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ठंड: 7 दिन में 6 हजार पहुंचे अस्पताल
ब्यूरो/ अमर उजाला, भदोही
Updated Sun, 20 Dec 2015 02:09 AM IST
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यही वजह है कि ठंड से बीमार लोगों की भीड़ से जिले के सरकारी और निजी अस्पताल पट गए हैं। पिछले एक हफ्ते के दौरान अकेले जिला अस्पताल में लगभग छह हजार सर्दी से प्रभावित मरीज पहुंचे।
इनमें दो सौ से अधिक मरीज भर्ती हुए और ओपीडी में लगभग साढ़े पांच हजार पर्चियां कटीं। जबकि सामान्य दिनों में परामर्श लेने और भर्ती होने वालों की तादाद इस आंकड़े की आधी से भी कम रहती है।
ठंड के तेवर तल्ख हो गए हैं। सुबह-शाम बदन को चीरतीं सर्द हवाओं ने जहां लोगों को पूरे दिन घर में दुबकने पर मजबूर कर दिया है, वहीं तेज गलन चहारदीवारी के अंदर भी चैन से जीने नहीं दे रही।
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ठंड के बिगड़े मिजाज के चलते बड़ी संख्या में लोग चटपट बीमार होकर अस्पतालों का रुख कर रहे हैं। सरकारी और निजी अस्पतालों में मरीजों की हर रोज भारी भीड़ उमड़ रही है।
पिछले एक सप्ताह के अंदर हर दिन अकेले जिला अस्पताल की ओपीडी में आठ से नौ सौ पर्चियां कटीं। जबकि हफ्तेभर में दो सौ से अधिक मरीज भर्ती किए गए।
ये मरीज मुख्य रूप से लूज मोशन, पेट दर्द, कोल्ड डायरिया, निमोनिया आदि के रहे। अस्पताल के चिकित्सकों का कहना है कि सामान्य दिनों में यह आंकड़ा आधे से भी कम रहता है।
चिकित्सकों ने ठंड से बचाव करने की हिदायत दी। कहा कि पहले तो ठंड से बचें, लेकिन अगर ठंड का असर हो जाए तो बिना देर किए योग्य चिकित्सक से सलाह लें।
चिकित्सकों ने कहा कि ठंड से बचाव बेहद जरूरी है। खास तौर पर बच्चों का। ठंड का असर हो तो फौरी तौर पर चिकित्सकीय सलाह लें, अन्यथा निमोनिया हो सकता है। ध्यान नहीं दिया गया तो ब्लड प्रेशर बढ़ने की समस्या हो सकती है।
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इनमें दो सौ से अधिक मरीज भर्ती हुए और ओपीडी में लगभग साढ़े पांच हजार पर्चियां कटीं। जबकि सामान्य दिनों में परामर्श लेने और भर्ती होने वालों की तादाद इस आंकड़े की आधी से भी कम रहती है।
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ठंड के तेवर तल्ख हो गए हैं। सुबह-शाम बदन को चीरतीं सर्द हवाओं ने जहां लोगों को पूरे दिन घर में दुबकने पर मजबूर कर दिया है, वहीं तेज गलन चहारदीवारी के अंदर भी चैन से जीने नहीं दे रही।
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ठंड के बिगड़े मिजाज के चलते बड़ी संख्या में लोग चटपट बीमार होकर अस्पतालों का रुख कर रहे हैं। सरकारी और निजी अस्पतालों में मरीजों की हर रोज भारी भीड़ उमड़ रही है।
पिछले एक सप्ताह के अंदर हर दिन अकेले जिला अस्पताल की ओपीडी में आठ से नौ सौ पर्चियां कटीं। जबकि हफ्तेभर में दो सौ से अधिक मरीज भर्ती किए गए।
ये मरीज मुख्य रूप से लूज मोशन, पेट दर्द, कोल्ड डायरिया, निमोनिया आदि के रहे। अस्पताल के चिकित्सकों का कहना है कि सामान्य दिनों में यह आंकड़ा आधे से भी कम रहता है।
चिकित्सकों ने ठंड से बचाव करने की हिदायत दी। कहा कि पहले तो ठंड से बचें, लेकिन अगर ठंड का असर हो जाए तो बिना देर किए योग्य चिकित्सक से सलाह लें।
चिकित्सकों ने कहा कि ठंड से बचाव बेहद जरूरी है। खास तौर पर बच्चों का। ठंड का असर हो तो फौरी तौर पर चिकित्सकीय सलाह लें, अन्यथा निमोनिया हो सकता है। ध्यान नहीं दिया गया तो ब्लड प्रेशर बढ़ने की समस्या हो सकती है।