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ऊंज-मुंगरहा में पहुंची स्वास्थ्य टीम
Updated Thu, 03 Aug 2017 12:42 AM IST
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ऊंज (भदोही)। ऊंज-मुंगरहा गांव में डेंगू का मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया। बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की दो टीमों ने मौके पर जाकर पीड़ित के घर-परिवार के हालात का जायजा लिया। इस दौरान ग्रामीणों ने गांव में गंदगी के कारण बीमारियों के पांव पसारने की बात कही। दोनों टीमों ने गांव में डेंगू के लिए जिम्मेदार कारकों की पड़ताल की।
ऊंज-मुंगरहा गांव निवासी राधेश्याम मिश्र (75) के घरवालों के मुताबिक उन्हें डेंगू हो गया है। उनका उपचार इलाहाबाद के एक निजी अस्पताल में चल रहा है। परिवारीजनों ने बताया कि चिकित्सकीय जांच में उन्हें डेंगू होने की पुष्टि हुई है। यह खबर बुधवार को अमर उजाला में प्रकाशित होने के बाद स्वास्थ्य महकमे के कान खड़े हो गए। सीएमओ के निर्देश पर डीघ सीएचसी के प्रभारी डॉ. गुलाब शंकर यादव की अगुवाई में चार चिकित्सकों की एक टीम गांव में पहुंची। टीम ने पीड़ित के घर पहुंचकर डेंगू फैलाने वाले कारकों की पड़ताल की। कूलर के पानी के साथ-साथ आसपास के गड्ढों और नालियों का भी जायजा लिया गया कि कहीं पानी तो नहीं जमा हो रहा है। इसके बाद, जिला मुख्यालय से भी चार चिकित्सकों की एक टीम ने पहुंचकर जायजा लिया। ग्रामीणों ने कहा कि गांव में काफी गंदगी है। पीड़ित परिवार के लोग जिस कुएं का पानी पीते हैं, उसकी जांच की गई तो उसमें कीड़े मिले। ग्रामीणों ने कहा कि बस्ती में एक गड़्ढा है जो प्रदूषित है। लोगों का कहना है कि गड़्ढे में मरे हुए जानवरों के अवशेष फेंक दिए जाते हैं। इससे आबोहवा प्रदूषित हो जाती हैं। चिकित्सकों ने कहा कि बृहस्पतिवार को भी चिकित्सकों की टीम जांच करेगी।
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ऊंज-मुंगरहा गांव निवासी राधेश्याम मिश्र (75) के घरवालों के मुताबिक उन्हें डेंगू हो गया है। उनका उपचार इलाहाबाद के एक निजी अस्पताल में चल रहा है। परिवारीजनों ने बताया कि चिकित्सकीय जांच में उन्हें डेंगू होने की पुष्टि हुई है। यह खबर बुधवार को अमर उजाला में प्रकाशित होने के बाद स्वास्थ्य महकमे के कान खड़े हो गए। सीएमओ के निर्देश पर डीघ सीएचसी के प्रभारी डॉ. गुलाब शंकर यादव की अगुवाई में चार चिकित्सकों की एक टीम गांव में पहुंची। टीम ने पीड़ित के घर पहुंचकर डेंगू फैलाने वाले कारकों की पड़ताल की। कूलर के पानी के साथ-साथ आसपास के गड्ढों और नालियों का भी जायजा लिया गया कि कहीं पानी तो नहीं जमा हो रहा है। इसके बाद, जिला मुख्यालय से भी चार चिकित्सकों की एक टीम ने पहुंचकर जायजा लिया। ग्रामीणों ने कहा कि गांव में काफी गंदगी है। पीड़ित परिवार के लोग जिस कुएं का पानी पीते हैं, उसकी जांच की गई तो उसमें कीड़े मिले। ग्रामीणों ने कहा कि बस्ती में एक गड़्ढा है जो प्रदूषित है। लोगों का कहना है कि गड़्ढे में मरे हुए जानवरों के अवशेष फेंक दिए जाते हैं। इससे आबोहवा प्रदूषित हो जाती हैं। चिकित्सकों ने कहा कि बृहस्पतिवार को भी चिकित्सकों की टीम जांच करेगी।
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