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Bhadohi News: अकबाल विधि से दूर होंगी किसानों की परेशानी, बिना पानी लहलहाएगी खेत-बगवानी

Thu, 19 Oct 2023 12:51 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 19 Oct 2023 12:51 AM IST
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Akbal method will solve the problems of farmers, farming and gardening will flourish without water
यदि पेशे से किसान हैं, तो आप के लिए अच्छी खबर है। अब आपको फसलों की सिंचाई के लिए नहर या ट्यूबेल के पानी पर निर्भर नहीं रहना होगा। अब कम पानी में भी बेहतर पैदावार हो सकेगी। किसान देशी विधि अपनाकर बिन पानी के ही फसल की उपज करके बेहतर आमदनी कर सकते हैं। जिले के प्रगतिशील किसान राम इकबाल तिवारी उर्फ कंदा गुरु ने सिंचाई की देशी विधि तैयार की है। उन्होंने पांच सालों तक खुद विभिन्न फसलों पर प्रयोग कर बेहतर पैदावार किया। आज उनकी पहचान कृषि विशेषज्ञ के रूप में है। वह देश के कई प्रांतों में जाकर अपनी देशी विधि किसानों से साझा कर रहे हैं।
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राम इकबाल ने बताया कि एक किसान के लिए उनकी फसल ही साल भर की जमा पूंजी होती है। धूप, धूल, ओले और आंधी से बचाकर किसान अपनी आजीविका चलाते हैं। कई बार बेमौसम बारिश तो कई बार अन्य प्राकृतिक कारणों से किसानों की फसलें चौपट होती जाती हैं। हाल फिलहाल किसानों के सामने पानी की बड़ी समस्या खड़ी हुई है। कई सालों से सामान्य से भी कम बरसात ने किसानों के पैदावार को भी प्रभावित किया है। किसान बारिश के अलावा नहर, ट्यूबेल सहित अन्य कृत्रिम साधनों पर निर्भर रहते हैं, जो उनके लिए महंगा होता है। हालांकि अब ऐसा नहीं होगा। देशी विधि से खेती करने पर किसानों की समस्या से समाधान हो जाएगा। बताया कि इस विधि से झारखंड, बुंदेलखंड में सैकड़ों किसानों खेती कर लाभवंति हो रहे हैं। खास बात है कि इस विधि को अपनाकर आर्द्रता दर यानि की जो भी बारिश हुई है उससे ही गेंहू, सरसों, चना, मटर, जौ, धान की फसल की बेहतर पैदावार की जा सकती है। एक दफा अगर बारिश नहीं भी हुई तो किसानों की उपज अच्छी होगी। इस विधि से आर्गेनिक खेती भी कर सकते हैं। जिले में कांवल निवासी ओमकार उपाध्याय राम इकबाल की बताई विधि से खेती कर रहे हैं।
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क्या है खेती की देशी विधि
ज्ञानपुर। किसान राम अकबाल ने बताया कि उन्होंने पांच वर्षों तक इस विधि से खेती कर सफल प्रयोग किया है। बताया कि सिंचाई रहित खेती के लिए हमें एक किलो बबूल का गोद , दो किलो पुराना गुड़ तथा पांच लीटर गोमूत्र लेना है। इसके बाद तीनों को पेस्ट तैयार कर बीज पर एक लेयर कर कोटेड करना होगा। इसके बाद अगले ही दिन खेत में बोआई कर देनी चाहिए। यहां किसान को इस बात का ध्यान रखना है कि खेत में पूरी तरह से नमी होनी चाहिए। इसके अलावा यह भी ध्यान देने की बात है कि बीज देशी होनी चाहिए और खेतों में किसान गोबर की सड़ी हुई खाद का प्रयोग जरूर से करना चाहिए। किसान एक हेक्टेयर में पांच क्विंटल गोबर का उपयोग कर सकते हैं। किसान बीज को कोटेड करने के बाद उसे अगले दिन बुआई से पहले जमीन पर ही बोरे से ढ़क कर रख दें। इससे बीज अच्छी तरीके से अंकुरित होगा और फसलों की पैदावार बेहतर होगी। इसके बाद किसानों को सिंचाई करने की आवश्यकता नहीं है।
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