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डीघ ब्लॉक प्रमुख का अधिकार सीज, एसडीएम प्रशासक बने
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सामूहिक दुष्कर्म के आरोप में वाराणसी जेल में बंद डीघ ब्लॉक प्रमुख मनीष मिश्र का अधिकार जिलाधिकारी आर्यका अखौरी ने सीज कर दिया है। शनिवार को एसडीएम ज्ञानपुर योगेंद्र कुमार को प्रशासक के रूप में तैनात किया गया है।
ज्ञानपुर विधायक विजय मिश्र के भतीजे और ब्लॉक प्रमुख डीघ मनीष मिश्र की मुश्किलें चार माह पूर्व उस समय शुरू हुईं जब वाराणसी के जैतपुरा थाने में एक गायिका ने 13 सितंबर 2021 को धमकी देने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने इस मामले में आरोपित को एक माह पूर्व गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। अभी वह जेल में हैं। वहीं एक माह पूर्व हंडिया कोतवाली क्षेत्र की एक महिला ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए गोपीगंज कोतवाली में दुष्कर्म व अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई। एक माह से ब्लॉक कार्यालय प्रमुख के बगैर चल रहा था। इस पर डीएम ने अधिक दिनों से प्रमुख के जेल में होने, ब्लॉक से गायब रहने पर सारे अधिकार सीज कर दिया है। जिलाधिकारी ने शनिवार को एसडीएम को प्रशासक के रूप में तैनात कर दिया। सीडीओ भानु प्रताप सिंह ने बताया कि जब किसी प्रतिनिधि पर अनियमितता के आरोप लगाए जाते हैं तो वहां पर तीन सदस्यीय समिति गठित की जाती है, लेकिन जब काफी दिन तक गायब या जेल में रहता है तो वहां पर प्रशासक तैनात किया जाता है। विकास खंड डीघ में डीएम की ओर से प्रशासक की तैनाती कर दी गई है।
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ज्ञानपुर विधायक विजय मिश्र के भतीजे और ब्लॉक प्रमुख डीघ मनीष मिश्र की मुश्किलें चार माह पूर्व उस समय शुरू हुईं जब वाराणसी के जैतपुरा थाने में एक गायिका ने 13 सितंबर 2021 को धमकी देने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने इस मामले में आरोपित को एक माह पूर्व गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। अभी वह जेल में हैं। वहीं एक माह पूर्व हंडिया कोतवाली क्षेत्र की एक महिला ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए गोपीगंज कोतवाली में दुष्कर्म व अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई। एक माह से ब्लॉक कार्यालय प्रमुख के बगैर चल रहा था। इस पर डीएम ने अधिक दिनों से प्रमुख के जेल में होने, ब्लॉक से गायब रहने पर सारे अधिकार सीज कर दिया है। जिलाधिकारी ने शनिवार को एसडीएम को प्रशासक के रूप में तैनात कर दिया। सीडीओ भानु प्रताप सिंह ने बताया कि जब किसी प्रतिनिधि पर अनियमितता के आरोप लगाए जाते हैं तो वहां पर तीन सदस्यीय समिति गठित की जाती है, लेकिन जब काफी दिन तक गायब या जेल में रहता है तो वहां पर प्रशासक तैनात किया जाता है। विकास खंड डीघ में डीएम की ओर से प्रशासक की तैनाती कर दी गई है।
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