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कन्या विद्याधन: एक हजार आवेदन मिले अपात्र
Bhadohi
Updated Sat, 17 Nov 2012 12:00 PM IST
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ज्ञानपुर। इंटरमीडिएट उत्तीर्ण करने के बाद कन्या विद्याधन के लिए आए आवेदनों की जांच में अब तक एक हजार ऐसे आवेदन मिले हैं, जो अपात्रता की श्रेणी में आते हैं। विभागीय स्तर से मेरिट का मिलान किया जा रहा है। इसमें 18 हजार सालाना आय वाले परिवार के साथ क्रमश: लाभार्थियों का चयन किया जाएगा। ऐसे में 30 हजार से अधिक आय वाले परिवार की बालिकाओं का चयन करना मुश्किल दिख रहा है।
प्रदेश सरकार की ओर से चलाई गई कन्या विद्याधन योजना के तहत इंटरमीडिएट उत्तीर्ण करने वाली गरीब बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 30 हजार का चेक दिया जाएगा। कन्या विद्याधन योजना के लिए जिले के तीनों तहसीलों से आठ हजार आवेदन विभाग के पास आए थे, लेकिन शासन स्तर से सिर्फ 1109 बालिकाओं को लाभ देने के लिए चयनित किया गया। ऐसे में विभाग को लाभार्थियों का चयन करना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। जिलाधिकारी के निर्देश पर विभाग की ओर से कराए गए सत्यापन में अब तक एक हजार आवेदन ऐसे मिले हैं, जो अपात्रता की श्रेणी में आ रहे हैं। विभागीय आंकड़ों पर गौर करें तो 18 हजार आय वाले परिवार की बालिकाओं से योजना का लाभ देने के लिए चयनित किया जाएगा। शुरुआत में 18 से 21 हजार तक आय वाले परिवार की बालिकाओं का चयन किया जा रहा है। शासन का लक्ष्य पूरा न होने पर आय का आंकड़ा बढ़ा दिया जाएगा। जिला विद्यालय निरीक्षक कमलाकर पांडेय ने कहा कि विभागीय स्तर से बालिकाओं को लाभान्वित करने के लिए लिस्ट बनाई जा रही है।
प्रदेश सरकार की ओर से चलाई गई कन्या विद्याधन योजना के तहत इंटरमीडिएट उत्तीर्ण करने वाली गरीब बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 30 हजार का चेक दिया जाएगा। कन्या विद्याधन योजना के लिए जिले के तीनों तहसीलों से आठ हजार आवेदन विभाग के पास आए थे, लेकिन शासन स्तर से सिर्फ 1109 बालिकाओं को लाभ देने के लिए चयनित किया गया। ऐसे में विभाग को लाभार्थियों का चयन करना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। जिलाधिकारी के निर्देश पर विभाग की ओर से कराए गए सत्यापन में अब तक एक हजार आवेदन ऐसे मिले हैं, जो अपात्रता की श्रेणी में आ रहे हैं। विभागीय आंकड़ों पर गौर करें तो 18 हजार आय वाले परिवार की बालिकाओं से योजना का लाभ देने के लिए चयनित किया जाएगा। शुरुआत में 18 से 21 हजार तक आय वाले परिवार की बालिकाओं का चयन किया जा रहा है। शासन का लक्ष्य पूरा न होने पर आय का आंकड़ा बढ़ा दिया जाएगा। जिला विद्यालय निरीक्षक कमलाकर पांडेय ने कहा कि विभागीय स्तर से बालिकाओं को लाभान्वित करने के लिए लिस्ट बनाई जा रही है।
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