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प्याज की कीमतों ने रुलाया
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ज्ञानपुर। प्याज के दाम में आग लग गई है। जिले की मंडियों में आवक कम होने के कारण प्याज 70 रुपये किलो तक बिक रही है। इससे लोगों की रसोई का बजट गड़बड़ हो गया है। हफ्तेभर के अंदर प्याज के दाम में आसमानी उछाल से लोग हैरात हैं। कहा जा रहा है कि पितृपक्ष में जब तमाम लोग प्याज का उपयोग नहीं करते, तब यह हाल है तो इसके बाद क्या होगा। अन्य हरी सब्जियों के दाम भी चढ़े हैं।
जिले में प्याज मुख्य रूप से वाराणसी, प्रयागराज, कछवां और प्रतापगढ़ आदि इलाकों से मंगाई जाती है। लेकिन, इन दिनों मंडियों में प्याज की आवक बेहद कम हो गई है। इसका असर थोक और फुटकर बाजार पर पड़ा है। जिले की मंडियों में पखवारेभर पूर्व तक 24 रुपये किलो बिकने वाली प्याज मंगलवार को 70 रुपये किलो के रेट से बिक रही थी। प्याज का दाम बढ़ने से तमाम घरों की रसोई का बजट बिगड़ गया है। यद्यपि खाने के शौकीन खरीद ही रहे हैं, लेकिन तमाम साधारण परिवारों ने खपत में कटौती शुरू कर दी है। सब्जी मंडी में सब्जी खरीदने पहुंचे ज्ञानपुर के सत्येंद्र प्रकाश ने कहा कि प्याज की चढ़ी कीमतों ने चौंका दिया है। ऐसे में जहां ढाई किलो प्याज खरीदी जा रही थी, वहां अब एक बार में एक से डेढ़ किलो प्याज से ही काम चलाया जा रहा है। दुकानदार छोटेलाल ने कहा कि प्याज के दाम में और बढ़ोतरी हो सकती है। क्योंकि मंडियों में प्याज की आवक बेहद कम हो गई है। प्याज ऐसी चीज है, जो हर तरह की सब्जियों और दाल में प्रयोग की जाती है। इसके बिना काम चलने वाला नहीं है।
हरी सब्जियों का भाव चढ़ा
प्याज के साथ हरी सब्जियों के दाम में भी भारी बढ़ोतरी हो गई है। हरी सब्जियों के दाम 15 से 20 फीसदी तक बढ़ गए हैं। कुछ सब्जियां दोगुनी महंगी हो गईं हैं। इन पर बारिश के मौसम का असर माना जा रहा है। टमाटर, हरी मिर्च और पालक पर महंगाई का असर ज्यादा देखा जा रहा है। पखवारेभर पहले तक 24 रुपये किलो टमाटर बिक रहा था, लेकिन मंगलवार को यह 40 रुपये किलो बिक रहा है। करेला 25 रुपये किलो, बैगन 30, मिर्च 55 और लौकी 30 रुपये किलो बिक रही थी। सभी सब्जियों के दाम में 15 से 18 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई है।
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जिले में प्याज मुख्य रूप से वाराणसी, प्रयागराज, कछवां और प्रतापगढ़ आदि इलाकों से मंगाई जाती है। लेकिन, इन दिनों मंडियों में प्याज की आवक बेहद कम हो गई है। इसका असर थोक और फुटकर बाजार पर पड़ा है। जिले की मंडियों में पखवारेभर पूर्व तक 24 रुपये किलो बिकने वाली प्याज मंगलवार को 70 रुपये किलो के रेट से बिक रही थी। प्याज का दाम बढ़ने से तमाम घरों की रसोई का बजट बिगड़ गया है। यद्यपि खाने के शौकीन खरीद ही रहे हैं, लेकिन तमाम साधारण परिवारों ने खपत में कटौती शुरू कर दी है। सब्जी मंडी में सब्जी खरीदने पहुंचे ज्ञानपुर के सत्येंद्र प्रकाश ने कहा कि प्याज की चढ़ी कीमतों ने चौंका दिया है। ऐसे में जहां ढाई किलो प्याज खरीदी जा रही थी, वहां अब एक बार में एक से डेढ़ किलो प्याज से ही काम चलाया जा रहा है। दुकानदार छोटेलाल ने कहा कि प्याज के दाम में और बढ़ोतरी हो सकती है। क्योंकि मंडियों में प्याज की आवक बेहद कम हो गई है। प्याज ऐसी चीज है, जो हर तरह की सब्जियों और दाल में प्रयोग की जाती है। इसके बिना काम चलने वाला नहीं है।
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हरी सब्जियों का भाव चढ़ा
प्याज के साथ हरी सब्जियों के दाम में भी भारी बढ़ोतरी हो गई है। हरी सब्जियों के दाम 15 से 20 फीसदी तक बढ़ गए हैं। कुछ सब्जियां दोगुनी महंगी हो गईं हैं। इन पर बारिश के मौसम का असर माना जा रहा है। टमाटर, हरी मिर्च और पालक पर महंगाई का असर ज्यादा देखा जा रहा है। पखवारेभर पहले तक 24 रुपये किलो टमाटर बिक रहा था, लेकिन मंगलवार को यह 40 रुपये किलो बिक रहा है। करेला 25 रुपये किलो, बैगन 30, मिर्च 55 और लौकी 30 रुपये किलो बिक रही थी। सभी सब्जियों के दाम में 15 से 18 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई है।
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