ज्ञानपुर। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (पांडेय गुट) ने वर्षों से लंबित समस्याओं का समाधान कराने के लिए शुक्रवार को डीआईओएस कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री को संबोधित 12 सूत्रीय मांगपत्र डीआईओएस को सौंपकर हक के लिए संघर्ष की आवाज उठाई। प्रांतीय कोषाध्यक्ष डॉ. श्याम नारायण तिवारी ने कहा कि संघ के महानायक स्व. माहेश्वर पांडेय, विद्या सागर दीक्षित के संघर्षों का परिणाम है कि वेतन वितरण अधिनियम, शिक्षकों की सेवा सुरक्षा निहित है। वर्तमान समय में शिक्षकों को पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल होने की चिंता है। इसे अंतिम दम तक संघर्ष कर बहाल कराया जाएगा। प्रांतीय मंत्री डॉ. जितेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि पुरानी पेंशन व्यवस्था हमारे बुढ़ापे की लाठी है, उसे छीनने का अधिकार किसी को नहीं है। लंबित समस्याओं के समाधान के सिवाय शिक्षकों को कुछ भी मंजूर नहीं है। मांगों में उत्तराखंड-झारखंड सरकार की तरह पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल की जाए, राज्यकर्मियों, राजकीय शिक्षकों की तरह अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों, पेंशनरों को कैशलेस उपचार की सुविधा देने, छह अगस्त 1993 के बाद नियुक्त सभी तदर्थ शिक्षकों को सेवा सुरक्षा निश्चित करने, शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार पर रोक लगाने, सिटीजन चार्टर अविलंब लागू किया जाए, एक अप्रैल 2014 से नियुक्त शिक्षकों का सामूहिक जीवन बीमा का लाभ मिले, स्थानांतरण नीति आसान बनाने, वित्तविहीन शिक्षकों को सम्मानजनक मानदेय देने, कंप्यूटर शिक्षक को विषय विशेषज्ञ की तरह आमेलित करने, संयुक्त शिक्षा निदेशक एवं तीन जिले के डीआईओएस कार्यालयों में लंबित चयन वेतनमान, प्रोन्नतमान, पदोन्नति प्रकरण समयसीमा में निस्तारित कराया जाए। ऐसा न होने पर संघ सड़क पर उतरने के लिए विवश होगा। प्रदर्शन में जिलाध्यक्ष आनंद कुमार तिवारी, चंद्रबली पटेल, तेगाप्रसाद, रितेश सिंह, वसीउरहमान, जगदीश कुमार आदि रहे। डीआईओएस नंदलाल गुप्ता ने कहा कि शिक्षक संघ से प्राप्त मुख्यमंत्री के नाम संबोधित मांगपत्र शासन को भेज दिया जाएगा।