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कालीन बुनाई प्रक्रिया से रूबरू हुईं छात्राएं
ब्यूरो ज्ञानपुर अमर उजाला
Updated Fri, 23 Jan 2015 01:41 AM IST
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इसमें दो इंटर कालेजों की 60 छात्राएं शामिल हुईं। उन्होंने कालीन उत्पादन की विभिन्न प्रक्रियाओं को नजदीक से देखा।
वस्त्र मंत्रालय भारत सरकार की पहल पर आज भदोही गर्ल्स इंटर कालेज और ज्ञानदेवी बालिका इंटर कालेज की सीनियर छात्राएं शिक्षकों के साथ संस्थान पहुंचीं।
छात्राओं को डिजाइनिंग, डाइंग, बुनाई आदि के बारे में बारीकी से जानकारी दी गई। दिपंकर जेना ने रंगाई पर विस्तार से चर्चा की तो आरके मलिक ने अत्याधुनिक यार्न प्रिंटिंग मशीन की प्रक्रिया से रूबरू कराया।
बीसी रे और मुमताज अंसारी ने बुनाई की प्रक्रिया से अवगत कराते हुए छात्राओं को परंपरागत और इंडिया नाट के बीच फर्क दिखाया। संस्थान में पहुंच कर छात्राएं कालीन के ताने में विशेष गांठे लगाने से नहीं चूकीं।
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डिजाइनिंग पर चर्चा करते हुए राजाशीष कर्माकर ने छात्राओं को बताया कि डिजाइनिंग में कंप्यूटर युग हावी हो चुका है। इससे पूरी प्रक्रिया बेहद सरल हो गई है। प्रो.केके गोस्वामी ने बच्चों को संबोधित किया।
कार्यशाला कोआर्डिनेटर मौमिता बेरा और हिमांशु माहापात्र ने बताया कि कार्यशाला में शुक्रवार को जवाहर नवोदय विद्यालय, ज्ञानपुर के छात्र शामिल होंगे।
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वस्त्र मंत्रालय भारत सरकार की पहल पर आज भदोही गर्ल्स इंटर कालेज और ज्ञानदेवी बालिका इंटर कालेज की सीनियर छात्राएं शिक्षकों के साथ संस्थान पहुंचीं।
छात्राओं को डिजाइनिंग, डाइंग, बुनाई आदि के बारे में बारीकी से जानकारी दी गई। दिपंकर जेना ने रंगाई पर विस्तार से चर्चा की तो आरके मलिक ने अत्याधुनिक यार्न प्रिंटिंग मशीन की प्रक्रिया से रूबरू कराया।
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बीसी रे और मुमताज अंसारी ने बुनाई की प्रक्रिया से अवगत कराते हुए छात्राओं को परंपरागत और इंडिया नाट के बीच फर्क दिखाया। संस्थान में पहुंच कर छात्राएं कालीन के ताने में विशेष गांठे लगाने से नहीं चूकीं।
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डिजाइनिंग पर चर्चा करते हुए राजाशीष कर्माकर ने छात्राओं को बताया कि डिजाइनिंग में कंप्यूटर युग हावी हो चुका है। इससे पूरी प्रक्रिया बेहद सरल हो गई है। प्रो.केके गोस्वामी ने बच्चों को संबोधित किया।
कार्यशाला कोआर्डिनेटर मौमिता बेरा और हिमांशु माहापात्र ने बताया कि कार्यशाला में शुक्रवार को जवाहर नवोदय विद्यालय, ज्ञानपुर के छात्र शामिल होंगे।