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Bhadohi News: 212 गांव संवेदनशील, 22 बाढ़ चौकियां स्थापित
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ज्ञानपुर। जिले में बाढ़ से बचने और बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। जिले में 212 गांवों को बाढ़ की दृष्टि से संवेदनशील श्रेणी में डाला गया है। बाढ़ से निपटने के लिए 22 बाढ़ चौकियां और इतने ही बाढ़ राहत शिविर बनाए गए हैं। वहीं जिला स्तरीय बाढ़ स्टीयरिंग कमेटी का गठन कर लिया गया है।
जिले में गंगा तटीय इलाका करीब 35 किमी है। इसमें से कई गांव ऐसे हैं। जहां गंभीर रूप से बाढ़ की स्थिति बनती है। खासकर डीघ ब्लॉक के कोनिया क्षेत्र के छेछुआ, भुर्रा, इटहरा और मवैया थानसिंह, हरिरामपुर जैसे क्षेत्र बाढ़ की दृष्टिकोण से संवेदनशील की श्रेणी में हैं। हालांकि यहां पर कटान की समस्या हर साल बनी रहती है। कोनिया क्षेत्र में गंगा का घुमाव होने के कारण जब-जब तेज हवाएं चलती हैं तो गंगा की लहरें तटों से टकराने पर कटान की स्थिति बनती है। इसी तरह औराई क्षेत्र कुछेक इलाके बाढ़ के लिए संवेदनशील होते हैं। मानसून से पहले ही जिला प्रशासन ने बाढ़ के लिए तैयारियां तेज कर दी है। जिसमें बाढ़ को देखते हुए 212 गांवों को संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। इसके अलावा बाढ़ चौकियां 22, बाढ़ राहत शिविर 22, बाढ़ चौकी से संबंध सभी 212 गांव में 40 छोटी नाव, 15 बड़ी नाव, 10 मझौली नाव, गोताखोर 13 की ड्यूटी लगाई गई है। वहीं कलेक्ट्रेट कंट्रोल रूम भी स्थापित किया किया गया है। बाढ़ को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है।
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बाढ़ की तैयारियों के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में सभी विभागों के साथ बैठक की जा चुकी है। उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा चुके हैं। आने वाले समय में बाढ़ जैसी संभावनाएं बनने पर हर तरह से तैयारियां पुख्ता हैं।
- कुंवर वीरेन्द्र मौर्य, एडीएम, वित्त एवं राजस्व।
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जिले में गंगा तटीय इलाका करीब 35 किमी है। इसमें से कई गांव ऐसे हैं। जहां गंभीर रूप से बाढ़ की स्थिति बनती है। खासकर डीघ ब्लॉक के कोनिया क्षेत्र के छेछुआ, भुर्रा, इटहरा और मवैया थानसिंह, हरिरामपुर जैसे क्षेत्र बाढ़ की दृष्टिकोण से संवेदनशील की श्रेणी में हैं। हालांकि यहां पर कटान की समस्या हर साल बनी रहती है। कोनिया क्षेत्र में गंगा का घुमाव होने के कारण जब-जब तेज हवाएं चलती हैं तो गंगा की लहरें तटों से टकराने पर कटान की स्थिति बनती है। इसी तरह औराई क्षेत्र कुछेक इलाके बाढ़ के लिए संवेदनशील होते हैं। मानसून से पहले ही जिला प्रशासन ने बाढ़ के लिए तैयारियां तेज कर दी है। जिसमें बाढ़ को देखते हुए 212 गांवों को संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। इसके अलावा बाढ़ चौकियां 22, बाढ़ राहत शिविर 22, बाढ़ चौकी से संबंध सभी 212 गांव में 40 छोटी नाव, 15 बड़ी नाव, 10 मझौली नाव, गोताखोर 13 की ड्यूटी लगाई गई है। वहीं कलेक्ट्रेट कंट्रोल रूम भी स्थापित किया किया गया है। बाढ़ को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है।
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बाढ़ की तैयारियों के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में सभी विभागों के साथ बैठक की जा चुकी है। उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा चुके हैं। आने वाले समय में बाढ़ जैसी संभावनाएं बनने पर हर तरह से तैयारियां पुख्ता हैं।
- कुंवर वीरेन्द्र मौर्य, एडीएम, वित्त एवं राजस्व।