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फर्जी दरोगा बनकर धमकाने के मामले में दर्ज होगी प्राथमिकी
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ज्ञानपुर। फर्जी दरोगा बनकर सेवानिवृत्त शिक्षक से डेढ़ लाख रुपये हड़पने के मामले में शुक्रवार को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट साधना गिरी ने पुलिस को विवेचना कर प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है। अभियोजन पक्ष की ओर से नारायण कालोनी ज्ञानपुर नगर निवासी महेंद्र सिंह पुत्र अमरदेव सिंह सेवानिवृत्त शिक्षक ने न्यायालय में वाद दाखिल कर आरोप लगाया है कि गोसाईदासपुर निवासी झुल्लूर पुत्र हरिशंकर विश्वकर्मा ने पिता के इलाज के लिए डेढ़ लाख रुपया कर्ज लिया था।
बताया कि रुपये की मांग करने पर 17 अक्तूबर 2020 को झुल्लूर आदि एकराय होकर मोबाइल पर बात करते हुए बोले कि मैं शिवपुर थाना वाराणसी का इंस्पेक्टर बोल रहा हूं। तुमने हत्या कराने के लिए झुल्लूर को वाराणसी भेजा है और झुल्लूर पकड़ लिया गया है। कहा कि अब तुम्हें भी गिरफ्तार कर अंदर करने वाला हूं। उक्त बातों से महेंद्र सिंह ने घबरा कर पता किया तो जिस मोबाइल नंबर से बात हुई थी वह शिवपुर थाना इंस्पेक्टर का था ही नहीं।
इसके बाद महेंद्र सिंह ने इसकी शिकायत ज्ञानपुर कोतवाली पुलिस से की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। कार्रवाई न होने से उसने 156(3)के तहत न्यायालय में वाद दाखिल कर दिया। शुक्रवार को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट साधना गिरी ने वादी के अधिवक्ता सत्येंद्र प्रताप सिंह की दलीले सुनने के बाद संज्ञेय अपराध पाते हुए प्रभारी निरीक्षक ज्ञानपुर को विवेचना कर सुसंगत धाराओं में फर्जी दरोगा के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश सुनाया।
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बताया कि रुपये की मांग करने पर 17 अक्तूबर 2020 को झुल्लूर आदि एकराय होकर मोबाइल पर बात करते हुए बोले कि मैं शिवपुर थाना वाराणसी का इंस्पेक्टर बोल रहा हूं। तुमने हत्या कराने के लिए झुल्लूर को वाराणसी भेजा है और झुल्लूर पकड़ लिया गया है। कहा कि अब तुम्हें भी गिरफ्तार कर अंदर करने वाला हूं। उक्त बातों से महेंद्र सिंह ने घबरा कर पता किया तो जिस मोबाइल नंबर से बात हुई थी वह शिवपुर थाना इंस्पेक्टर का था ही नहीं।
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इसके बाद महेंद्र सिंह ने इसकी शिकायत ज्ञानपुर कोतवाली पुलिस से की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। कार्रवाई न होने से उसने 156(3)के तहत न्यायालय में वाद दाखिल कर दिया। शुक्रवार को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट साधना गिरी ने वादी के अधिवक्ता सत्येंद्र प्रताप सिंह की दलीले सुनने के बाद संज्ञेय अपराध पाते हुए प्रभारी निरीक्षक ज्ञानपुर को विवेचना कर सुसंगत धाराओं में फर्जी दरोगा के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश सुनाया।
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