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केले की खेती से बढ़ेगी आय
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जिले में केले की खेती करने वाले किसान खुशहाल हैं। कम खर्च से किसान मोटा मुनाफा कमा रहे हैं। वर्ष 2022 में केले की खेती के लिए रकबा तय हो गया है। हालांकि इस बार 2021 से पांच हेक्टयर कम कर 15 हेक्टेयर में केले की खेती होगी। इसमें किसानों को 40 फीसदी सब्सिडी भी मिलेगी।
कालीन नगरी में किसान केला की खेती से अच्छी कमाई कर रहे हैं। अधिकांश किसान परंपरागत खेती छोड़ कर अत्याधुनिक खेती की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। बीते साल 20 हेक्टेयर में केला की खेती की गई थी, लेकिन इस साल शासन ने केला की खेती का रकबा पांच हेक्टेयर कम कर 15 हेक्टेयर कर दिया है। योजना के लाभ के प्रथम आवक प्रथम पावक की तर्ज पर किसानों का चयन किया जाएगा। विभाग के मुताबिक केला की एक हेक्टेयर खेती करने पर कुल 102462 रुपये खर्च आएगा। इसकी 40 प्रतिशत धनराशि किसानों को अनुुदान के रूप में मिलेगी। अनुदान की धनराशि दो किस्तों में डीबीटी के माध्यम से किसानों के खाते में जाएगी। गत वर्ष की अपेक्षा खेती का रकबा जरूर कम हुआ है, लेकिन किसानों की संख्या बढ़ी है। जिले में कुल 50 से अधिक किसान केला की खेती करते हैं। अबकी बार आवेदन करने वाले किसानों की संख्या 65 हो गई है। सुरियावां के महुआपुर निवासी किसान दशरथ मिश्र का कहना है कि वे परंपरागत खेती छोड़ कर तकरीबन एक हेक्टेयर में केले की खेती करते हैं। इससे अच्छी आमदनी होती है। केले की खेती के लिए उद्यान विभाग से भी समय-समय पर मार्गदर्शन और मदद मिलती रहती है। जिला उद्यान अधिकारी सुनील तिवारी का कहना है कि शासन ने 15 हेक्टेयर में केला की खेती करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए किसानों के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। किसानों को केला की खेती करने के लिए अनुदान भी दिया जाता है। पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर किसानों का चयन होगा।
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कालीन नगरी में किसान केला की खेती से अच्छी कमाई कर रहे हैं। अधिकांश किसान परंपरागत खेती छोड़ कर अत्याधुनिक खेती की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। बीते साल 20 हेक्टेयर में केला की खेती की गई थी, लेकिन इस साल शासन ने केला की खेती का रकबा पांच हेक्टेयर कम कर 15 हेक्टेयर कर दिया है। योजना के लाभ के प्रथम आवक प्रथम पावक की तर्ज पर किसानों का चयन किया जाएगा। विभाग के मुताबिक केला की एक हेक्टेयर खेती करने पर कुल 102462 रुपये खर्च आएगा। इसकी 40 प्रतिशत धनराशि किसानों को अनुुदान के रूप में मिलेगी। अनुदान की धनराशि दो किस्तों में डीबीटी के माध्यम से किसानों के खाते में जाएगी। गत वर्ष की अपेक्षा खेती का रकबा जरूर कम हुआ है, लेकिन किसानों की संख्या बढ़ी है। जिले में कुल 50 से अधिक किसान केला की खेती करते हैं। अबकी बार आवेदन करने वाले किसानों की संख्या 65 हो गई है। सुरियावां के महुआपुर निवासी किसान दशरथ मिश्र का कहना है कि वे परंपरागत खेती छोड़ कर तकरीबन एक हेक्टेयर में केले की खेती करते हैं। इससे अच्छी आमदनी होती है। केले की खेती के लिए उद्यान विभाग से भी समय-समय पर मार्गदर्शन और मदद मिलती रहती है। जिला उद्यान अधिकारी सुनील तिवारी का कहना है कि शासन ने 15 हेक्टेयर में केला की खेती करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए किसानों के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। किसानों को केला की खेती करने के लिए अनुदान भी दिया जाता है। पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर किसानों का चयन होगा।
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