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बुद्ध ने दी संयम और अहिंसा की सीख
अमर उजाला ब्यूराो/भदोही
Updated Thu, 11 May 2017 12:51 AM IST
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बुद्ध पूर्णिमा पर ज्ञानपुर नगर में निकली भगवान बुद्ध की झांकी।
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जिले में बुधवार को महात्मा गौतम बुद्घ की जयंती धूमधाम से मनाई गई। विभिन्न संगठनों की ओर से आयोजित कार्यक्रम में उनके विचारों को आत्मसात करने पर बल दिया गया। झांकिया निकालकर महात्मा बुद्घ के बताए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया गया। आयोजित गोष्ठियों में गौतम बुद्घ के विचारों को आज भी प्रासंगिक बताया गया। विभिन्न तरह से धार्मिक और सामाजिक पाखंडो के चक्कर में न पड़ने का महात्मा बुद्घ ने मानव को संदेश दिया है।
बौद्घ प्रचारक संस्था की ओर से ज्ञानपुर के पुरानी कलेक्ट्रेट परिसर से आकर्षक झांकी निकाली गई। इसमें भगवान बुद्ध के संदेश को लोगों को सुनाया गया। इसके बाद पटेलनगर के अशोक सेवा ट्रस्ट में बुद्घ जयंती समारोह अयोजित किया।विशिष्ट अतिथि कुंवर प्रमोदचंद मौर्य ने कहा कि भगवान बुद्घ के उपदेशों को आत्मसात करें गे तो रूढ़िगत धार्मिक परंपराओं, आडंबरों से मुक्त रहेंगे। रासद अध्यक्ष मोती लाल शास्त्री,राजेंद्र कु मार यादव ने भी लोगों को गौतम बुद्घ के उपदेशों को अपने चरित्र में उतारने पर जोर दिया।
क्योंकि उनका उपदेश ही मानवता का वाहक है। झांकी के जरिए उनके विचारों को प्रस्तुत किया गया। इस मौके पर अरविंद कुमार मौर्य,आशा देवी,श्यामबिहारी आदि रहे।कार्यक्रम में भोजपुरी गायक राजेश परदेशी ने एक से बढ़कर एक गीत सुनाए।
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इसी तरह सारीपुर गोपीगंज में कांशीराम सेवा समिति की ओर से महात्मा गौतम बुद्घ जयंती समारोह आयोजित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि गौतम बुद्घ ने तत्कालीन रूढ़ियों,अंधविश्वासों का खंड न किया, एक सहज मानव धर्म की स्थापना की। जीवन संयम, सत्य और अहिंसा का पालन करने पवित्र और सरल जीवन जीने की प्रेरणा दी।
उन्होंने कर्म भाव और ज्ञान के साथ सम्यक की साधना को जोड़ने पर बल दिया।कई देशों के राजाओं के अनुयायी बनने से बौद्घ धर्म तेजी से फैला, चीन, जापान समेत कई देशों में बौद्घ धर्म मानने वाले लोग हैं। इस मौके पर मुन्नी देवी, आराधना गुप्ता,अनीता पाल, रंजना यादव, साधना गोड़, पिंक यादव, आरती गौड़,एवं सचिव जय प्रकाश भार ती रहे। ऊंज संवाददाता के अनुसार, नवधन में दुग्ध उत्पादन केंद्र पर भगवान बुद्घ की जयंती मनाई गई। उनके बताए रास्ते पर चलने का संकल् प लिया गया। इस मौके पर लालचंद, रामराज, घनश्याम आर्य, राकेश सरोज आदि रहे।
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बौद्घ प्रचारक संस्था की ओर से ज्ञानपुर के पुरानी कलेक्ट्रेट परिसर से आकर्षक झांकी निकाली गई। इसमें भगवान बुद्ध के संदेश को लोगों को सुनाया गया। इसके बाद पटेलनगर के अशोक सेवा ट्रस्ट में बुद्घ जयंती समारोह अयोजित किया।विशिष्ट अतिथि कुंवर प्रमोदचंद मौर्य ने कहा कि भगवान बुद्घ के उपदेशों को आत्मसात करें गे तो रूढ़िगत धार्मिक परंपराओं, आडंबरों से मुक्त रहेंगे। रासद अध्यक्ष मोती लाल शास्त्री,राजेंद्र कु मार यादव ने भी लोगों को गौतम बुद्घ के उपदेशों को अपने चरित्र में उतारने पर जोर दिया।
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क्योंकि उनका उपदेश ही मानवता का वाहक है। झांकी के जरिए उनके विचारों को प्रस्तुत किया गया। इस मौके पर अरविंद कुमार मौर्य,आशा देवी,श्यामबिहारी आदि रहे।कार्यक्रम में भोजपुरी गायक राजेश परदेशी ने एक से बढ़कर एक गीत सुनाए।
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इसी तरह सारीपुर गोपीगंज में कांशीराम सेवा समिति की ओर से महात्मा गौतम बुद्घ जयंती समारोह आयोजित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि गौतम बुद्घ ने तत्कालीन रूढ़ियों,अंधविश्वासों का खंड न किया, एक सहज मानव धर्म की स्थापना की। जीवन संयम, सत्य और अहिंसा का पालन करने पवित्र और सरल जीवन जीने की प्रेरणा दी।
उन्होंने कर्म भाव और ज्ञान के साथ सम्यक की साधना को जोड़ने पर बल दिया।कई देशों के राजाओं के अनुयायी बनने से बौद्घ धर्म तेजी से फैला, चीन, जापान समेत कई देशों में बौद्घ धर्म मानने वाले लोग हैं। इस मौके पर मुन्नी देवी, आराधना गुप्ता,अनीता पाल, रंजना यादव, साधना गोड़, पिंक यादव, आरती गौड़,एवं सचिव जय प्रकाश भार ती रहे। ऊंज संवाददाता के अनुसार, नवधन में दुग्ध उत्पादन केंद्र पर भगवान बुद्घ की जयंती मनाई गई। उनके बताए रास्ते पर चलने का संकल् प लिया गया। इस मौके पर लालचंद, रामराज, घनश्याम आर्य, राकेश सरोज आदि रहे।