{"_id":"59861adf4f1c1b0b028b4666","slug":"181501960927-bhadohi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दहेज हत्या में पति को आजीवन कारावास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दहेज हत्या में पति को आजीवन कारावास
Updated Sun, 06 Aug 2017 12:56 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ज्ञानपुर (भदोही)। जिला एवं सत्र न्यायालय ने दहेज हत्या मामले में पति को आजीवन कारावास जबकि सास-ससुर को 10-10 साल का कारावास और तीन हजार अर्थदंड की सजा सुनाई। छह साल पूर्व कोइरौना के निबिहां गांव में हुई घटना में कोर्ट ने यह फैसला सुनाया।
घटना के मुताबिक, हरिमंगल यादव निवासी इटहरा इब्राहिमपुर ने आरोप लगाया था कि उसकी बहन सिंधौरा देवी की शादी कोइरौना के निबिहां गांव निवासी रविशंकर यादव पुत्र रोशन यादव के साथ हुई थी। आरोप था कि शादी में जरूरत के हिसाब से दहेज देने के बाद भी ससुराल पक्ष के लोग दहेज में एक लाख रुपये और चैन की मांग करते थे। मांग को लेकर कई बार उनकी बहन को मारापीटा गया। दो जुलाई 2011 की रात में उसकी बहन को जलाकर मार दिया गया। मायकेवालों का आरोप था कि हत्या में रवि यादव, रोशन, मीना देवी, राकेश कुमार, शिवमंगल और उर्मिला देवी निवासी निबिहां शामिल थे। इस मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। दोनों पक्षों के गवाहों और बयान सुनने के बाद जिला जज कुलदीप कुमार की अदालत ने दोषी पति रविशंकर को आजीवन कारावास जबकि पिता रोशनलाल और माता मीना देवी को 10-10 साल की सजा सुनाई। सुनवाई के दौरान राकेश कुमार, शिवमंगल और उर्मिला देवी दोषमुक्त हो गए।
विज्ञापन
घटना के मुताबिक, हरिमंगल यादव निवासी इटहरा इब्राहिमपुर ने आरोप लगाया था कि उसकी बहन सिंधौरा देवी की शादी कोइरौना के निबिहां गांव निवासी रविशंकर यादव पुत्र रोशन यादव के साथ हुई थी। आरोप था कि शादी में जरूरत के हिसाब से दहेज देने के बाद भी ससुराल पक्ष के लोग दहेज में एक लाख रुपये और चैन की मांग करते थे। मांग को लेकर कई बार उनकी बहन को मारापीटा गया। दो जुलाई 2011 की रात में उसकी बहन को जलाकर मार दिया गया। मायकेवालों का आरोप था कि हत्या में रवि यादव, रोशन, मीना देवी, राकेश कुमार, शिवमंगल और उर्मिला देवी निवासी निबिहां शामिल थे। इस मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। दोनों पक्षों के गवाहों और बयान सुनने के बाद जिला जज कुलदीप कुमार की अदालत ने दोषी पति रविशंकर को आजीवन कारावास जबकि पिता रोशनलाल और माता मीना देवी को 10-10 साल की सजा सुनाई। सुनवाई के दौरान राकेश कुमार, शिवमंगल और उर्मिला देवी दोषमुक्त हो गए।
विज्ञापन