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Bhadohi News: 2 महीने पहले ही बीते साल के रिकॉर्ड जलस्तर के करीब पहुंचीं गंगा
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सीतामढ़ी। जनपद में गंगा का जलस्तर बीते साल की अपेक्षा इस बार तेजी से बढ़ रहा है। जलस्तर दो महीने पहले ही बीते साल के करीब पहुंचने वाला है। इससे तटवर्ती क्षेत्र के लोगों की धड़कनें अभी से बढ़ने लगी हैं। पांच सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से जलस्तर बढ़ रहा है। वर्तमान में गंगा का जलस्तर 76.750 मीटर तक पहुंच गया है। बीते 24 घंटे में जलस्तर 1.20 मीटर बढ़ा है। प्रशासन ने बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया है।
जनपद में गंगा का चेतावनी बिंदु 80.20 मीटर है। वहीं, खतरे का निशान 8़1.20 मीटर है। कानपुर स्थित बांध से पानी छोड़े जाने से पिछले साल 15 सितंबर, 2024 को गंगा का जलस्तर 78 मीटर तक पहुंचा था। इसके बाद जलस्तर घटने लगा था। इस बार करीब दो महीने पहले ही जलस्तर 76.750 मीटर तक पहुंच गया है। कारण कि बीते साल की अपेक्षा इस बार पहाड़ी क्षेत्रों में झमाझम बारिश हो रही है। वहीं, तटवर्ती क्षेत्रों में भी खूब बारिश हो रही है।
कोनिया क्षेत्र है अधिक संवेदनशील
बीते साल की अपेक्षा इस साल गंगा का जलस्तर सिर्फ 1.25 मीटर नीचे है। बाढ़ के दृष्टिकोण से कोनिया सबसे अधिक संवेदनशील क्षेत्र है। इस क्षेत्र का हर गांव गंगा के तट को छूता है। वहीं, तीन ओर से गंगा से घिरे छेछुआ और भुर्रा गांव तो हर साल कटान का दंश झेलता है। इस साल जिस वेग से गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है। उससे तटवर्ती क्षेत्र के लोग सहमे हैं। उन्हें अभी से साल 1978 में आई बाढ़ की विभिषिका सताने लगी है। उस समय बाढ़ ने ऐसी चोट मारी थी कि गंगा में एक गांव ही समाहित हो गया था।
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बाढ़ प्रभावित गांव के लोग इस नंबर पर करें कॉल
05414-250223
05414-250308
ये हैं प्रशासनिक तैयारियां
40 किमी है जनपद में गंगा तटीय क्षेत्र का दायरा
212 गांव में टीम संभावित बाढ़ को देखते हुए रखी है नजर
13 गोताखोरों की भी लगी है ड्यूटी
40 छोटी नाव, 15 बड़ी नाव, 10 मझौली नाव
तीन मोटर बोट बाढ़ से निपटने के लिए हैं तैयार
यह गांव हैं संवेदनशील
छेछुआ, भुर्रा, इटहरा और मवैया थानसिंह, हरिरामपुर गांव बाढ़ के दृष्टिकोण से अति संवेदनशील की श्रेणी में हैं।
22 बाढ़ चौकियां अलर्ट, कंट्रोल रूम से ली जा रही पल-पल की जानकारी
बाढ़ की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट मोड में है। गंगा किनारे बनाई गईं सभी 22 बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया गया है। तटवर्ती क्षेत्र में लोगों को पल-पल की जानकारी दी जा रही है। जिला प्रशासन खुद पल-पल की जानकारी ले रहा है। कलेक्ट्रेट में बनाए गए कंट्रोल रूम से हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। प्रशासन का दावा है कि बाढ़ की तैयारियां पुख्ता हैं।
गंगा का वर्तमान जलस्तर 76.750 मीटर के करीब है। जलस्तर में पांच सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ाव हो रहा है। फिलहाल गंगा चेतावनी बिंदु से तीन और खतरे के निशान से चार मीटर दूर हैं। - सुधीर कुमार पाल, एक्सईएन नहर।
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गंगा किनारे बनाए गए बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया गया है। पल-पल की जानकारी ली जा रही है। बाढ़ को देखते हुए प्रशासनिक स्तर से सारी तैयारियां पुख्ता हैं। - कुंवर वीरेंद्र मौर्य, एडीएम, वित्त एवं राजस्व।
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जनपद में गंगा का चेतावनी बिंदु 80.20 मीटर है। वहीं, खतरे का निशान 8़1.20 मीटर है। कानपुर स्थित बांध से पानी छोड़े जाने से पिछले साल 15 सितंबर, 2024 को गंगा का जलस्तर 78 मीटर तक पहुंचा था। इसके बाद जलस्तर घटने लगा था। इस बार करीब दो महीने पहले ही जलस्तर 76.750 मीटर तक पहुंच गया है। कारण कि बीते साल की अपेक्षा इस बार पहाड़ी क्षेत्रों में झमाझम बारिश हो रही है। वहीं, तटवर्ती क्षेत्रों में भी खूब बारिश हो रही है।
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कोनिया क्षेत्र है अधिक संवेदनशील
बीते साल की अपेक्षा इस साल गंगा का जलस्तर सिर्फ 1.25 मीटर नीचे है। बाढ़ के दृष्टिकोण से कोनिया सबसे अधिक संवेदनशील क्षेत्र है। इस क्षेत्र का हर गांव गंगा के तट को छूता है। वहीं, तीन ओर से गंगा से घिरे छेछुआ और भुर्रा गांव तो हर साल कटान का दंश झेलता है। इस साल जिस वेग से गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है। उससे तटवर्ती क्षेत्र के लोग सहमे हैं। उन्हें अभी से साल 1978 में आई बाढ़ की विभिषिका सताने लगी है। उस समय बाढ़ ने ऐसी चोट मारी थी कि गंगा में एक गांव ही समाहित हो गया था।
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बाढ़ प्रभावित गांव के लोग इस नंबर पर करें कॉल
05414-250223
05414-250308
ये हैं प्रशासनिक तैयारियां
40 किमी है जनपद में गंगा तटीय क्षेत्र का दायरा
212 गांव में टीम संभावित बाढ़ को देखते हुए रखी है नजर
13 गोताखोरों की भी लगी है ड्यूटी
40 छोटी नाव, 15 बड़ी नाव, 10 मझौली नाव
तीन मोटर बोट बाढ़ से निपटने के लिए हैं तैयार
यह गांव हैं संवेदनशील
छेछुआ, भुर्रा, इटहरा और मवैया थानसिंह, हरिरामपुर गांव बाढ़ के दृष्टिकोण से अति संवेदनशील की श्रेणी में हैं।
22 बाढ़ चौकियां अलर्ट, कंट्रोल रूम से ली जा रही पल-पल की जानकारी
बाढ़ की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट मोड में है। गंगा किनारे बनाई गईं सभी 22 बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया गया है। तटवर्ती क्षेत्र में लोगों को पल-पल की जानकारी दी जा रही है। जिला प्रशासन खुद पल-पल की जानकारी ले रहा है। कलेक्ट्रेट में बनाए गए कंट्रोल रूम से हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। प्रशासन का दावा है कि बाढ़ की तैयारियां पुख्ता हैं।
गंगा का वर्तमान जलस्तर 76.750 मीटर के करीब है। जलस्तर में पांच सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ाव हो रहा है। फिलहाल गंगा चेतावनी बिंदु से तीन और खतरे के निशान से चार मीटर दूर हैं। - सुधीर कुमार पाल, एक्सईएन नहर।
गंगा किनारे बनाए गए बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया गया है। पल-पल की जानकारी ली जा रही है। बाढ़ को देखते हुए प्रशासनिक स्तर से सारी तैयारियां पुख्ता हैं। - कुंवर वीरेंद्र मौर्य, एडीएम, वित्त एवं राजस्व।