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बीडा महायोजना : कंप्यूटर फीडिंग के बाद ही होगी निस्तारण पर बात
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भदोही औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) के मास्टर प्लान में आपत्ति और सुझाव देने की समय सीमा समाप्त होने के बाद (बीडा) सभी सुझावों और शिकायतों को सूचीबद्ध करने में लगी है। बीडा के महायोजना 2041 पर कुल 7200 आपत्तियां और सुझाव आए थे। जिलाधिकारी विशाल सिंह के निर्देशानुसार सभी आपत्तियों को कंप्यूटर में फीड करने का काम तीन कंप्यूटर से किया जा रहा है, लेकिन यह काम टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। अब तक 15 दिनों में करीब 2000 आपत्तियां फीड की जा चुकी हैं।
बीडा के गठन के 42 साल के बाद सुनियोजित विकास के लिए मास्टर प्लान बन सका है। इसमें बीडा ने 124 गांवों को शामिल किया है। बीडा ने इसको मास्टर प्लान 2041 नाम दिया है। इसके अंदर बीडा में कई आधुनिक शहर वाली व्यवस्थाएं रखी गई हैं। शुरू के दो सप्ताह तक तो आपत्तियां प्राप्त होने की गति काफी धीमी रही, लेकिन इसके बाद किसान, मजदूरों समेत विभिन्न राजनीतिक दलों ने इसका विरोध शुरू किया और एकाएक आपत्तियां प्राप्त होने में तेजी आ गई।
डीएम ने आपत्तियां प्राप्त होने की सीमा दो बार बढ़ाकर इसे 9 सितंबर तक कर दिया था। और 9 सितंबर तक कुल 7200 आपत्तियों को उन्होंने मातहतों से कंप्यूटर में सूचीबद्ध करने के निर्देश दिए। कंप्यूटर में सूचीबद्ध होने के बाद एक-एक कर आपत्तियों को निस्तारित करने में आसानी होगी। इस कार्य के लिए बीडा में कंप्यूटर तो लगाए गए हैं, लेकिन उससे बहुत धीमी गति से फीडिंग हो पा रही है। बीडा के मार्केटिंग मैनेजर अमिताभ रंजन दास ने बताया कि दरअसल एक-एक आपत्ति को पढ़ कर कंप्यूटर में फीडिंग की जानी है, इसलिए इसमें समय लग रहा है।
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बीडा के गठन के 42 साल के बाद सुनियोजित विकास के लिए मास्टर प्लान बन सका है। इसमें बीडा ने 124 गांवों को शामिल किया है। बीडा ने इसको मास्टर प्लान 2041 नाम दिया है। इसके अंदर बीडा में कई आधुनिक शहर वाली व्यवस्थाएं रखी गई हैं। शुरू के दो सप्ताह तक तो आपत्तियां प्राप्त होने की गति काफी धीमी रही, लेकिन इसके बाद किसान, मजदूरों समेत विभिन्न राजनीतिक दलों ने इसका विरोध शुरू किया और एकाएक आपत्तियां प्राप्त होने में तेजी आ गई।
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डीएम ने आपत्तियां प्राप्त होने की सीमा दो बार बढ़ाकर इसे 9 सितंबर तक कर दिया था। और 9 सितंबर तक कुल 7200 आपत्तियों को उन्होंने मातहतों से कंप्यूटर में सूचीबद्ध करने के निर्देश दिए। कंप्यूटर में सूचीबद्ध होने के बाद एक-एक कर आपत्तियों को निस्तारित करने में आसानी होगी। इस कार्य के लिए बीडा में कंप्यूटर तो लगाए गए हैं, लेकिन उससे बहुत धीमी गति से फीडिंग हो पा रही है। बीडा के मार्केटिंग मैनेजर अमिताभ रंजन दास ने बताया कि दरअसल एक-एक आपत्ति को पढ़ कर कंप्यूटर में फीडिंग की जानी है, इसलिए इसमें समय लग रहा है।
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