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कोषागार से पेंशन मिलने पर खुशी
ब्यूरो ज्ञानपुर अमर उजाला
Updated Mon, 22 Dec 2014 11:37 PM IST
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ज्ञानपुर। अनुदानित मदरसोें के सेवानिवृत्त शिक्षकों, कर्मियों का पेंशन जिलाकोषागार से देने की व्यवस्था का टीचर एसोसिएशन मदारिसे अरबिया ने स्वागत किया है।
इसके लिए शासन और विशेषकर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का आभार जताया है।
टीचर एसोसिएशन मदारिसे अरबिया के जिलाध्यक्ष मौलाना जर्रार अशर्फी और सेक्रेटरी हाफिज सलाहुद्दीन ने कहा कि रिटायर के बाद भी मदरसा शिक्षकों, कर्मियों को बिल प्रस्तुती, कई हस्ताक्षर के बाद उन्हें पेंशन मिलती थी।
यह प्रक्रिया उन्हें हर माह करनी पड़ती थी, लेकिन शासन ने कोषागार से पेंशन व्यवस्था कर आसानी प्रदान कर दी है। सेवानिवृत्त खमरिया मदरसे के शिक्षक जलील अहमद, भदोही के मोहम्मद आरिफ, मोहम्मद शमशाद का कहना है कि पेंशन के लिए उन्हें हर माह अल्पसंख्यक विभाग के अलावा मदरसा संचालक के पास भी हस्ताक्षर के लिए जाना पड़ता था।
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चक्कर लगाने में समय के साथ आर्थिक नुकसान भी होता है। शासन का यह कदम स्वागत योग्य है। मदरसा शिक्षक मौलाना मुख्तार रिजवी, मौलाना फजले रसूल, मौलाना जाहिद रजा, मोबिन सिद्दीकी ने बताया कि इससे शोषण से बचा जा सकता है।
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इसके लिए शासन और विशेषकर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का आभार जताया है।
टीचर एसोसिएशन मदारिसे अरबिया के जिलाध्यक्ष मौलाना जर्रार अशर्फी और सेक्रेटरी हाफिज सलाहुद्दीन ने कहा कि रिटायर के बाद भी मदरसा शिक्षकों, कर्मियों को बिल प्रस्तुती, कई हस्ताक्षर के बाद उन्हें पेंशन मिलती थी।
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यह प्रक्रिया उन्हें हर माह करनी पड़ती थी, लेकिन शासन ने कोषागार से पेंशन व्यवस्था कर आसानी प्रदान कर दी है। सेवानिवृत्त खमरिया मदरसे के शिक्षक जलील अहमद, भदोही के मोहम्मद आरिफ, मोहम्मद शमशाद का कहना है कि पेंशन के लिए उन्हें हर माह अल्पसंख्यक विभाग के अलावा मदरसा संचालक के पास भी हस्ताक्षर के लिए जाना पड़ता था।
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चक्कर लगाने में समय के साथ आर्थिक नुकसान भी होता है। शासन का यह कदम स्वागत योग्य है। मदरसा शिक्षक मौलाना मुख्तार रिजवी, मौलाना फजले रसूल, मौलाना जाहिद रजा, मोबिन सिद्दीकी ने बताया कि इससे शोषण से बचा जा सकता है।