। श्री अन्न (मोटा अनाज) में शामिल बाजरे की खरीद शुरू हुए 23 दिन गुजर गए, लेकिन अब तक क्रय केंद्रों पर बोहनी नहीं हो सकी है। इससे विभाग की चिंता बढ़ गई है। विभाग का मानना है कि अभी फसल तैयार नहीं हो सकी है। नवंबर महीने में खरीद शुरू हो जाएगी।
मोटे अनाजों की पौष्टिकता के दृष्टिगत केंद्र सरकार की ओर से इसकी खेती को बढ़ावा देने के लिए मिलेट्स वर्ष मनाया जा रहा है। किसानों को ज्वार, बाजरा सहित रागी, सावां, कोदो जैसे अन्न की खेती करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। हालांकि विशेषकर बाजरे की बहुतायत मात्रा में हो रही खेती को देखते हुए शासन ने इसकी उपज की खरीद भी क्रय केंद्रों के जरिए कराने की सुविधा दी है। इस साल मूल्य समर्थन योजना में बाजरा की कीमत 2500 रुपये रखी गई है। एक अक्तूबर से बाजरा की निर्धारित मूल्य पर खरीद के लिए विपणन विभाग ने जिले में आठ क्रय केंद्र तय किए हैं। अक्तूबर में 23 दिन बीत गए, लेकिन अभी तक औराई, जंगीगंज, सुरियावां सहित आठ क्रय केंद्रों पर एक भी किसान नहीं पहुंचे। जिला विपणन अधिकारी देवेंद्र सिंह ने बताया कि बाजरे की फसल अब तैयार हुई है। किसान उसे काटकर खलिहान में ला रहे हैं। एक सप्ताह में खरीद शुरू हो जाएगी। उन्होंने बताया कि धान के साथ ही बाजरे की खरीद में तेजी आएगी। बताते चलें कि जिले में चार हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में बाजरे की बोआई की गई है।