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Bhadohi News: बिजली का करंट सिर के ऊपर निगम की नजर सिर्फ जमीन पर
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महुआरी गांव में छत से गुजरा हाईटेंशन तार। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
ज्ञानपुर। जिले में घरों के ऊपर से गुजर रहे हाईटेंशन बिजली के तार किसी बड़े खतरे का आमंत्रण दे रहे हैं। कई हादसों के बाद भी बिजली निगम के अफसर संजीदा नहीं हैं। अब भी शहरी एवं ग्रामीण अंचलों में खतरा बरकरार है। शिकायतें विभागीय कार्यालयों में धूल फांक रही हैं, जबकि पीड़ित समस्या दूर होने का इंतजार कर रहे हैं। जिले में भदोही और ज्ञानपुर डिविजन से जुड़े 29 उपकेंद्र और 98 फीडरों से दो लाख 45 हजार उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति की जाती है।
बृहस्पतिवार को हमारी टीम ने भदोही, घोसियां, गोपीगंज और जंगीगंज बाजार में पड़ताल की तो कई स्थानों पर 440 और 11 हजार वोल्ट के हाईटेंशन तार छतों से सटकर या ऊपर से गुजरते मिले। ये तार छत से सिर्फ दो से ढाई फीट ऊपर से ही गुजरे हैं। अगर मकान मालिक ध्यान न दे तो बड़ा हादसा हो सकता है। उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली आपूर्ति की सुविधा के लिए शासन की तरफ से हर साल करोड़ों रुपये खर्च कर खंभे, जर्जर तार आदि बदले जाते हैं, लेकिन शहरी क्षेत्रों में छतों के ऊपर से गुजरे तारों को हटाने की जहमत निगम नहीं उठा रहा है। इससे यह समस्या दिन-ब-दिन जटिल होती जा रही है। बारिश के सीजन में ऐसे तार जानलेवा साबित हो सकते हैं।
हाईटेंशन तार से हुए हादसे
10 अगस्त 2026 : औराई गांव में छत के ऊपर सफाई करते समय हाईटेंशन तार की चपेट में आने से गाजीपुर के सफाईकर्मी अवधेश की मौत हो गई, जबकि उसका साथी झुलस गया था।
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जून 2026 : गोपीगंज कोतवाली क्षेत्र के दानीपट्टी गांव में टेंट खोलते समय हाईटेंशन विद्युत तार की चपेट में आने से 25 वर्षीय धर्मेंद्र यादव की मौत हो गई थी।
फरवरी 2026: गोपीगंज के माधोपुर में घर के समीप सहजन तोड़ते समय 15 साल का आयुष हाईटेंशन लाइन की चपेट में आकर झुलस गया। उपचार के बाद उसकी हालत में सुधार हुआ।
फरवरी 2024: ज्ञानपुर के मिल्की गांव में घर की पेंटिंग के दौरान मकान से सटे हाईटेंशन तार की चपेट में आने से सूरज दूबे की मौत हो गई थी।
भदोही नगर के मामदेवपुर की दलित बस्ती में छतों से हाईटेंशन तार गुजरा है। बारिश में उठने वाली चिंगारी से घर एवं बस्ती के लोग परेशान हो जाते हैं।
जंगीगंज के महुआरी में घर से सटकर हाईटेंशन तार गुजरा है। यहां बारिश में आम के पेड़ में भी करंट आता है, जिससे घर वाले परेशान होते हैं। घोसिया के सिन्हा रोड पर भी यही हालत है।
क्या बोले उपभोक्ता
हाईटेंशन तार हटाने के लिए 10 बार बिजली निगम कार्यालय में शिकायत की गई। आज तक तार हटाने के लिए कोई पहल नहीं की गई। - अफजल, घोसियां
मेरे मकान से सटकर हाईटेंशन तार गया है। दो साल में करीब 15 बार बिजली निगम से हटाने के लिए प्रार्थना पत्र दिया। अभी तक नहीं हट सका। - मो. इरफान, महुआरी
लाइन शिफ्ट कराने का यह है नियम
उपभोक्ता लाइन शिफ्ट कराने के लिए निगम में प्रार्थना पत्र देते हैं। आपत्ति नहीं होने पर जगह का चयन सुनिश्चित कर लिया जाता है। जेई खंभे, तार व अन्य उपकरणों का प्रस्ताव तैयार करते हैं और फाइल आगे भेजते हैं। प्रस्ताव में सभी उपकरणों व मजदूरी का खर्च भी लिखा जाता है। व्यक्तिगत मामलों में उपभोक्ता इस खर्च को निगम को जमा करता है। इसके बाद लाइन शिफ्ट होती है।
सुरक्षा पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। अगर कोई उपभोक्ता मकान बना रहा है तो वह बिजली निगम को पत्र देकर उसकी शिफ्टिंंग की प्रक्रिया पूरी करा लें। शिफ्टिंग का जो भी खर्च होगा। वह उपभोक्ता को ही वहन करना होता है। वर्तमान में भी अगर किसी के मकान पर से हाईटेंशन तार गुजरा है तो वह निगम को पत्र भेजकर यह प्रक्रिया पूरी करा लें, क्योंकि हर व्यक्ति के लिए सुरक्षा पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। -राधेश्याम, अधीक्षण अभियंता, बिजली।
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ज्ञानपुर। जिले में घरों के ऊपर से गुजर रहे हाईटेंशन बिजली के तार किसी बड़े खतरे का आमंत्रण दे रहे हैं। कई हादसों के बाद भी बिजली निगम के अफसर संजीदा नहीं हैं। अब भी शहरी एवं ग्रामीण अंचलों में खतरा बरकरार है। शिकायतें विभागीय कार्यालयों में धूल फांक रही हैं, जबकि पीड़ित समस्या दूर होने का इंतजार कर रहे हैं। जिले में भदोही और ज्ञानपुर डिविजन से जुड़े 29 उपकेंद्र और 98 फीडरों से दो लाख 45 हजार उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति की जाती है।
बृहस्पतिवार को हमारी टीम ने भदोही, घोसियां, गोपीगंज और जंगीगंज बाजार में पड़ताल की तो कई स्थानों पर 440 और 11 हजार वोल्ट के हाईटेंशन तार छतों से सटकर या ऊपर से गुजरते मिले। ये तार छत से सिर्फ दो से ढाई फीट ऊपर से ही गुजरे हैं। अगर मकान मालिक ध्यान न दे तो बड़ा हादसा हो सकता है। उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली आपूर्ति की सुविधा के लिए शासन की तरफ से हर साल करोड़ों रुपये खर्च कर खंभे, जर्जर तार आदि बदले जाते हैं, लेकिन शहरी क्षेत्रों में छतों के ऊपर से गुजरे तारों को हटाने की जहमत निगम नहीं उठा रहा है। इससे यह समस्या दिन-ब-दिन जटिल होती जा रही है। बारिश के सीजन में ऐसे तार जानलेवा साबित हो सकते हैं।
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हाईटेंशन तार से हुए हादसे
10 अगस्त 2026 : औराई गांव में छत के ऊपर सफाई करते समय हाईटेंशन तार की चपेट में आने से गाजीपुर के सफाईकर्मी अवधेश की मौत हो गई, जबकि उसका साथी झुलस गया था।
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जून 2026 : गोपीगंज कोतवाली क्षेत्र के दानीपट्टी गांव में टेंट खोलते समय हाईटेंशन विद्युत तार की चपेट में आने से 25 वर्षीय धर्मेंद्र यादव की मौत हो गई थी।
फरवरी 2026: गोपीगंज के माधोपुर में घर के समीप सहजन तोड़ते समय 15 साल का आयुष हाईटेंशन लाइन की चपेट में आकर झुलस गया। उपचार के बाद उसकी हालत में सुधार हुआ।
फरवरी 2024: ज्ञानपुर के मिल्की गांव में घर की पेंटिंग के दौरान मकान से सटे हाईटेंशन तार की चपेट में आने से सूरज दूबे की मौत हो गई थी।
भदोही नगर के मामदेवपुर की दलित बस्ती में छतों से हाईटेंशन तार गुजरा है। बारिश में उठने वाली चिंगारी से घर एवं बस्ती के लोग परेशान हो जाते हैं।
जंगीगंज के महुआरी में घर से सटकर हाईटेंशन तार गुजरा है। यहां बारिश में आम के पेड़ में भी करंट आता है, जिससे घर वाले परेशान होते हैं। घोसिया के सिन्हा रोड पर भी यही हालत है।
क्या बोले उपभोक्ता
हाईटेंशन तार हटाने के लिए 10 बार बिजली निगम कार्यालय में शिकायत की गई। आज तक तार हटाने के लिए कोई पहल नहीं की गई। - अफजल, घोसियां
मेरे मकान से सटकर हाईटेंशन तार गया है। दो साल में करीब 15 बार बिजली निगम से हटाने के लिए प्रार्थना पत्र दिया। अभी तक नहीं हट सका। - मो. इरफान, महुआरी
लाइन शिफ्ट कराने का यह है नियम
उपभोक्ता लाइन शिफ्ट कराने के लिए निगम में प्रार्थना पत्र देते हैं। आपत्ति नहीं होने पर जगह का चयन सुनिश्चित कर लिया जाता है। जेई खंभे, तार व अन्य उपकरणों का प्रस्ताव तैयार करते हैं और फाइल आगे भेजते हैं। प्रस्ताव में सभी उपकरणों व मजदूरी का खर्च भी लिखा जाता है। व्यक्तिगत मामलों में उपभोक्ता इस खर्च को निगम को जमा करता है। इसके बाद लाइन शिफ्ट होती है।
सुरक्षा पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। अगर कोई उपभोक्ता मकान बना रहा है तो वह बिजली निगम को पत्र देकर उसकी शिफ्टिंंग की प्रक्रिया पूरी करा लें। शिफ्टिंग का जो भी खर्च होगा। वह उपभोक्ता को ही वहन करना होता है। वर्तमान में भी अगर किसी के मकान पर से हाईटेंशन तार गुजरा है तो वह निगम को पत्र भेजकर यह प्रक्रिया पूरी करा लें, क्योंकि हर व्यक्ति के लिए सुरक्षा पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। -राधेश्याम, अधीक्षण अभियंता, बिजली।