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दहेज हत्या में पति को 10 साल की कैद
bhadohi hindi news
Updated Thu, 07 Jul 2016 01:46 AM IST
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अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय प्रथम की अदालत ने दहेज हत्या के मामले में पति को दस साल और दो अन्य दोषियों को सात-सात साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। सात साल पुराने मामले में कोर्ट ने बुधवार को यह फैसला सुनाया। घटना ऊंज थानाक्षेत्र के बरईपुर गांव की है।
घटना के मुताबिक लालता प्रसाद पुत्र राम नरेश ने आरोप लगाया था कि उसकी पुत्री रन्नो देवी का विवाह ऊंज थाना क्षेत्र के बरईपुर गांव निवासी सुभाष के साथ दस मई 2005 को हुआ था। उसकी पुत्री के ससुराल के लोगों ने दहेज वसूलने के लिए रन्नो को तरह-तरह से प्रताड़ित करते थे। 19 अप्रैल 2009 को आरोपियों ने रन्नो के गले के नीचे और ऊपर लाठी से दबा कर उसकी हत्या कर दी। विवाहिता के मायके वाले जब ससुराल पहुंचे तो देखा कि गले पर लाठियों के निशान और दाहिने हाथ में गंभीर चोट है। विवाहिता के पिता ने रिपोर्ट दर्ज कराकर पोस्टमार्टम कराने की गुहार लगाई। न्यायालय ने दोनों पक्षों के बयान और तर्कों को सुनने के बाद न्यायाधीश अखिलेश पांडेय की अदालत ने सुभाष को दस वर्ष की सश्रम कारावास और लालमणि ओर लालजी को सात-सात वर्ष की सश्रम कारावास की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष से बहस पैरवी सहायक शासकीय अधिवक्ता सुधाकर प्रसाद पांडेय ने की।
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घटना के मुताबिक लालता प्रसाद पुत्र राम नरेश ने आरोप लगाया था कि उसकी पुत्री रन्नो देवी का विवाह ऊंज थाना क्षेत्र के बरईपुर गांव निवासी सुभाष के साथ दस मई 2005 को हुआ था। उसकी पुत्री के ससुराल के लोगों ने दहेज वसूलने के लिए रन्नो को तरह-तरह से प्रताड़ित करते थे। 19 अप्रैल 2009 को आरोपियों ने रन्नो के गले के नीचे और ऊपर लाठी से दबा कर उसकी हत्या कर दी। विवाहिता के मायके वाले जब ससुराल पहुंचे तो देखा कि गले पर लाठियों के निशान और दाहिने हाथ में गंभीर चोट है। विवाहिता के पिता ने रिपोर्ट दर्ज कराकर पोस्टमार्टम कराने की गुहार लगाई। न्यायालय ने दोनों पक्षों के बयान और तर्कों को सुनने के बाद न्यायाधीश अखिलेश पांडेय की अदालत ने सुभाष को दस वर्ष की सश्रम कारावास और लालमणि ओर लालजी को सात-सात वर्ष की सश्रम कारावास की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष से बहस पैरवी सहायक शासकीय अधिवक्ता सुधाकर प्रसाद पांडेय ने की।
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