ज्ञानपुर। जिलाधिकारी गौरांग राठी की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक हुई। इसमें जन्म मृत्यु पंजीकरण, संस्थागत प्रसव, आयुष्मान कार्ड, ई-कवच, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना सहित अन्य योजनाओं की समीक्षा की। गोल्डेन कार्ड बनाने में शिथिलता बरतने पर बीडीओ सुरियावां और अभोली से स्पष्टीकरण मांगा। यूनिसेफ के मंडलीय प्रभारी संतोष कुमार श्रीवास्तव ने जन्म मृत्यु पंजीकरण पर बताया कि जन्म व मृत्यु निरंतर व स्थायी रिकार्डिग की प्रक्रिया है। यह जन्म मृत्यु पंजीकरण अधिनियम 1975 के अंतर्गत अनिवार्य है। उन्होंने जन्म प्रमाण पत्र के उपयोग पर बल देते हुए बताया कि इसका लाभ समाज कल्याण योजनाओं का लाभ लेने के लिए होता है। विद्यालय में प्रवेश हेतु, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट, आधार कार्ड बनाने के लिए राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर में नाम दर्ज कराने के लिए प्रयोग किया जाता है। डीएम ने सभी उप स्वास्थ्य केंद्रों पर जन्म लेने वाले बच्चों का प्रमाणपत्र बनाने के लिए आशा, एएनएम को निर्देश दिया। कहा, आगामी पांच दिनों के अंदर ग्राम विकास/पंचायत अधिकारी जन्म प्रमाण पत्र जारी करें। सीएचसी और पीएचसी पर 48 घंटे के अंदर प्रमाणपत्र बनाया जाए। डीएम ने आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत गोल्डेन कार्ड बनाने में शिथिलता व लापरवाही बरतने पर अभोली एवं सुरियावां के बीडीओ से स्पष्टीकरण मांगा। उन्होंने सभी चिकित्साधिकारियों को निर्देशित किया कि बाहर की दवाएं न लिखकर मरीजों को उपलब्ध दवाओं का वितरण किया जाए। इस मौके पर सीडीओ यशवंत कुमार सिंह, सीएमओ डॉ. संतोष कुमार चक, डॉ. राजेंद्र कुमार, डॉ. एसके पासवान, जिला मलेरिया अधिकारी राम आसरे पाल, दानिश अंजुम आदि रहे।