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महंगाई के खिलाफ किसान मजदूरों ने धरना दिया
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वाम जनवादी दलों के आह्वान पर मंगलवार को भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी व अन्य वाम दलों के किसान, मजदूरों ने धरना देकर प्रदर्शन किया। वक्ताओं ने कहा कि सरकार महंगाई को नियंत्रित नहीं कर पा रही है। अंत में प्रधानमंत्री को संबोधित पांच सूत्री मांगपत्र एसडीएम को सौंपा गया।
भाकपा जिला सचिव जगन्नाथ मौर्य ने कहा कि केंद्र व प्रदेश की भाजपा सरकार किसान विरोधी और पूंजीपतियों की हितैषी है। गरीबों को उज्जवला योजना में सिलिंडर थमा कर अब ईधन गैस प्रति सिलिंडर एक हजार रुपये दे रही हैं। सरकार ने पेट्रोलियम पदार्थों के विनियमतीकरण के समय वादा किया था कि सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी शुन्य कर देंगे लेकिन अब तक उस पर अमल नहीं हुआ। प्रदर्शन के दौरान डीजल पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी खत्म करने की मांग की गई। बढते खाद्य तेलों की कीमतों को काबू में करने तथा तीन कृषि कानूनों को समाप्त करने और उर्वरकों तथा बिजली की कीमत घटाने की मांग की गई।
धरना में इंद्रदेव पाल, मनोज कुमार, बनारसी सोनकर, रमापति यादव, प्रेमबहादुर, बेचू बिंद, प्रेम चंद्र मौर्य, विनोद उपाध्याय, ज्ञानप्रकाश आदि धरने में शामिल रहे।
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भाकपा जिला सचिव जगन्नाथ मौर्य ने कहा कि केंद्र व प्रदेश की भाजपा सरकार किसान विरोधी और पूंजीपतियों की हितैषी है। गरीबों को उज्जवला योजना में सिलिंडर थमा कर अब ईधन गैस प्रति सिलिंडर एक हजार रुपये दे रही हैं। सरकार ने पेट्रोलियम पदार्थों के विनियमतीकरण के समय वादा किया था कि सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी शुन्य कर देंगे लेकिन अब तक उस पर अमल नहीं हुआ। प्रदर्शन के दौरान डीजल पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी खत्म करने की मांग की गई। बढते खाद्य तेलों की कीमतों को काबू में करने तथा तीन कृषि कानूनों को समाप्त करने और उर्वरकों तथा बिजली की कीमत घटाने की मांग की गई।
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धरना में इंद्रदेव पाल, मनोज कुमार, बनारसी सोनकर, रमापति यादव, प्रेमबहादुर, बेचू बिंद, प्रेम चंद्र मौर्य, विनोद उपाध्याय, ज्ञानप्रकाश आदि धरने में शामिल रहे।
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