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बाढ़ से बचाव के लिए 15 चौकियां, नौ सक्रिय
अमर उजाला ब्यूरो , भदोही
Updated Thu, 25 Aug 2016 01:28 AM IST
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गोपीगंज के रामपुर घाट गांव में नाव से दूर जाता एक परिवार।
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बाढ़ की विभीषिका से जूझ रहे लोगों को राहत देने के लिए प्रशासन की ओर से जिले में 15 बाढ़ चौकियां स्थापित की गईं हैं। इनमें नौ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है। चौकियों पर अलग-अलग विभागों के अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। उधर मौसम साफ होने के बाद भी गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी होने से बाढ़ प्रभावित इलाकों में पानी चढ़ता जा रहा है। बुधवार को जलस्तर 81.020 तक पहुंच गया। औराई-मिर्जापुर मार्ग पर टेढ़वा के समीप तकरीबन डेढ़ सौ मीटर तक पांच फीट पानी लग जाने से आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। बाढ़ के चलते कोनिया से लेकर औराई तक 50 से अधिक गांवों की हजारों एकड़ फसल नष्ट हो चुकी है।
गत पांच दिनों से बढ़ रहा गंगा का जलस्तर बुधवार को भी बढ़ाव की ओर रहा। मंगलवार को जलस्तर जहां 80.910 मीटर था। सीतामढ़ी स्थित केंद्रीय जल आयोग के मीटर गेज पर बुधवार को गंगा का जलस्तर 81.020 रिकार्ड किया गया। एक सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से जलस्तर बढ़ रहा है। सीतामढ़ी संवाददाता के मुताबिक कोनिया, छेछुआ समेत 50 से अधिक गांवों में डूबी 10 हजार बीघे से अधिक फसल नष्ट हो चुकी है। बुधवार को कोनिया के लोगों की हिफाजत के लिए बाढ़ चौकियां बना दी गईं। उप जिलाधिकारी प्रवरशील बरनवाल, तहसीलदार जगदीश पांडेय, लेखपाल कमलाशंकर मिश्रा, कमलेश कश्यप आदि ने कोनिया के हरेरामपुर, कलिक मवैया, कला तुलसी, बसगोती मवैया आदि बाढ़ प्रभावित गांवों में जाकर हालात का जायजा लिया।
बाढ़ के पानी से घिरे परिवारों से बाढ़ चौकी में सुरक्षित स्थानों में रहने के लिए कहा गया। सीतामढ़ी क्षेत्र के श्री नारायण इंटर कॉलेज धनतुलसी, प्राथमिक विद्यालय भभौरी, शिवकरण मिश्र इंटर कॉलेज इटहरा, जूनियर हाई स्कूल कटरा, कलिंजरा, इनारगांव, बिहरोजपुर आदि जगहों पर चौकियां बनाई गई हैं।
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औराई संवाददाता के मुताबिक मिर्जापुर को भदोही से जोड़ने वाले दुद्धी-लुंबिनी राजमार्ग पर टेढ़वा के समीप तकरीबन डेढ़ सौ मीटर क्षेत्र में भारी जलजमाव हो गया है। इससे सड़क पर आवागमन पूरी तरह रुक गया है। मिर्जापुर जाने के लिए लोग 30 किलोमीटर लंबा चक्कर काटकर गोपीगंज होते हुए गए। यही हाल जौनपुर और वाराणसी से मिर्जापुर जाने वाली बसों का भी रहा। उन्हें भी चक्कर काटना पड़ा। तमाम बसें नहीं चलीं। खमरिया संवाददाता के मुताबिक बुधवार को गोपीगंज-मिर्जापुर मार्ग पर भी बाढ़ का पानी पहुंच गया। चेतगंज के समीप सड़क पर पानी लगने से आवागमन में लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
गत पांच दिनों से बढ़ रहा गंगा का जलस्तर बुधवार को भी बढ़ाव की ओर रहा। मंगलवार को जलस्तर जहां 80.910 मीटर था। सीतामढ़ी स्थित केंद्रीय जल आयोग के मीटर गेज पर बुधवार को गंगा का जलस्तर 81.020 रिकार्ड किया गया। एक सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से जलस्तर बढ़ रहा है। सीतामढ़ी संवाददाता के मुताबिक कोनिया, छेछुआ समेत 50 से अधिक गांवों में डूबी 10 हजार बीघे से अधिक फसल नष्ट हो चुकी है। बुधवार को कोनिया के लोगों की हिफाजत के लिए बाढ़ चौकियां बना दी गईं। उप जिलाधिकारी प्रवरशील बरनवाल, तहसीलदार जगदीश पांडेय, लेखपाल कमलाशंकर मिश्रा, कमलेश कश्यप आदि ने कोनिया के हरेरामपुर, कलिक मवैया, कला तुलसी, बसगोती मवैया आदि बाढ़ प्रभावित गांवों में जाकर हालात का जायजा लिया।
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बाढ़ के पानी से घिरे परिवारों से बाढ़ चौकी में सुरक्षित स्थानों में रहने के लिए कहा गया। सीतामढ़ी क्षेत्र के श्री नारायण इंटर कॉलेज धनतुलसी, प्राथमिक विद्यालय भभौरी, शिवकरण मिश्र इंटर कॉलेज इटहरा, जूनियर हाई स्कूल कटरा, कलिंजरा, इनारगांव, बिहरोजपुर आदि जगहों पर चौकियां बनाई गई हैं।
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औराई संवाददाता के मुताबिक मिर्जापुर को भदोही से जोड़ने वाले दुद्धी-लुंबिनी राजमार्ग पर टेढ़वा के समीप तकरीबन डेढ़ सौ मीटर क्षेत्र में भारी जलजमाव हो गया है। इससे सड़क पर आवागमन पूरी तरह रुक गया है। मिर्जापुर जाने के लिए लोग 30 किलोमीटर लंबा चक्कर काटकर गोपीगंज होते हुए गए। यही हाल जौनपुर और वाराणसी से मिर्जापुर जाने वाली बसों का भी रहा। उन्हें भी चक्कर काटना पड़ा। तमाम बसें नहीं चलीं। खमरिया संवाददाता के मुताबिक बुधवार को गोपीगंज-मिर्जापुर मार्ग पर भी बाढ़ का पानी पहुंच गया। चेतगंज के समीप सड़क पर पानी लगने से आवागमन में लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा।