त हो गया। बाढ़ से करीब 22 सौ बीघा भूमि गंगा में समाहित हो चुकी है।

पश्चिमी यूपी एवं पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश से गंगा का जलस्तर जलस्तर दो सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। शनिवार सुबह आठ बजे तक जलस्तर 64.65 मीटर दर्ज किया गया है। जिले में गंगा का चेतावनी बिंदु 80.20 मीटर है। 81.20 मीटर खतरे का निशान निर्धारित है। - सुधीर कुमार पाल, अधिशासी अभियंता नहर।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed