औराई। पूर्वांचल की गोल्ड मेडलिस्ट औराई चीनी मिल की जमीन पर भी अतिक्रमण शुरू हो गया है। कुछ लोगों ने चीनी की जमीन पर धान की खेती कर ली है। तहसील के समीप ही अतिक्रमण हो रहा है लेकिन तहसील प्रशासन अब तक इसे लेकर संजीदा नहीं है।
औराई में 70 के दशक में पूर्व केंद्रीय मंत्री पं. श्यामधर मिश्र के प्रयास से औराई चीनी मिली की स्थापना हुई थी। आधा दर्जन जिलों की दुलारी चीनी मिल को बेहतर चीनी उत्पादन के लिए गोल्ड मेडल भी मिल चुका है। वर्ष 2007 में मिल को घाटे में दिखाकर बंद कर दिया गया था। मिल बंद होते ही हजारों किसानों की जहां उम्मीद टूट गई, वहीं मजदूरों का रोजगार छिन गया। समय-समय पर इसे चालू करने का सब्जबाग भी दिखाया जाता रहा लेकिन मिल नहीं चली। शासन की उपेक्षा से इसके उपकरण जंग की भेंट चढ़ गए हैं। औराई चीनी मिल कुल 95 एकड़ रकबे में स्थापित है। उस दौरान सहसेपुर, भवानीपुर, खोरीडीह, अमीरपट्टी, महथुआ, जेठूपुर के कुल 87 किसानों की भूमि अधिग्रहीत की गई थी। अब इसकी जमीन पर अतिक्रमण शुरू हो गया है। चीनी मिल के सेवानिवृत्त कर्मचारी घनश्याम शुक्ला ने बृहस्पतिवार को उप जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि चीनी मिल की जमीन पर कुछ लोगों ने धान की रोपाई कर ली है। उक्त भूमि का उपयोग चीनी मिल के पानी की निकासी के लिए बाहे के रूप में किया जाता रहा है। उप जिलाधिकारी बरखा सिंह ने बताया कि शिकायत मिली है। राजस्वकर्मियों को जांच का निर्देश दिया गया है। जांच के बाद अतिक्रमण हटाया जाएगा। वहीं अतिक्रमण करने वालों पर भी कार्रवाई होगी।