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Bhadohi News: कालीन मेला उद्योग के लिए संजीवनी, उम्मीदों से भरे हैं निर्यातक
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भदोही। बेहतर कारोबार की उम्मीदों के बीच समाप्त हुए अंतरराष्ट्रीय कालीन मेले की सफलता के बाद आयोजन समिति कालीन निर्यात संवर्धन परिषद (सीईपीसी) आने वाले दिनों में कालीन उद्योग को लेकर बेहद आशान्वित हैं। अमर उजाला ने आयोजन समिति के चेयरमैन कुलदीप राज वॉटल और मेला संयोजक वाशिफ अंसारी से विशेष बातचीत की। जिसमें मेले से जनरेट होने वाले 500 करोड़ के व्यापार को उद्योग के लिए संजीवनी बताया है।
कालीन मेला संयोजक वाशिफ अंसारी ने कहा कि वैश्विक प्रतिस्पर्धा के बीच इंडस्ट्री को मिले 500 करोड़ के ऑर्डर किसी संजीवनी से कम नहीं हैं। यह आगामी कुछ महीने उद्योग को काफी हद तक गति देगा। उन्होंने कहा कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि अगले साल फरवरी में होने वाले भारतटेक्स-2025 और अप्रैल में प्रस्तावित इंडिया कारपेट एक्सपो भी कालीन उद्योग में जान फूंक देंगे। बताया कि पहले दो कालीन मेलों से सबक लेते हुए हम लोगों ने विश्व स्तरीय आयोजन को पहली प्राथमिकता दी।
इस बार निर्यातक भी उम्मीद से भरे नजर आए। कहा कि उद्योग अगर नई ऊंचाई पर पहुंचेगा तो निश्चित तौर पर इसका लाभ बुनकरों और कालीन मजदूरों को मिलेगा। चेयरमैन कुलदीप राज वॉटल ने बताया कि कालीन मेले में कुल 260 स्टाॅल धारकों में 73 प्रतिशत अर्थात 190 स्टॉल भदोही जनपद के थे।
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कहा कि हमारा पूरी प्रयास है कि भारतटेक्स-2025 के बाद अप्रैल में हम नई दिल्ली में इंडिया कारपेट एक्सपो करें। ताकि वर्ष में होने वाले दो कालीन मेले का आयोजन बरकरार रहे। उन्होंने भारतीय कालीन उत्पादकों को कालीन मेलों में खरीदारों की पसंद-नापसंद और वैश्विक ट्रेंड पर हमेशा गौर करने की नसीहत दी। बताया कि बदलाव के साथ चलने पर हम व्यापार को ऊंची उड़ान दे सकते हैं।
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कालीन मेला संयोजक वाशिफ अंसारी ने कहा कि वैश्विक प्रतिस्पर्धा के बीच इंडस्ट्री को मिले 500 करोड़ के ऑर्डर किसी संजीवनी से कम नहीं हैं। यह आगामी कुछ महीने उद्योग को काफी हद तक गति देगा। उन्होंने कहा कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि अगले साल फरवरी में होने वाले भारतटेक्स-2025 और अप्रैल में प्रस्तावित इंडिया कारपेट एक्सपो भी कालीन उद्योग में जान फूंक देंगे। बताया कि पहले दो कालीन मेलों से सबक लेते हुए हम लोगों ने विश्व स्तरीय आयोजन को पहली प्राथमिकता दी।
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इस बार निर्यातक भी उम्मीद से भरे नजर आए। कहा कि उद्योग अगर नई ऊंचाई पर पहुंचेगा तो निश्चित तौर पर इसका लाभ बुनकरों और कालीन मजदूरों को मिलेगा। चेयरमैन कुलदीप राज वॉटल ने बताया कि कालीन मेले में कुल 260 स्टाॅल धारकों में 73 प्रतिशत अर्थात 190 स्टॉल भदोही जनपद के थे।
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कहा कि हमारा पूरी प्रयास है कि भारतटेक्स-2025 के बाद अप्रैल में हम नई दिल्ली में इंडिया कारपेट एक्सपो करें। ताकि वर्ष में होने वाले दो कालीन मेले का आयोजन बरकरार रहे। उन्होंने भारतीय कालीन उत्पादकों को कालीन मेलों में खरीदारों की पसंद-नापसंद और वैश्विक ट्रेंड पर हमेशा गौर करने की नसीहत दी। बताया कि बदलाव के साथ चलने पर हम व्यापार को ऊंची उड़ान दे सकते हैं।