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गैर इरादतन हत्या में तीन को सात साल की सजा
Updated Sun, 30 Jul 2017 01:10 AM IST
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ज्ञानपुर (भदोही)। अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट ने गैर इरादतन हत्या के तीन दोषियों को सात-सात वर्ष कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही और दस हजार अर्थदंड भी लगाया है। दो साल पूर्व खमरिया के खलवापुर में मारपीट के बाद युवक की मौत हो जाने के मामले में कोर्ट ने फैसला सुनाया है।
औराई थाना क्षेत्र के अमरोहा गांव निवासी संतोष जायसवाल पुत्र रामआसरे ने आरोप लगाया था कि छह जून 2015 को उसका भाई पंचम लाल जायसवाल टेंपो चलाने के लिए महराजगंज गया था। देर रात तक घर नहीं आया। बाद में टेंपो लेकर उसका लड़का आशु आया। सुबह मालूम हुआ कि खमरिया के खलवापुर में गए थे, जहां जोखू लाल मौर्य, सुशीला देवी और सुनीता देवी ने मिलकर मेरे भाई पंचम लाल को काफी मारापीटा। इससे उनकी मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने तीनों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 304 के तहत आरोपपत्र न्यायालय में भेजा था। एडीजे मृदुल कुमार मिश्र की अदालत ने जोखूलाल, सुशीला देवी और सुनीता देवी को सात-सात साल सश्रम कारावास और 10 हजार अर्थदंड सुनाया। अभियोजन पक्ष से बहस-पैरवी सहायक शासकीय अधिवक्ता सुधाकर पांडेय ने किया।
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औराई थाना क्षेत्र के अमरोहा गांव निवासी संतोष जायसवाल पुत्र रामआसरे ने आरोप लगाया था कि छह जून 2015 को उसका भाई पंचम लाल जायसवाल टेंपो चलाने के लिए महराजगंज गया था। देर रात तक घर नहीं आया। बाद में टेंपो लेकर उसका लड़का आशु आया। सुबह मालूम हुआ कि खमरिया के खलवापुर में गए थे, जहां जोखू लाल मौर्य, सुशीला देवी और सुनीता देवी ने मिलकर मेरे भाई पंचम लाल को काफी मारापीटा। इससे उनकी मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने तीनों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 304 के तहत आरोपपत्र न्यायालय में भेजा था। एडीजे मृदुल कुमार मिश्र की अदालत ने जोखूलाल, सुशीला देवी और सुनीता देवी को सात-सात साल सश्रम कारावास और 10 हजार अर्थदंड सुनाया। अभियोजन पक्ष से बहस-पैरवी सहायक शासकीय अधिवक्ता सुधाकर पांडेय ने किया।
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