{"_id":"671d4ee5974d5b29340376e4","slug":"bull-entered-paddy-field-attacked-farmer-and-killed-him-bhadohi-news-c-191-1-gyn1003-118319-2024-10-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhadohi News: धान के खेत में घुसे साड़, किसान पर हमला कर उतारा मौत के घाट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhadohi News: धान के खेत में घुसे साड़, किसान पर हमला कर उतारा मौत के घाट
विज्ञापन
शहर कोतवाली क्षेत्र के दारापट्टी गांव में शनिवार की सुबह आवारा सांड़ों के हमले में एक 45 वर्षीय किसान की मौत हो गई। धान के खेत में घुसे साड़ों को भगाने गए किसान पर साड़ों ने हमला कर दिया, जिससे किसान की मौत हो गई। वहीं दूसरी तरफ एक अन्य किसान ने किसी तरह भाग कर अपनी जान बचाई। घटना के बाद किसान जहां डरे हैं। वहीं परिजनों ने बिना पुलिस को सूचना दिए ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
उक्त गांव निवासी स्वर्गीय लक्ष्मी शंकर पाठक के बेटे संजय पाठक शनिवार की सुबह अपने खेतों की ओर गए थे। उन्होंने देखा कि धान की फसल को सांड नुकसान पहुंचा रहे थे। ऐसे में उन्हें खदेड़ने का प्रयास किया। इस बीच लाल एवं काले रंग के दो सांडों ने उन पर हमला कर दिया। जब तक उनकी चीख पुकार सुनकर आसपास के खेतों में काम करने वाले पहुंचते, तब तक वह गंभीर रूप से घायल हो चुके थे। ग्रामीणों को आता देख सीवान की ओर आवारा साड़ भाग गए।
किसानों की मदद से घायल को एक निजी अस्पताल ले जाया गया। जहां चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने बिना पुलिस को सूचना दिए शव का अंतिम संस्कार कर दिया। दूसरी तरफ एक अन्य किसान अनिल पाठक को भी साड़ों ने दौड़ा लिया। उन्होंने किसी तरह भाग कर अपनी जान बचायी।
विज्ञापन
शव का अंतिम संस्कार भतीजे निशांत उर्फ मुन्ना ने कर दिया। मृतक को कोई संतान नहीं थी। ग्रामीणों का कहना है कि आवारा सांड़ के आतंक से मुक्ति को सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन उसका कोई फायदा नहीं मिल रहा है।
-- -
विज्ञापन
उक्त गांव निवासी स्वर्गीय लक्ष्मी शंकर पाठक के बेटे संजय पाठक शनिवार की सुबह अपने खेतों की ओर गए थे। उन्होंने देखा कि धान की फसल को सांड नुकसान पहुंचा रहे थे। ऐसे में उन्हें खदेड़ने का प्रयास किया। इस बीच लाल एवं काले रंग के दो सांडों ने उन पर हमला कर दिया। जब तक उनकी चीख पुकार सुनकर आसपास के खेतों में काम करने वाले पहुंचते, तब तक वह गंभीर रूप से घायल हो चुके थे। ग्रामीणों को आता देख सीवान की ओर आवारा साड़ भाग गए।
विज्ञापन
किसानों की मदद से घायल को एक निजी अस्पताल ले जाया गया। जहां चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने बिना पुलिस को सूचना दिए शव का अंतिम संस्कार कर दिया। दूसरी तरफ एक अन्य किसान अनिल पाठक को भी साड़ों ने दौड़ा लिया। उन्होंने किसी तरह भाग कर अपनी जान बचायी।
विज्ञापन
शव का अंतिम संस्कार भतीजे निशांत उर्फ मुन्ना ने कर दिया। मृतक को कोई संतान नहीं थी। ग्रामीणों का कहना है कि आवारा सांड़ के आतंक से मुक्ति को सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन उसका कोई फायदा नहीं मिल रहा है।